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आमने-सामनेः ‘जबरिया जोड़ी’ नया अनुभव’

टूडेट ऑफ द ईयर’ से अपने करिअर की शुरुआत करने वाले सिद्धार्थ मल्होत्रा ने कुछ ही साल में खास पहचान बना ली है। इन दिनों सिद्धार्थ अपनी फिल्म ‘जबरिया जोड़ी’ को लेकर चर्चा में हैं। सिद्धार्थ ने फिल्म में अपनी भूमिका और करिअर से जुड़े कई सवालों के जवाब बातचीत के दौरान दिए। पेश है सिद्धार्थ मल्होत्रा से बातचीत के चुनिंदा अंश...

Author July 12, 2019 2:23 AM
जबरिया जोड़ी के दृश्य

आरती सक्सेना

सवाल : फिल्म ‘जबरिया जोड़ी’ में आप अलग अंदाज में नजर आ रहे हैं। अपने रोल के बारे में कुछ बताएं।
’‘जबरिया जोड़ी’ में मेरा किरदार जबरदस्त है। इस फिल्म में मैं अभय सिंह का किरदार निभा रहा हूं। इसमें मैंने जिस तरह से बिहारी अंदाज में बोला है, जिस तरह का अभिनय किया है- वैसा मैंने पहले कभी नहीं किया। यह मेरे लिए नया अनुभव था। हाल में फिल्म का ट्रेलर रिलीज हुआ है, जिसे अच्छा रिस्पांस मिला, इससे मुझे बेहद खुशी हुई। फिल्म अगस्त में रिलीज होगी। देखते हैं दर्शक इस फिल्म को कितना प्यार देते हैं।
सवाल : फिल्म में पकड़ुआ विवाह के मुद्दे को उछाला गया है। ये पकड़ुआ विवाह क्या है?
’‘जबरिया जोड़ी’ में एक ऐसे दहेज प्रथा से जुड़ा अहम सवाल उठाया गया है। इसमें ऐसे विवाह के बारे में दिखाया गया है, जिसमें दहेज के लालची आखिरी क्षण में इसलिए शादी से इनकार कर देते हैं, क्योंकि लड़की वाले दहेज नहीं दे पाते। ऐसे में दहेज देने में असमर्थ लोग जबरिया दूल्हे से बंदूक की नोंक पर लड़की से शादी करवाते हैं।
सवाल : आपकी प्रेमकथाएं चर्चा में रही हैं। तारा सुतारिया और कियारा आडवाणी के साथ आपके प्रेम संबंध बताए जा रहे हैं। क्या कहना चाहेंगे?
’अरे ये सब ‘जबरिया जोड़ी’ वाला ही मामला है। मेरा किसी के साथ कोई रोमांस नहीं चल रहा है। ये सब झूठी अफवाहें हैं, बस इसलिए क्योंकि मैं इनके साथ फिल्में कर रहा हूं।
सवाल : जैकलीन फर्नांडीस से शादी की खबरों पर क्या कहेंगे?
’अरे क्या दोस्त एक दूसरे के घर आ जा नहीं सकते। हम अच्छे दोस्त हैं और काफी समय से हमारी दोस्ती है। प्यार मोहब्बत जैसी कोई बात नहीं है।
सवाल : परिणीति चोपड़ा के साथ आप फिल्म ‘हंसी तो फंसी’ भी कर चुके हैं। उनमें क्या बदलाव आया है?
’स्वभाव में तो कोई फर्क नहीं है। पहले जैसे ही वे मस्तीखोर और बातूनी हैं। पेशेवर तौर पर उनमें काफी बदलाव आया है। उन्होंने अपने लुक्स पर काफी काम किया है। अब वे पहले से ज्यादा फिट नजर आती हैं। उनकी अदाकारी पहले से अच्छी हो गई है। परिणीति में काफी सकारात्मक बदलाव आए हैं, जो उनको अभिनय के क्षेत्र में काफी आगे ले जाएंगे।
सवाल :‘जबरिया जोड़ी’ के अलावा आप और कौन-कौन सी फिल्में कर रहे हैं?
’कुछ स्क्रिप्ट पर बात चल रही हैं। जो फिल्में मैं साइन कर चुका हूं, उनमें से एक का नाम ‘मरजावां’ है। इस फिल्म के निर्देशक मिलाप जवेरी हैं और अभिनेत्री तारा सुतारिया। मैं एक और फिल्म कर रहा हूं करण जौहर की ‘शेरशाह’।
सवाल : आप जिस मुकाम पर हैं, उसके बारे में क्या कहेंगे?
’यहां पर कोई सुरक्षित नहीं है, मैं तो क्या बड़े से बड़ा स्टार भी यहां असुरक्षा की भावना से ग्रसित है। यहां हर शुक्रवार को सितारों की किस्मत बदलती है। अगर आपकी चार फिल्में फ्लॉप हो गईंया आपको आगे फिल्में नहीं मिलीं तो आप वहीं पहुंच जाओगे जहां से आपने शुरू किया था। कोई भी सफल कलाकार फिर से पिछले दिनों में लौटना नहीं चाहता। मुझे इस फिल्म इंडस्ट्री ने बहुत कुछ दिया है और मंै भी जिंदगी में और अपने फिल्मी करिअर में आगे बढ़ना चाहता हूं। इसलिए असुरक्षा की भावना रहती है। फिर सोचता हूं- ‘हिम्मते मर्दा तो मददे खुदा।’
सवाल : जब आप फिल्म जगत में पहचान के लिए संघर्ष कर रहे थे, तब आपको क्या सबसे बुरा लगता था?
’संघर्ष के दौरान मुझे आॅडिशन देना सबसे ज्यादा खराब लगता था। क्योंकि उस वक्त जो निराशा होती थी और आत्मविश्वास डगमगाता था, वह मुझसे सहन नहीं होता था। आॅडिशन के दौरान कई लोग होते हैं, जो आपको एहसास कराते थे कि आप कोई खास नहीं हो। उसके बाद कैदी की तरह नंबर होते थे और जब आपका नंबर आता तो बोला जाता था कुछ भी बोलो अपना नाम बोलो अपना परिचय दो। ये सब इतना निराशाजनक होता था कि कई बार मुझे लगा कि घर लौट जाऊं।
सवाल : फिल्म इंडस्ट्री में सफल होने के बाद भी आपमें घमंड नहीं है। इसका राज क्या है?
’मुझे लगता है कि जो लोग मुश्किल से सफलता पाते हैं, वे उसका महत्त्व जानते हैं। सफलता पाना जितना मुश्किल है उससे भी कहीं मुश्किल है उसे संभाले रखना। मैं कभी नहीं भूलता कि मैं कहां से आया हूं और किस परिवार का बेटा हूं। बस यही बातें कभी मुझे अपने ऊपर घमंड नहीं करने देतीं।

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