बॉलीवुड में बेहद कम समय में ही अपनी छाप छोड़ने वाली दिव्या भारती की आज बर्थ एनिवर्सरी है। उनका जन्म 25 फरवरी 1974 में मुंबई शहर में हुआ था और उन्होंने 5 अप्रैल 1993 में उनका निधन हो गया था। महज 19 साल की उम्र में उन्होंने दुनिया को अलविदा कह दिया था, मगर इतनी सी उम्र में ही उन्होंने स्टारडम, प्यार और शादीशुदा जीवन सब जी लिया था। आज हम आपको उनकी लाइफ के बारे में एक बेहद खास बात बताने जा रहे हैं और वो ये कि उन्होंने शादी के लिए अपना धर्म बदल लिया था।

बॉलीवुड में कई प्रेम कहानियां देखने को मिली हैं, लेकिन दिव्या भारती और साजिद नाडियाडवाला की प्रेम कहानी जितनी दुखद शायद ही कोई होगी। उनका रोमांस, गुपचुप शादी ज्यादा दिन नहीं चल पाई और अचानक दिव्या का एक दुर्घटना में निधन हो गया। दोनों की लव स्टोरी वहीं खत्म हो गई, जिसके लिए दिव्या ने काफी जोखिम उठाये थे।

कैसे शुरू हुई थी दोनों की मुलाकात

दोनों की मुलाकात फिल्म ‘शोला और शबनम’ की शूटिंग के दौरान हुई थी। फिल्म में दिव्या के साथ गोविंदा थे और साजिद, गोविंदा से मिलने सेट पर आए थे, लेकिन उनकी नजर दिव्या पर पड़ गई। खबरों के मुताबिक, साजिद को पहली नजर में ही दिव्या से प्यार हो गया था। समय के साथ उनकी दोस्ती गहरी होती गई और जल्द ही प्यार में बदल गई।

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गुपचुप रचाई थी शादी

इसके बाद दोनों ने 10 मई 1992 को गुपचुप शादी रचा ली। उस समय दिव्या भारती महज 18 साल की थीं और क्योंकि साजिद का धर्म अलग था और करियर को ध्यान में रखते हुए दिव्या ने अपनी शादी को सीक्रेट रखने का फैसला लिया। उनके पिता ओम प्रकाश भारती को इसके बारे में भनक भी नहीं थी, लेकिन दिव्या की मां को पता था। इंडिया.कॉम में छपी खबर के मुताबिक दिव्या ने साजिद से शादी करने के लिए अपना धर्म बदला था और अपना नाम बदलकर सनाह रख लिया था।

मां ने किया था खुलासा

बॉलीवुड हंगामा को दिए इंटरव्यू में दिव्या की मां मीता भारती ने बेटी की सीक्रेट शादी के बारे में खुलकर बात की थी। उन्होंने बताया था कि साजिद नाडियाडवाला, फिल्म के सेट पर गोविंदा से मिलने आते थे और वहीं वो दिव्या से मिले थे। उसी दिन दिव्या ने अपनी मां को साजिद के बारे में बताया था। उनकी मां को भी साजिद पसंद थे, कुछ दिन बाद दिव्या ने अपनी मां से कहा था कि वो साजिद से शादी करना चाहती हैं। मीता ने इंटरव्यू में कहा था, “मैंने उसे कहा था कि उसे अपने पिता से पूछना चाहिए, उसके पिता इसके खिलाफ थे।”

शादी करके माता-पिता के साथ रहती थीं दिव्या

मीता ने बताया था कि दिव्या भारती के पिता के साजिद के बारे में अपने विचार थे और वे इस शादी के खिलाफ थे। जब दिव्या 18 साल की हुईं, तो उन्होंने अपनी मां को फोन करके बताया कि उनकी शादी उसी दिन साजिद से हो रही है और वे चाहती थीं कि उनकी मां गवाह के तौर पर हस्ताक्षर कर दें। लेकिन उन्होंने उनसे कहा कि जब तक वह अपने पिता को नहीं बताएंगी, तब तक वह शादी में नहीं आ पाएंगी। मां की चेतावनी के बावजूद, दिव्या ने शादी कर ली। लेकिन साजिद के साथ रहने के बजाय, वह अपने माता-पिता के साथ ही रहीं और कभी-कभार ही अपने पति से मिलती थीं। उनके पिता को उनकी इस गुप्त शादी के बारे में कोई जानकारी नहीं थी।

दिव्या की मां ने आगे बताया, “कुछ महीनों बाद, दीवाली पर साजिद हमसे मिलने आए। उनके पिता और साजिद बात कर रहे थे, तभी साजिद ने उन्हें बताया कि उन्होंने और दिव्या ने शादी कर ली है। उनके पिता ने एक शब्द भी नहीं कहा। वे चुप रहे।”

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शुरुआत में नाराज हुए लेकिन दिव्या के पिता ने आखिरकार उनकी शादी को स्वीकार कर लिया। दुर्भाग्य से, यह जोड़ा अपनी खुशियों का आनंद ज्यादा समय तक नहीं ले सका। शादी के एक साल से भी कम समय बाद, 5 अप्रैल 1993 को दिव्या भारती का महज 19 साल की उम्र में अपने अपार्टमेंट की बालकनी से गिरने के कारण निधन हो गया।

हालांकि उनका साथ बहुत कम समय का था, लेकिन साजिद दिव्या के परिवार के करीब बने रहे। बॉलीवुड हंगामा की रिपोर्ट के अनुसार, शादी के बाद से ही उन्होंने दिव्या के माता-पिता को अपने माता-पिता की तरह माना। दिव्या के जाने के बाद भी उन्होंने उनका ख्याल रखा और बेटे की सभी जिम्मेदारियां निभाईं। दिव्या के माता-पिता, ओम प्रकाश भारती और मीता भारती, साजिद की जिंदगी का हिस्सा बने रहे। वे उनके साथ रहे और दिव्या के जाने के कई साल बाद तक उनकी देखभाल करते रहे। साल 2000 में साजिद ने पत्रकार वर्दा खान से शादी कर ली।