ये कश्मीर है या अन्नदाता देशद्रोही हैं? करनाल में किसान आंदोलन के चलते इंटरनेट किया बंद तो पूर्व IAS ने सरकार को घेरा

पूर्व आईएएस सूर्य प्रताप सिंह ने करनाल में बंद इंटरनेट सेवा को लेकर सरकार पर तंज कसा और कहा कि यह कश्मीर है या अन्नदाता देशद्रोही हैं।

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करनाल में इंटरनेट सेवा 3 दिन से बंद (फोटो सोर्स- इंडियन एक्सप्रेस)

करनाल सहित हरियाणा के पांच जिलों में इंटरनेट व एसएमएस सेवा बंद कर दी गई है। हरियाणा सरकार की ओर से आए बयान में कहा गया कि अफवाहों को फैलने से रोकने और शांति बनाए रखने के लिए सरकार ने यह फैसला किया था और यह सेवा गुरुवार रात 11:59 बजे तक बंद रहेगी। अपने इस कदम को लेकर सरकार विपक्ष के साथ-साथ आम जनता के निशाने पर आ गई है। वहीं हाल ही में पूर्व आईएएस सूर्य प्रताप सिंह ने भी इंटरनेट व एसएमएस सेवा बंद करने को लेकर मुख्यमंत्री पर तंज कसा है।

पूर्व आईएएस सूर्य प्रताप सिंह ने सीएम मनोहर लाल खट्टर पर निशाना साधते हुए ट्वीट में लिखा, “करनाल में 3 दिन से इंटरनेट, एसएमएस सेवा बंद है। अन्नदाता सड़क पर पड़ा है, इमरजेंसी लगा रखी है खट्टर ने। क्या ये कश्मीर है या अन्नदाता देशद्रोही हैं?” इसके अलावा पूर्व आईएएस ने केंद्र सरकार द्वारा रबी फसलों की एमएसपी में की गई वृद्धि पर भी तंज कसा।

दरअसल, किसान आंदोलन के बीच केंद्र सरकार ने रबी फसल की एमएसपी बढ़ा दी है। सरकार नेगेहूं, जौ, चना, मसूर, सरसों और सूरजमुखी की सरकारी खरीद की कीमतों में वृद्धि की है। नई कीमतों के मुताबिक गेहूं की एमएसपी अब 1975 रुपये प्रति क्विंटल से बढ़कर 2015 कर दी गई है। ऐसे में पूर्व आईएएस सूर्य प्रताप सिंह ने फसलों की कीमत से जुड़ा चार्ट साझा किया और लिखा, “रबी फसलों के एमएसपी का आधार क्या है? किस फॉर्म्यूले के तहत ये बढ़ोत्तरी का मजाक किया गया है। हिम्मत है तो बताए मोदी सरकार।”

पूर्व आईएएस सूर्य प्रताप सिंह यहीं नहीं रुके। उन्होंने एमएसपी पर सरकार पर तंज कसते हुए अपने एक ट्वीट में लिखा, “अन्नदाता को रिझाने हेतु रबी की एमएसपी का झुनझुना। रबी की मुख्य फसल, गेहूं का एमएसपी मात्र 2 प्रतिशत (रुपये 40/क्विंटर)-1975 से 2015 रुपये बढ़ाया। जबकि खाद, बीज, डीजल के दाम में बढ़ोत्तरी 25-40 प्रतिशत हुई। 2021 में थोक महंगाई दर 10.49 प्रतिशत पहुंच गई। करनाल में संघर्ष जारी है।”

बता दें कि पूर्व आईएएस सूर्य प्रताप सिंह के अलावा कांग्रेस नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने भी रबी की एमएसपी को लेकर सरकार पर तंज कसा। उन्होंने लिखा, “प्यारे देशवासियों, जरा इन जुमलाजीवियों को पहचानिए, जो 8 साल पहले गेहूं का भाव 2100 रुपये मांग रहे थे, अब यही प्रति किलो 40 पैसे समर्थन मूल्य बढ़ाने पर बधाई दे रहे हैं। ऐसे ही 2022 तक आय को दोगुनी करेंगे?”

रबी फसलों की एमएसपी को बढ़ाने का फैसला आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति की बैठक में लिया गया। जौ की एमएसपी 1600 रुपये प्रति क्विंटल से बढ़ाकर 1635 रुपये, चने की एमएसपी 130 रुपये रुपये की बढ़ोत्तरी और मसूर की एमएसपी में 400 रुपये की बढ़ोत्तरी की गई है। हालांकि ये कीमतें साल 2022-23 में लागू होंगी।

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