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सचिन, धोनी के बाद अब क्रिकेट के ‘दादा’ सौरव गांगुली की बनेगी बायोपिक, एकता कपूर करेंगी प्रोड्यूस

गांगुली के फैंस एक रोमांचक, पैशन से भरपूर, आक्रामकता और विवादों से भरी बायोपिक की उम्मीद कर सकते हैं। आज भी कई लोग दादा को धोनी से बेहतर यूं ही नहीं मानते।

गांगुली की कप्तानी में भारतीय टीम एक ऐतिहासिक दौर से गुज़री थी।

कागज़ों पर महेंद्र सिंह धोनी भारत के सबसे सफ़ल कप्तान नज़र आते हों लेकिन इस बात में कोई दो राय नहीं कि वो सौरव गांगुली ही थे जिनकी कप्तानी में भारतीय टीम विश्व क्रिकेट में एक नई ताकत के तौर पर उभरी थी। सन 2000 में जब गांगुली ने कप्तानी संभाली थी, उस दौर में भारत मैच फ़िक्सिंग के दंश से गुज़र रहा था। पूर्व कप्तान अज़हरूद्दीन मैच फ़िक्सिंग के आरोपो के चलते प्रतिबंध झेल रहे थे, ऐसे में जब दादा ने कप्तानी संभाली तो वो कोलकाता के प्रिंस के लिए टीम इंडिया की कप्तानी का मुकुट किसी कांटो भरे ताज से कम नहीं था। लेकिन सौरव ने अपनी आक्रामकता को अपना हथियार बना लिया और उन्होंने अपने तरीकों से स्लेजिंग के लिए कुख्यात ऑस्ट्रेलिया जैसी टीमों पर मनोवैज्ञानिक बढ़त बनाई। 2001 की घरेलू सीरीज़ में स्टीव वॉ को टॉस के समय इंतज़ार कराया तो 2003-04 सीरीज़ में ब्रिसबेन में पहले ही टेस्ट में शतक जमा कर ऑस्ट्रेलिया को अपने तेवरों से परिचित कराया। पाकिस्तान के घर में जीत हासिल की और भारत को विश्व कप 2003 के फ़ाइनल तक ले कर गए। इंग्लैंड में नैटवेस्ट फ़ाइनल में लॉड्स की बालकनी आज भी लोगों के जहन में ताज़ा है। भारत ने सौरव गांगुली के समय में एक ऐतिहासिक समय देखा है ऐसे में सचिन और धोनी की तरह ही वो एक बायोपिक डिजर्व करते ही हैं।

भारत-इंग्लैंड नैटवेस्ट फ़ाइनल, लॉर्ड्स बालकनी. 2002

ऑल्ट-बालाजी सौरव गांगुली के फ़ैंस के सपनों को पूरा करने जा रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ‘ए सेंचुरी इज़ नॉट इनफ़’ नाम की किताब को फ़िल्म की शक्ल देने के लिए एकता कपूर का बालाजी टेलीफ़िल्म्स लिमिटेड काफी उत्साहित है। ये किताब सौरव गांगुली के क्रिकेट करियर पर आधारित है। पिछले साल अप्रैल में सब्सक्रिप्शन बेस्ड वीडियो ऑन डिमांड प्लेटफ़ॉर्म के तौर पर ऑल्टबालाजी की स्थापना हुई थी। इस कंपनी का मकसद मोबाइल फ़ोंस, टैब्स और डेस्कटॉप वाली इंटरनेट सैवी जनता के लिए अलग-अलग भाषाओं में कटेंच क्रिएट करना है।

कंपनी ने हाल ही में सौरव गांगुली से भी इस फ़िल्म के बारे में बात की है। रिपोर्ट्स के अनुसार, सौरव गांगुली इस फ़िल्म के लिए एक कोलकाता बेस्ड निर्देशक चाहते हैं वहीं एकता मुंबई के किसी निर्देशक की पैरवी कर रही हैं। गांगुली ने भी हाल ही में कन्फर्म किया था कि इस बारे में बालाजी से बातचीत चल रही है लेकिन अभी इस बारे में कुछ फाइनल नहीं हुआ है।

गांगुली हमेशा अपने खिलाड़ियों को सपोर्ट करने के लिए जाने जाते थे।

2017 में सचिन तेंदुलकर की बायोपिक, सचिन : ए बिलियन ड्रीम्स रिलीज़ हुई थी। इस फ़िल्म को बॉक्स ऑफ़िस पर ठीक-ठाक सफ़लता हासिल हुई थी। इससे पहले आई नीरज पांडे की फ़िल्म ‘धोनी : द अनटोल्ड स्टोरी’ ने सुशांत सिंह राजपूत के करियर को मज़बूती दी थी और ये फ़िल्म 100 करो़ड़ से अधिक की कमाई कर सुपरहिट साबित हुई थी।

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