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रेलवे राष्ट्र की संपत्ति है, नुकसान न पहुंचाएं, बेचने में मुश्किल आती है- छात्र आंदोलन के बीच पूर्व IPS ने ली चुटकी

पूर्व आईपीएस अधिकारी ने छात्रों द्वारा रेलवे को पहुंचाए गए नुकसान पर चुटकी ली और ऐसा न करने की भी अपील की।

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छात्रों ने आंदोलन के दौरान ट्रेनें रोकी। (Image source: PTI)

बिहार में आरआरबी एनटीपीसी के नतीजों को लेकर छात्रों में काफी आक्रोश देखने को मिला। छात्रों ने नतीजों में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। कई क्षेत्रों में जहां हंगामे के कारण रेल सेवाएं प्रभावित हुईं तो कहीं छात्रों ने रेलवे की संपत्ति को भी नुकसान पहुंचाया। बिहार के अलावा उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में भी मामले को लेकर छात्रों में नाराजगी देखने को मिली। छात्रों के इस रूप को देखते हुए रेलवे ने भी दोनों परीक्षाओं को स्थगित कर दिया। छात्रों के आंदोलन के बीच ही अब पूर्व आईपीएस विजय शंकर सिंह ने ट्वीट किया है।

पूर्व आईपीएस विजय शंकर सिंह ने छात्रों से रेलवे की संपत्ति को नुकसान न पहुंचाने की अपील की, साथ ही मामले पर चुटकी लेने से भी पीछे नहीं हटे। पूर्व आईपीएस अधिकारी ने लिखा, “रेलवे राष्ट्र की संपत्ति है, नुकसान न पहुंचाएं, बेचने में मुश्किल आती है। बिक जाएगी तो जो खरीदेगा वह नौकरी देगा। तब तक थोड़ा भोजन, भजन, विश्राम करें। राशन वाला झोला पहुंच गया है ना?”

पूर्व आईपीएस विजय शंकर सिंह का छात्रों और रेलवे को लेकर किया गया ट्वीट खूब सुर्खियों में है, कई सोशल मीडिया यूजर भी इसपर प्रतिक्रिया देने से पीछे नहीं हटे। देबाशीष चटर्जी नाम के यूजर ने विजय शंकर सिंह के ट्वीट का जवाब देते हुए लिखा, “पिछले यूपी चुनाव से पहले ट्रेन हादसा हुआ था, और इस बार ट्रेन जल रही है।”

अजीत सिंह नाम के यूजर ने पूर्व आईपीएस विजय शंकर सिंह के ट्वीट का जवाब देते हुए लिखा, “छात्रों का लक्ष्य भी अंतत: सरकार का अधिकारी बनकर सरकार के अंग के रूप में ही कार्य करना होता है। अत: उन्हें स्वयं सरकार का अधिकारी अनुभव करते हुए ही किसी आंदोलन की रूपरेखा बनानी चाहिए, यदि ऐसा होने लगे तो उन्हें सदैव सफलता प्राप्त होगी।”

इससे इतर अपने एक ट्वीट में विजय शंकर सिंह ने छात्रों में उपजे आक्रोश का कारण भी गिनाया था। उन्होंने लिखा था, “मेरी समझ में आक्रोश का कारण है 2019 से अब तक भर्ती के बारे में चुप रहना। परीक्षा के कुछ दिन पहले ही नया नोटिफिकेशन जारी कर देना। लड़के लंबे समय तक बेरोजगारी से परेशान और निराश हैं और अचानक नियम परिवर्तन ने उन्हें आक्रोशित कर दिया है।”

बता दें कि छात्रों के समर्थन में पूर्व आईएएस अधिकारी सूर्य प्रताप सिंह भी आए। उन्होंने छात्रों का समर्थन करते हुए सरकार को भी आड़े हाथों लिया और लिखा, “मेरे प्यारे छात्रों! अपना हक छीनकर लेंगे, पर हिंसा से नहीं, गांधी जी के दिखाए रास्ते पर चल कर। हिंसा हमारे आंदोलन को कमजोर करती है, हिंसा मौका देती है घात लगाए बैठी मीडिया को, वो यही चाहते हैं कि आपको उपद्रवी साबित कर दें। इस सरकार से भी बड़ी दुश्मनी हमारे लिए मीडिया है।”

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