आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में प्यार और रोमांस का तालमेल कैसे बैठाया जाए ये काफी मुश्किल हो जाता है। जब दो आत्मनिर्भर लोगों को एक दूसरे का साथ मिल जाए तो ये सब थोड़ा आसान हो जाता है। ऐसा ही कुछ दिखाया गया है ‘दो दीवाने एक शहर में’ फिल्म में। ये कोई फेयरीटेल तो नहीं, लेकिन उन दो लोगों की कहानी है जो अपनी-अपनी कमियों और इनसिक्योरिटी के साथ मेट्रो सिटी में जी रहे हैं।

क्या है फिल्म की कहानी

‘दो दीवाने एक शहर’ किसी सपनों जैसी लव स्टोरी की तरह शुरू नहीं होती। यह दो ऐसे लोगों की कहानी है जो बाहर से सफल, पढ़े-लिखे और आत्मनिर्भर दिखते हैं, लेकिन भीतर गहरे असुरक्षित और असहज हैं। ये कहानी है रोशनी श्रीवास्तव की, जिसका किरदार मृणाल ठाकुर ने निभाया है, जो एक मीडिया प्रोफेशनल है, जो अपने लुक्स और बॉडी इमेज को लेकर कॉन्फिडेंस की कमी महसूस करती है। मगर कैमरे के सामने सहज दिखने वाली यह लड़की निजी जिंदगी में लगातार खुद को जज करती रहती है।

दूसरी तरफ शशांक शर्मा है, जिसका किरदार सिद्धांत चतुर्वेदी ने निभाया है और वो एक कॉरपोरेट कर्मचारी है। उसकी नौकरी, उसका प्रोफेशनलिज्म और उसका स्टेटस सब ठीक है, लेकिन बोलने की समस्या उसे भीतर से तोड़ती रहती है। वह अपने ही शब्दों में उलझ जाता है। दोनों का परिवार चाहता है कि वो शादी कर लें, लेकिन आज के युवा की तरह वो पहले खुद को समझना चाहते हैं। इसी के साथ धीरे-धीरे फिल्म आगे बढ़ती है।

कैसा है एक्टर्स का काम

सिद्धांत चतुर्वेदी ने शशांक के किरदार को बहुत अच्छी तरह से निभाया है। उनके किरदार को ठहराव और संयम से भरा दिखाया है। मगर कई सीन ऐसे हैं जिसमें सिद्धांत ने अपनी आंखों से सब कुछ कह दिया है और उन्हें डायलॉग की जरूरत नहीं पड़ी। मृणाल ठाकुर ने मॉडर्न वर्किंग वुमन के जीवन में आने वाली कठिनाइयों को बेहद सच्चाई से दिखाया है। इला अरुण का स्क्रीन प्रेजेंस कहानी में गर्मजोशी भरता है। वहीं संदीपा धर सीमित स्क्रीन टाइम में भी अपनी छाप छोड़ने में कामयाब रहीं।

निर्देशन और संगीत

रवि उदयवार ने फिल्म को ओवरड्रामेटिक होने से बचाया है। कहानी में बड़े-बड़े ट्विस्ट नहीं हैं, लेकिन छोटे-छोटे पल दिल को छू लेने वाले हैं। फिल्म की सबसे खूबसूरत बात यह है कि इसे मेट्रो सिटी में रहने वाले युवा अपने जीवन से जोड़ सकेंगे। मुंबई की अफरा-तफरी, कॉरपोरेट लाइफ की भागदौड़ और फिर उत्तराखंड के कुमाऊं की शांत वादियां, फिल्म को और भी खूबसूरत बनाते हैं। मैं इस फिल्म को 3.5 स्टार रेटिंग देते हुए शहरों में रहने वाले कामकाजी लोगों को इसे देखने की सलाह देती हूं।

कास्ट : सिद्धांत चतुर्वेदी, मृणाल ठाकुर, इला अरुण
डायरेक्टर: रवि उदयवार
प्रोड्यूसर: संजय लीला भंसाली, प्रेरणा सिंह, उमेश कुमार बंसल, भारत कुमार रंगा
जॉनर: रोमांटिक ड्रामा
रेटिंग – 3.5 स्टार