ताज़ा खबर
 

गाना तो खूब गुनगुना लिया, अब जान लीजिए क्या होता है रश्क-ए-कमर का मतलब

असल में यह गाना नहीं गजल है। इसे जाने-माने दिवंगत पाकिस्तान के सूफी और कव्वाली गायक...

इन दिनों हर जगह एक गाना छाया हुआ है। ‘मेरे रश्क-ए-कमर’। जिसे देखो वही इसे गुनगुनाता दिख रहा है। हर कोई इसे सुन और गा रहा है। सुर, लय और ताल का आनंद ले रहा है। मगर ज्यादातर लोगों से जब इसका मतलब पूछा गया, तो नहीं बता पाए। अगर आपको भी इसका मतलब नहीं पता, तो परेशान मत होइए। हम आपको बताएंगे कि मेरे रश्क-ए-कमर का क्या मतलब होता है।

लेकिन उससे पहले इस गाने और इससे जुड़ी जरूरी बातें जान लेते हैं। एक सितंबर को एक फिल्म आ रही है। अजय देवगन और इलियाना डिक्रूज की। नाम है बादशाहो। यह गाना उसी में दिखाया गया। मशहूर पाकिस्तानी संगीतकार राहत फतेह अली खान ने इसे गाया है। लेकिन अगर आप यह सोच रहे हैं कि तकरीबन ढाई मिनट का यह धांसू गाना उन्हीं का लिखा हुआ है, तो आप गलत हैं।

असल में यह गाना नहीं गजल है। इसे जाने-माने दिवंगत पाकिस्तान के सूफी और कव्वाली गायक उस्ताद नुसरत फतेह अली खान ने गाया था। राहत उनके भतीजे हैं। कहा जाता है कि फना बुलंद शहरी ने लिखा था और सबसे पहले इसे 1988 में गाया गया। ओरिजनल गजल तकरीबन 15 मिनट की है। नुसरत साहब के बाद राहत ने इसे कई कार्यक्रमों में गाया, वहीं से यह खासा लोकप्रिय हुआ।

पुराने वाले ‘मेरे रश्क-ए-कमर’ का रीमिक्स वर्जन यहां सुनिए –

अब आते हैं इसके मतलब पर। रश्क-ए-कमर असल में उर्दू के शब्दों का मेल है। रश्क और कमर अलग-अलग शब्द हैं। रश्क का मतलब होता है इर्ष्या (जलन)। जबकि कमर का अर्थ यहां चाद होता है। दोनों का मिला कर मतलब निकालें तो इसके मायने चांद की इर्ष्या से होते हैं। मने चांद की इर्ष्या। यानी रश्क-ए-कमर उसे कहा जाता है, जिसकी सुंदरता से खुद चांद को भी जलन होने लगे।

चूंकि चांद को दुनिया में सबसे खूबसूरत माना जाता है। जब प्रेमी अपनी प्रेमिका के लिए रश्क-ए-कमर का इस्तेमाल करता है, तो वह उसकी सुंदरता की तारीफ कर रहा होता है। उसे दुनिया की सबसे हसीन महिला या लड़की बता रहा होता है। अंग्रेजी में इसे एनवी ऑफ द मून (Envy of the Moon) कहा जाता है।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

  1. No Comments.