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पूरे देश में जाएंगे हम, गुजरात को करवाएंगे आज़ाद- बोले राकेश टिकैत; अपनी अगली रणनीति भी बताई

राकेश टिकैत का कहना है कि गुजरात अभी आज़ाद नहीं हुआ है और वो उसे आज़ाद करवाएंगे। राजनीति में आने के सवाल पर उनका कहना था कि किसान आंदोलन में राजनीति....

राकेश टिकैत का कहना है कि गुजरात के लोगों को आंदोलन में शामिल होने से रोका जा रहा है (फाइल फोटो)

किसान आंदोलन समय के साथ और गति पकड़ता जा रहा है। संयुक्त किसान मोर्चा ने आज हरियाणा के बहादुरगढ़ में किसान महापंचायत बुलाई थी जिसमें किसान नेता और भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता राकेश टिकैत ने भी हिस्सा लिया था। महापंचायत के दौरान बोलते हुए राकेश टिकैत ने दोहराया कि बिना कृषि कानूनों को वापस करवाए वो अपने घर नहीं लौटेंगे। इसी दौरान राकेश टिकैत ने मीडिया से भी बातचीत की और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गृहराज्य गुजरात को लेकर कहा कि वो आंदोलन को वहां भी ले जाएंगे। अपनी अगली रणनीति के बारे में बोलते हुए उनका कहना था कि वो आंदोलन को पूरे देश में फैलाएंगे।

राकेश टिकैत का कहना है कि गुजरात अभी आज़ाद नहीं हुआ है और वो उसे आज़ाद करवाएंगे। पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए वो बोले, ‘पूरे देश में जाएंगे हम, गुजरात को आज़ाद करवाना है। गुजरात अभी आज़ाद नहीं हुआ है। गुजरात में भी जाएंगे, इसकी तारीख तय की जा रही है।’ जब उनसे पूछा गया कि वो किसान रहते हुए ही गुजरात को आज़ाद करवाने की बात कर रहे हैं या फिर उनकी मंशा राजनीति में आने की है तो उनका जवाब था, ‘राजनीति से कोई मतलब नहीं है। इस आंदोलन में राजनीति न तलाश करें।’

महापंचायत में बोलते हुए भी राकेश टिकैत ने गुजरात का नाम लिया और कहा, ‘हम राष्ट्रव्यापी मार्च करेंगे, गुजरात जाएंगे और उसे आज़ाद करेंगे। वो केंद्र द्वारा नियंत्रित है। अगर वहां के लोग आंदोलन में शामिल होना चाहते हैं तो उन्हें जेल हो जाती है।’ अपने संबोधन के दौरान राकेश टिकैत ने नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि गौर करने वाली बात ये है कि भारत का प्रधानमंत्री बनने से पहले नरेंद्र मोदी ने 2001 से 2014 तक गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में कार्य किया है।

आपको बता दें कि केंद्र के तीन कृषि कानूनों के खिलाफ पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश आदि राज्यों से आए किसान दिल्ली की अलग अलग सीमाओं पर 26 नवंबर 2020 से प्रदर्शन कर रहे हैं। इस आंदोलन को तेज करने में राकेश टिकैत की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

आंदोलन को तेज करने के मकसद से उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब में लगातार महापंचायत किया जा रहा है। इस बीच राकेश टिकैत यह भी कहते रहे हैं कि वो केंद्र सरकार से बातचीत को हमेशा तैयार हैं लेकिन कृषि कानूनों को वापस करवाने की अपनी मांग से नहीं हटेंगे।

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