ताज़ा खबर
 

कैमरा जिसके नाम के साथ जुड़ा : निमाई घोष

निमाई घोष आए तो थे अभिनय करने, लेकिन किस्मत खींचकर उन्हें फोटोग्राफी में ले गई। उन्होंने अभिनेता उत्पल दत्त और रवि घोष के साथ नाटक भी किया था।

Author Published on: March 27, 2020 1:21 AM
स्मिता पाटील और ओमपुरी अभिनीत सत्यजित राय की हिंदी फिल्म ‘सद्गति’ के भी निमाई घोष छायाकार रहे।

जयनारायण प्रसाद

निमाई घोष एक प्रसिद्ध भारतीय फोटोग्राफर हैं जो सत्यजीत राय के साथ काम करने के लिए जाने जाते हैं। सत्यजित राय के दो दशक से भी अधिक समय तक फोटोग्राफर रहे निमाई घोष का निधन अब एक इतिहास है। 1969 से 1991 यानी सत्यजित राय की आखिरी बांग्ला फिल्म ‘आगंतुक’ तक निमाई घोष उनके व्यक्तिगत और उनकी फिल्मों के आधिकारिक छायाकार रहे। 2007 में वे राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समिति के निर्णायक रहे। 2010 में उन्हें भारत सरकार द्वारा ‘ पद्मश्री’ पुरस्कार से नवाजा गया।

स्मिता पाटील और ओमपुरी अभिनीत सत्यजित राय की हिंदी फिल्म ‘सद्गति’ के भी निमाई घोष छायाकार रहे। प्रेमचंद की कहानी पर बनीं यह फिल्म देश-विदेश में अनेक फिल्म समारोहों में प्रदर्शित की गई। निमाई घोष सत्यजित राय की ज्यादातर फिल्मों के फोटोग्राफर रहे। राय के साथ वे 1969 में उनकी बांग्ला फिल्म ‘गुपी गाइन बाघा बाइन’ से जुड़े और उनकी आखिरी फिल्म ‘आगंतुक’ (1991) तक साथ रहे।

निमाई घोष आए तो थे अभिनय करने, लेकिन किस्मत खींचकर उन्हें फोटोग्राफी में ले गई। उन्होंने अभिनेता उत्पल दत्त और रवि घोष के साथ नाटक भी किया था। फिर, फोटोग्राफी में वे ऐसे रमे कि लौटकर अभिनय की तरफ नहीं देखा और कैमरा निमाई घोष का हमसफर और हमसाया बन गया।

दिल्ली आर्ट गैलरी ने निमाई घोष के तकरीबन एक लाख निगेटिव फोटो को डिजीटाइज्ड किया है। उनके छायाचित्रों की एक प्रदर्शनी कोलकाता के सेंट जेवियर्स समेत कई जगहों पर हुई। गुजरात के कच्छ, छत्तीसगढ़ के बस्तर और ओड़िशा के बोंदा हिल्स के निमाई घोष के फोटोग्राफ्स अभी भी यादगार छायाचित्रों में गिने जाते हैं।

वे अनिल कपूर और पंकज कपूर अभिनीत एमएस सथ्यू की हिंदी फिल्म ‘कहां कहां से गुजर गया’ (1986) के भी छायाकार थे। इसके अलावा ऋत्विक घटक और मृणाल सेन जैसे नामी फिल्मकारों के साथ भी वे जुड़े रहे। मीरा नायर की अंग्रेजी फिल्म ‘ नेमसेक’ के अभिनेता इरफान खान और तब्बू जब शूटिंग के लिए कोलकाता आए थे, तो इन दोनों के बेहतरीन छायाचित्र निमाई घोष ने ही खींचे थे। 2002 में चुनिंदा 30 भारतीय चित्रकार और वास्तुशिल्पियों के फोटोग्राफ्स उनके बनाए गए एक दस्तावेज हैं। मशहूर चित्रकार जामिनी राय, वास्तुशिल्पी रामकिंकर बैज और चित्रशिल्पी विनोद बिहारी मुखर्जी के खींचे गए निमाई घोष के फोटोग्राफ्स भी एक महत्वपूर्ण दस्तावेज हैं।

Next Stories
1 खूबसूरती मायने नहीं रखती : भूूमि पेडणेकर
2 सैफ अली खान संग बेटे तैूमर का हुआ छोटे पर्दे पर डेब्यू, हल्क बने आए नजर
3 Coronavirus: मशहूर शायर राहत इंदौरी ने मदद के लिए बढ़ाया हाथ, कहा- ‘मेरा मकान और मेरा दिल दोनों हाजिर है’
ये पढ़ा क्या?
X