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मेरे ऊपर कर रखे हैं इतने मुकदमे,12 साल रहूंगा तिहाड़ में- बोले राकेश टिकैत, अबकी रोकियो…

राकेश टिकैत का कहना है कि अब वो संसद तक जाएंगे और वहां पार्कों में फसल उपजाएंगे। उन्होंने कहा कि इसके बाद उन्हें 12 सालों तक जेल...

farmers protest, rakesh tikait, rakesh tikait on sansad marchकिसान नेता राकेश टिकैत (Photo- PTI/File)

किसान आंदोलन का प्रमुख चेहरा राकेश टिकैत इन दिनों अलग- अलग राज्यों में किसान महापंचायतों में हिस्सा ले रहे हैं। अपने संबोधन में वो लगातार सरकार को चुनौती दे रहे हैं। हाल ही में उन्होंने एक सभा को संबोधित करते हुए कहा था कि कान खोल कर सुन लो दिल्ली, ये किसान भी वही हैं और ट्रैक्टर भी वही होंगे। इस बार संसद का आह्वान होगा। कहकर जाएंगे दिल्ली पर। इस बार चार लाख नहीं चालीस लाख ट्रैक्टर जाएंगे। हालांकि इस विशाल ट्रैक्टर रैली का आयोजन कब किया जाएगा, इसकी कोई घोषणा नहीं की गई है।

इस बीच राकेश टिकैत मीडिया से लगातार बातचीत करते रहे हैं। हाल ही में उन्होंने आज तक से बातचीत की। जब उनसे ये पूछा गया कि संसद तक ट्रैक्टर रैली निकालने के दौरान अगर कोई अशांति हुई तो उन पर मुकदमा भी हो सकता है तो उनका जवाब था, ‘हमें तो पता है कि मुकदमा चलेगा और उसके बाद मैं जेल में रहूंगा 12 साल। 12- 13 साल मुझे तिहाड़ में रहना है। कम से कम ये किसान तो आजाद हो जाएंगे।’

राकेश टिकैत ने आगे कहा, ‘इतने मुकदमे लगा रखे हैं। मुकदमे लड़ेंगे और जेल में भी नही रहना पड़ेगा?  ये कौन सा कानून है कि मुक़दमे भी लड़ेंगे और जेल भी नहीं जाना पड़ेगा? ये किसान आजाद हो जाएगा, ये किसानों के आजादी की लड़ाई है।’ राकेश टिकैत ने कहा कि देश में अब हल क्रांति होगी।

उन्होंने कहा कि अब वो संसद तक जाएंगे और वहां पार्कों में फसल उपजाएंगे। वो बोले, ‘ लाला बहादुर शास्त्री ने भी कहा था कि देश में गेहूं की कमी है, इन पार्कों में गेहूं उत्पादन  करो, अब उनमें फसल पैदा होगी बढ़िया, ट्रैक्टर चलेंगे। अबकी रोकियो।’

सरकार और किसानों के बीच 11 दौर की बातचीत के बाद लंबे समय से बातचीत ठप्प पड़ी है। राकेश टिकैत का इस मुद्दे पर कहना है कि वो तैयार हैं बातचीत के लिए। लेकिन उनका कहना ये भी है कि बातचीत के दौरान MSP की बात हो, उस पर कानून बनाने की बात हो।

 

वो बोले, ‘देर हम नही कर रहे, पुराना काम तो सरकार को करना है। हम तो तैयार बैठे हैं, हमारे लोग तैयार बैठे हैं। बातचीत करो, एमएसपी पर कानून बनाओ। देश के किसान को तभी फायदा होगा। ये किसान अब लूटेगा नहीं।’

 

राकेश टिकैत के भाई और भारतीय किसान यूनियन के अध्यक्ष नरेश टिकैत भी इस आंदोलन में खूब सक्रिय हैं। बुधवार को उन्होंने एक बयान दिया, जिस पर राजनीतिक हलकों में खूब चर्चा हो रही है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को पिंजरे का तोता बनाकर रखा है। अगर सरकार उन्हें आजाद कर किसानों से बातचीत करने दे तो किसान आंदोलन का समाधान तुरंत हो जाएगा। लेकिन यह सरकार जिद्दी है।

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