शुभ काम में देरी क्यों? राज्यपाल सत्यपाल मलिक के पद छोड़ने वाले बयान पर फ़िल्ममेकर का तंज़; जावेद अख़्तर को भी घेरा

सत्यपाल मलिक के पद छोड़ने वाले बयान पर अशोक पंडित ने तंज कसा है।

Uttar Pradesh, Yogi Adityanath
मेघालय के गवर्नर सत्यपाल मलिक (फोटो- इंडियन एक्सप्रेस)

मेघालय के राज्यपाल सत्यपाल मलिक इन दिनों खूब सुर्खियों में हैं। किसान आंदोलन के बहाने वे अक्सर मोदी सरकार पर तीखी टिप्पणी करते नजर आ रहे हैं। बीते दिनों कृषि कानूनों की वापसी के फैसले पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा था कि मोदी सरकार ने कानून वापस लेकर बड़ा दिल दिखाया, लेकिन ये फैसला और पहले करते तो अच्छा होता।

राज्यपाल सत्यपाल मलिक की एक के बाद एक तीखी टिप्पणी के बीच सोशल मीडिया पर एक वर्ग उनके इस्तीफे की मांग भी कर रहा है। इसी बीच मलिक ने कहा है कि जब उन्हें ( जिन्होंने उन्हें इस पद को संभालने का अधिकार दिया है) लगेगा कि उनका भी यही विचार है, तो वे फौरन इस्तीफा दे देंगे।

सत्यपाल मलिक के इस बयान पर फिल्ममेकर अशोक पंडित ने कटाक्ष किया है। मलिक के बयान को री-ट्वीट करते हुए उन्होंने कहा- ‘शुभ काम में देरी क्यों? देश के हित में आपको तुरंत इस्तीफ़ा दे देना चाहिए!’

बीते दिनों अशोक पंडित ने एक और पोस्ट किया था, जिसमें उन्होंने सत्यपाल मलिक के उस बयान पर गुस्सा जाहिर किया था, जिसमें मलिक ने कहा था कि अगर पीएम नरेंद्र मोदी ने कृषि कानूनों को वापस नहीं लिया होता तो उनका हाल भी इंदिरा गांधी और जनरल डायर जैसा होता। इस बयान पर गुस्सा जाहिर करते हुए पंडित ने लिखा था कि मलिक को अपने इस गैर-जिम्मेदाराना बयान के लिए इस्तीफा देना चाहिए।’

ममता बनर्जी और जावेद अख्तर की तस्वीर को शेयर कर कसा तंज: अशोक पंडित ने एक और पोस्ट किया जिसमें ममता बनर्जी और जावेद अख्तर नजर आ रहे हैं। इस तस्वीर को शेयर करते हुए अशोक पंडित ने कहा- ‘काश…जावेद साहब ममता बनर्जी से पोस्ट असेंबली इलेक्शन हिंदुओं के नरसंहार और निर्वासन के बारे में पूछ रहे होंगे! वैसे सोचने में क्या जाता है?’ इस तस्वीर पर ढेरों लोगों के कमेंट आने शुरू हो गए।

विशाल मित्तल नाम के यूजर ने कहा- ‘आप गलत समझ रहे हैं, अख्तर साहब शायद मोहतरमा को डांट रहे हैं और समझा रहे हैं कि बंगाल में हिन्दुओं के संहार ऐसे खुलेआम करने के बजाय अगर वो उनसे सलाह कर लेतीं तो उन्हें एक शानदार स्क्रिप्ट दे देते। उस पर धर्मनिरपेक्षता का एक झूठा, परंतु सुंदर बुर्का पहना देते।’

विनय शर्मा नाम के यूजर ने कहा- ‘सत्य और न्याय, यह शब्द इन्हें शोभा नहीं देते..।’ एक यूजर ने लिखा, ‘बीजेपी के कार्यकर्ताओं से प्रतिशोध में झुलसे आप CAA के विरुद्ध खड़े होकर अफ़ग़ानिस्तान-बांग्लादेश में हिन्दुओं और सिखों पर हुए जुल्म पर चुप रहे। आपकी सत्य और न्याय से निष्ठा सिर्फ़ उतनी है जितनी बिल्ली की चूहे से।’

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