4 साल के लंबे इंतजार के बाद दिलजीत दोसांझ की फिल्म ‘सतलुज’ ओटीटी पर रिलीज की गई। हनी त्रेहान के निर्देशन में बनी इस फिल्म का नाम पहले ‘पंजाब 95’ था, जिसे बदलकर ‘सतलुज’ नाम से 3 जुलाई को जी5 पर रिलीज किया गया था। अब फिल्म भारत में अनअवेलेबल हो चुकी है। इस बात की जानकारी खुद जी5 ने की है।

जी5 ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम पेज पर एक पोस्ट के जरिए बताया कि दर्शक अब ये फिल्म इंडिया में नहीं देख पाएंगे। बता दें कि लंबी कानूनी और सेंसर बोर्ड के साथ जंग के बाद ये फिल्म 3 जुलाई को रिलीज की गई थी। फिल्म की रिलीज में हुई लंबी देरी की सबसे बड़ी वजह सेंसर बोर्ड के साथ चला विवाद था। फिल्म को रिलीज के लिए करीब 4 साल का लंबा इंतजार करना पड़ा और अब अचानक फिल्म को ओटीटी प्लेटफॉर्म जी5 से भी हटा दिया गया है।

साल 2022 में फिल्म को सर्टिफिकेशन के लिए जमा किया गया था, लेकिन बोर्ड ने मंजूरी देने से पहले इसमें कई बदलाव और कट लगाने की मांग की। निर्देशक हनी त्रेहान के मुताबिक, ‘2024 में भी हर बार फिल्म जमा करने पर सेंसर बोर्ड नए कट्स की मांग करता रहा।’

निर्देशक ने बताया था कि 2025 में फिल्म को भारत के बाहर रिलीज करने की योजना भी बनी, लेकिन वह पूरी नहीं हो सकी। उन्होंने बताया कि बोर्ड ने जसवंत सिंह खालड़ा का नाम, फिल्म का टाइटल, तिरंगे के दृश्य, गुरबानी की आवाजें और कई अन्य चीजें हटाने या बदलने को कहा था। इस पर उन्होंने सवाल उठाया, “अगर इतना सब बदल दिया जाए, तो फिल्म में बचेगा ही क्या?”

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भारत में इस फिल्म के बैन हो जाने पर अभी फिल्म के एक्टर दिलजीत दोसांझ या निर्देशक हनी त्रेहान की तरफ से कोई बयान सामने नहीं आया है। फिल्म का नाम पहले ‘पंजाब 95’ था जिसमें साल 1995 के पंजाब को दिखाया गया था।

अब जी5 के ऑफिशियल पेज पर एक पोस्ट सामने आया, जिसमें लिखा – ‘सतलुज’ को रिलीज के बाद दर्शकों का शानदार प्यार और समर्थन मिला है। फिल्म देखने और इसे सराहने वाले सभी लोगों का हम दिल से धन्यवाद करते हैं। आपका साथ इस फिल्म और इसे बनाने वाली पूरी टीम के लिए बेहद खास है।

जी5 ने कहा कि वह ‘सतलुज’ और इसकी रचनात्मक सोच के साथ मजबूती से खड़ा है। प्लेटफॉर्म का मानना है कि दमदार कहानियां लोगों को प्रेरित करने और समाज पर गहरा प्रभाव छोड़ने की ताकत रखती हैं।

हालांकि, मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए फिल्म को फिलहाल भारत में उपलब्ध नहीं रखा जाएगा। जी5 ने भरोसा दिलाया है कि सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करते हुए ‘सतलुज’ को जल्द से जल्द फिर से दर्शकों के लिए उपलब्ध कराने की कोशिश की जाएगी। प्लेटफॉर्म ने यह भी कहा कि वह रचनाकारों और उद्देश्यपूर्ण कहानियों का समर्थन आगे भी पूरी मजबूती के साथ करता रहेगा।

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बता दें कि रिलीज के बाद से फिल्म की कहानी पर लगातार सवाल उठ रहे थे, लोगों को शक था कि शायद इस फिल्म को काफी सारे बदलावों के साथ रिलीज किया गया है लेकिन अब इस बारे में फिल्म के निर्देशक हनी त्रेहान और दिलजीत ने अपने बयान में इन सभी अफवाहों को साफ कर दिया है। उनका कहना है कि सिर्फ नाम बदला है और कुछ नहीं। अब फिल्म को लेकर एक बड़ी जानकारी सामने आई कि फिल्म को भारत में बैन कर दिया गया है।

फिल्म में दिलजीत दोसांझ के साथ कंवलजीत सिंह, अर्जुन रामपाल, सुविंदर विक्की और गीतिका विद्या ओहल्यान अहम भूमिकाओं में मौजूद थें। यह फिल्म मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालड़ा के जीवन से प्रेरित है। कहानी पंजाब के उस दौर को दिखाती है, जब 1980 और 1990 के दशक में पंजाब में खालिस्तान आंदोलन के समय कई लोगों के गायब होने, फर्जी एनकाउंटर और बिना वजह हिरासत में लिए जाने के मामले सामने आए थे।