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‘अयोध्या में जन्में हैं श्रीराम’, गाने से 2005 में रोका गया था, गा रही थी और बोले कट-कट-कट…मालिनी अवस्थी का आरोप

मालिनी अवस्थी का आरोप है कि अधिकारियों ने कहा था हमें दिक्कत नहीं है हम ऊपर से आने वाले ऑर्डर को फॉलो कर रहे हैं। मालिनी अवस्थी इसके बाद बिना रिकॉर्डिंग किए ही गुस्से में वापस लौट आईं थीं।

malini awasthi, ram, ayodhyaलोक गायिका मालिनी अवस्थी (Photo-Indian Express)

लोक गायिकी के क्षेत्र में मालिनी अवस्थी का देशभर में कोई सानी नहीं है। उन्होंने लोक गीतों को बढ़ाने में बहुत बड़ा योगदान दिया है। पूर्व में उन्हें दूरदर्शन के कार्यक्रम में भी लोकगीतों को गाने के लिए आमंत्रित किया जाता था। इसी तरह एक बार मालिनी अवस्थी को दूरदर्शन के एक कार्यक्रम के लिए बुलाया गया था। जब उन्होंने राम भजन गाना शुरू किया जिसमें राम के अयोध्या में जन्म का वर्णन था तो उन्हें गाने से रोक दिया गया। मालिनी अवस्थी का आरोप है कि उनके गाने के बीच ही कट बोल दिया गया और कहा गया कि अगर यही गाना है तो आप यह बात हटा दीजिए कि राम अयोध्या में जन्में हैं।

मालिनी अवस्थी न्यूज नेशन के ‘उत्तर प्रदेश कॉन्क्लेव’ में बोल रहीं थीं जहां उन्होंने 2005 की इस घटना का ज़िक्र करते हुए कहा, ‘एक समय था जब मैं दिल्ली दूरदर्शन में रिकॉर्डिंग के लिए आमंत्रित की गई। आधे घंटे की रिकॉर्डिंग थी मैंने कहा कि एक होली गीत हो। चैत (मार्च) का मौसम था तो मैंने कहा कि रामजन्म की चैती सुनाऊंगी।’

मालिनी अवस्थी ने आगे कहा, ‘रिकॉर्डिंग शुरू हुई, गाना था- लिहले अयोध्या में जन्म रघुरैया हो राम। मैं गा रही थी कि तभी कट, कट कट बोला गया। मैं बिलकुल हतप्रभ रह गई। ये बात 2005 की है। वो आए और उन्होंने कहा कि आप कुछ और गा सकती हैं। मैंने पूछा इसमें दिक्कत क्या है? उन्होंने कहा कि आप चैती गाइए, चैती में खराबी नहीं लेकिन ये मत गाइए।’

 

मालिनी अवस्थी ने कहा कि उन्हें कहा गया कि अगर वो यही चैती गाना चाहती हैं तो इसमें कुछ बातें हटाकर गाएं। उन्होंने बताया, ‘मैंने उनसे कहा कि हमारे यहां तो पूरी चैती भर यह गाया जाता है तो उन्होंने कहा कि फिर आप ये बात हटा दीजिए कि राम अयोध्या में जन्में हैं। मैं दंग रह गई और मैंने कहा कि मैं रिकॉर्डिंग नहीं कर पाऊंगी। आप इस पर कंट्रोल नहीं कर सकते और इसमें विवाद की बात कहां हैं।’

 

मालिनी अवस्थी ने बताया कि अधिकारियों का कहना था कि हमें दिक्कत नहीं है हम ऊपर से आने वाले ऑर्डर को फॉलो कर रहे हैं। मालिनी अवस्थी इसके बाद बिना रिकॉर्डिंग किए ही गुस्से में वापस लौट आईं थीं।

 

इस बात का जिक्र मालिनी अवस्थी ने 2018 में भी किया था। उन्होंने ट्विटर पर एक ट्वीट के माध्यम से कहा था, ‘इमरजेंसी चाहे सिर्फ 21 महीनों के लिए लागू की गई हो लेकिन उसका असर बरसो रहा। 2005 में मैं दूरदर्शन में रिकॉर्डिंग के लिए आमंत्रित थी। चैत का महीना था, मैने भगवान रामजन्म के वर्णन की चैती प्रारंभ की कि तुरंत अधिकारी बोले, राम छोड़ कुछ और गाइए। क्रोध में मैं रिकॉर्डिंग छोड़ बाहर आ गई।’

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