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कई फिल्मों को विवाद का सामना करना पड़ रहा है

फिल्मों का विवादों से चोली-दामन का साथ रहा है। 1921 की मूक फिल्म ‘भक्त विदुर’ सिर्फ इसलिए विवादित हुई कि अंग्रेजों को उसका नायक महात्मा गांधी की तरह नजर आता था। तब से अब तक फिल्में किसी न किसी कारण से विवाद का शिकार होती रही हैं। इस समय निर्माणाधीन कई फिल्में भी विवाद का शिकार हो रही है। किसी पर उसके नाम के कारण लोगों की भृकुटि तन रही है, तो कोई लोगों की भावनाएं आहत करने के नाम पर विवाद का शिकार बन रही है। ऐसी ही कुछ विवाद का शिकार हुई फिल्मों पर एक नजर।

अक्षय कुमार।

आरती सक्सेना

फिल्मी दुनिया प्रचार की दुनिया है। यहां बद अच्छा, बदनाम और अच्छा की कहावत चलती है। प्रचार फिल्म के पक्ष में हो या उसके खिलाफ, फायदा फिल्मों को मिलता है। विवाद जितनी चर्चा पैदा करते हैं उतनी चर्चा मीडिया में करवाने के लिए निर्माता को करोड़ों रुपए खर्च करने पड़ेंगे। विवाद लोगों का ध्यान आकर्षित करने का काम करते हैं। लेकिन विवाद से फिल्में आबाद होती हैं, तो बरबाद भी होती हैं।

विवाद से नुकसान

विवाद का नुकसान भी फिल्मों को उठाना पड़ा है। आपातकाल के दौरान ‘किस्सा कुरसी का’ के सारे प्रिंट जला दिए गए थे। इसे फिर से बनाया गया। मगर बॉक्स आॅफिस पर यह नहीं चली। अनुराग कश्यप की पहली फिल्म ‘पांच’ (2003) आज तक रिलीज नहीं हो पाई। हिंसा और अभद्र भाषा के आधार पर सेंसर बोर्ड ने फिल्म पर प्रतिबंध लगा दिया। मुंबई बम विस्फोट पर बनी कश्यप की फिल्म ‘ब्लैक फ्राइडे’ का भी यही हश्र हुआ। दीपा मेहता की ‘फायर’ को विवाद के चलते नुकसान उठाना पड़ा।

श्रीराम राघवन की फिल्म ‘पिंक मिरर’ के प्रदर्शन पर भी प्रतिबंध लगा। शेखर कपूर की फूलन देवी पर बनी फिल्म ‘बैंडिट क्वीन’ को भी विवादों का सामना करना पड़ा। कैटरीना कैफ की पहली फिल्म ‘बूम’ गुलशन ग्रोवर और कैटरीना कैफ के कथित चुंबन सीन के कारण खूब चर्चित हुई, जिसे फिल्म से निकाल दिया गया था।कश्मीर की पृष्ठभूमि पर बनी ‘लम्हा’ को तो दुबई, पाकिस्तान, बहरीन, कुवैत में प्रतिबंध का सामना करना पड़ा।

विवाद से फायदा

लेकिन ऐसा नहीं है कि हमेशा विवाद के कारण फिल्में बरबाद ही हुईं। विवाद ने फिल्मों और इससे जुड़े लोगों को आबाद भी किया। 1970 के दशक में बीआर इशारा की फिल्म ‘चेतना’ ने बोल्ड विषय के कारण देश भर में हंगामा मचा दिया था। फिल्म को तब बॉक्स आॅफिस पर बड़ी कामयाबी नहीं मिली हो मगर फिल्मजगत में बीआर इशारा, अनिल धवन और रेहाना सुलतान को इससे बहुत फायदा हुआ था। शशिलाल नायर की सामान्य-सी फिल्म ‘एकछोटी सी लव स्टोरी’ इसकी हीरोइन मनीषा कोइराला और निर्देशक शशिलाल नायर के बीच ‘कथित तौर पर बिना अनुमति फिल्माए दृश्य’ के विवाद से खूब चर्चित हुई और इसका फायदा उसे बॉक्स आॅफिस पर मिला।

जारी है विवाद

विवाद हर दौर में जारी रहे हैं और अभी भी कई निर्माणाधीन फिल्में ऐसी हैं जिन्हें विवाद का सामना करना पड़ रहा है। इन फिल्मों को अभी दर्शकों के सामने पहुंचना है। अक्षय कुमार की प्रमुख भूमिकावाली फिल्म ‘पृथ्वीराज’ के नाम पर विवाद खड़ा हो गया है। चंड़ीगढ़ के अखिल भारतीय क्षत्रिय दल ने फिल्म के नाम पर एतराज जताते हुए अक्षय कुमार के पुतले फूंक दिए। दल का एतराज है कि निर्माता सम्मान के साथ इस राजपूत राजा का नाम लिखे। करीना कपूर को भी इन दिनों विवाद का सामना करना पड़ रहा है।

करीना कपूर को एक फिल्म में सीता की भूमिका निभाने का प्रस्ताव आया जिसके लिए उन्होंने 12 करोड़ की फीस मांगी। विवाद तब शुरू हुआ जब कुछ धार्मिक संगठनों ने इस बात को लेकर एतराज जताया कि करीना कपूर सीता की भूमिका कर रही हैं। उनका कहना था कि सैफ अली खान से शादी करने वाली करीना कपूर तो मुसलिम हैं और वे सीता की भूमिका कैसे निभा सकती हैं।

शेखर कपूर की फिल्म ‘पानी’ भी विवाद का शिकार हुई है। इसमें पहले ऋत्विक रोशन काम करने वाले थे। ऋत्विक के फिल्म छोड़ने के बाद फिल्म में सुशांत सिंह राजपूत को लिया गया था। राजपूत के आने के बाद उन्हें छोटा हीरो बता कर फिल्म के वितरक बाहर निकल गए। सलमान खान की फिल्म ‘कभी ईद कभी दिवाली’ का नाम भी बदल कर ‘भाईजान’ करना पड़ा है। इसी तरह ‘पद््मावत’, ‘बिल्लू’ से लेकर अक्षय कुमार की ‘लक्ष्मी’ का नाम भी बदलना पड़ा था।

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