श्रद्धा कपूर की आने वाली पीरियड ड्रामा फिल्म ‘ईथा’ का टीजर हाल ही में रिलीज हुआ और इसमें अभिनेत्री का बिल्कुल ही नया अंदाज देखने को मिला। लेकिन टीजर के बाद फिल्म विवादों में भी घिर गई। दरअसल, यह फिल्म मशहूर लावणी कलाकार ‘विठाबाई नारायणगांवकर’ के जीवन से प्रेरित है। ऐसे में अब उनके परिवार ने फिल्म के नाम पर आपत्ति जताई है।

उनका कहना है कि फिल्म के टाइटल में विठाबाई का नाम नहीं रखा गया, जबकि यह उनकी जिंदगी पर आधारित है। परिवार ने मांग की है कि फिल्म का नाम बदलकर ऐसा रखा जाए, जिससे विठाबाई को उनका उचित सम्मान और पहचान मिल सके। अब इस पर अभिनेता अनंत जोशी ने रिएक्ट किया है।

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विवाद से बचना चाहते थे मेकर्स: अनंत जोशी

जूम से बात करते हुए फिल्म में अहम भूमिका निभाने वाले अभिनेता अनंत जोशी ने बताया कि निर्देशक लक्ष्मण उतेकर और निर्माता दिनेश विजान ने फिल्म के टाइटल में विठाबाई का असली नाम क्यों नहीं इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा, “अभी के हालात को देखते हुए मुझे लगता है कि मैडॉक और लक्ष्मण सर जैसे फिल्ममेकर्स बस किसी भी ऐसे विवाद से बचना चाहते थे, जो असली नाम और असली लोगों के इस्तेमाल से हो सकता है। इसलिए, मुझे लगता है कि मकसद बस विवादों से बचना था।”

हालांकि, अनंत जोशी का मानना है कि अगर विठाबाई नारायणगांवकर का परिवार सिर्फ फिल्म के नाम पर आपत्ति जता रहा है और फिल्म की कहानी या प्रस्तुति से उन्हें कोई समस्या नहीं है, तो टाइटल में उनका असली नाम इस्तेमाल करना फिल्म के लिए फायदेमंद हो सकता है। उन्होंने कहा, “लेकिन अगर इस मामले में परिवार असली व्यक्ति का नाम इस्तेमाल करने में सहज महसूस कर रहा है, तो यह मूवी के लिए अच्छा ही होगा। इससे फिल्म ज्यादा विश्वसनीय लगती है कि परिवार या किसी और को असली व्यक्ति का नाम इस्तेमाल करने में कोई आपत्ति नहीं है। वहीं,  मेकर्स ने हमेशा उन्हें क्रेडिट दिया है जिनकी यह कहानी है।”

क्या है पूरा मामला?

जानकारी के लिए बता दें कि टीवी9 मराठी की रिपोर्ट के मुताबिक, विठाबाई नारायणगांवकर के परिवार और नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी (NCP) ने फिल्म के टाइटल पर आपत्ति जताई है। NCP के फिल्म और कल्चर विभाग ने फिल्म बनाने वालों से सवाल किया कि उन्होंने विठाबाई का नाम क्यों शामिल नहीं किया।

पार्टी के फिल्म और कल्चर विभाग के महाराष्ट्र राज्य अध्यक्ष बाबासाहेब पाटिल ने कहा कि विठाबाई की विरासत को बचाना और उनका सम्मान करना पार्टी की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि फिल्म का टाइटल ऐसा होना चाहिए जिससे लावणी और तमाशा में उनके बड़े योगदान का पता चले।

एनडीटीवी से बात करते हुए पाटिल ने साफ किया कि उन्हें फिल्म से कोई दिक्कत नहीं है, बल्कि फिल्म के टाइटल से दिक्कत है। उन्होंने कहा, “विठाबाई नारायणगांवकर पहले से ही एक जानी-मानी कलाकार और राष्ट्रपति पुरस्कार विजेता थीं। महाराष्ट्र के गांवों में लोग उन्हें प्यार से ‘ईथा’ कहते थे, लेकिन अब एक बड़े प्रोडक्शन हाउस, लक्ष्मण उतेकर जैसे सम्मानित डायरेक्टर और श्रद्धा कपूर के साथ इतनी बड़ी मूवी बन रही है। इसे पूरे भारत और दुनिया भर के लोग देखेंगे। अगर उनके असली नाम का इस्तेमाल किया जाए, तो यह सबके लिए बेहतर होगा।”

उन्होंने आगे कहा कि ‘ईथा’ नाम रखने से आने वाली पीढ़ियों में कन्फ्यूजन हो सकता है। अगर कोई भविष्य में उनके बारे में सर्च करेगा, तो हो सकता है कि वे विठाबाई के बजाय ‘ईथा’ सर्च करने लगें। उनका असली नाम ही रहना चाहिए। इससे हमें खुशी होगी और उनके परिवार को भी खुशी होगी।”

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