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फिल्म डायरेक्ट करते वक्त एक दर्शक की तरह सोचता हूं: ए.आर. मुरुगादॉस

महेश बाबू की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा कि दर्शकों को अभिनेता का नया अवतार देखने को मिलेगा। फिल्म में राकुल प्रीत सिंह और एस.जे. सूर्या भी हैं।

Author September 10, 2016 1:21 PM

भारतीय सिनेमा में अपने समकालीन लोगों के बीच सफलता की ऊंचाइयां चूमने वाले फिल्मकार ए.आर. मुरुगादॉस का कहना है कि वह फिल्म बनाते समय एक दर्शक के नजरिए से सोचते हैं।

मुरुगादॉस ने आईएएनएस को बताया, “मैं निर्देशक के तौर पर फिल्में नहीं बनाता हूं। मैं दर्शक बन जाता हूं और सोचता हूं कि दर्शक मेरी फिल्मों में क्या कुछ देखना पसंद करेंगे। सफलता के लिए मेरे पास कोई गुप्त सूत्र नहीं है। इसे समझना बहुत आसान है, मैं वहीं फिल्में बनाता हूं जिसे सभी देखना पसंद करते हैं।”

‘गजनी’, ‘थुप्पाकी’, और ‘कथ्थी’, जैसी हिट फिल्में बनाने का श्रेय इस कामयाब निर्देशक को दिया जाता है।

सोनाक्षी सिन्हा अभिनीत ‘अकीरा’, जैसी सफल फिल्म निर्देशित कर चुके मुरुगादॉस के अनुसार, वह बॉलीवुड में भी इसी दृष्टिकोण से फिल्में बनाते हैं। सिर्फ ग्रामीण परिवेश की फिल्में बनाने के दौरान दर्शकों की पसंद को लेकर उन्हें चिंता होती है।

अभिनेता चिरंजीवी अभिनीत 2006 में तेलुगू फिल्म ‘स्टालिन’ बना चुके मुरुगादॉस फिलहाल महेश बाबू के साथ एक द्विभाषीय तमिल-तेलुगू फिल्म बना रहे हैं, जिसका नाम अभी तय नहीं हुआ है।

वह कहते हैं कि तेलुगू फिल्म जगत में नौ साल बाद वापसी होने पर वह द्विभाषीय और कुछ तेलुगू फिल्में बनाना चाहते हैं। उनके मुताबिक, फिल्म की कहानी फिल्म का बजट तय करती है।

महेश बाबू की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा कि दर्शकों को अभिनेता का नया अवतार देखने को मिलेगा। फिल्म में राकुल प्रीत सिंह और एस.जे. सूर्या भी हैं।

 

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