सिनेमा का सिस्टम: एक समय था जब किसी अभिनेता की फीस उसकी पिछली हिट फिल्मों, बॉक्स ऑफिस रिकॉर्ड और स्टार पॉवर से तय होती थी। बड़े बैनर, बड़े निर्देशक और थिएटर में खिंचती भीड़ ही उसकी असली ताकत मानी जाती थी। लेकिन अब ऐसा नहीं रहा, इस डिजिटल दौर में ये गणित पूरी तरह बदल चुकी है। अब सिर्फ ब्रांड वैल्यू या स्टारडम ही नहीं, बल्कि सोशल मीडिया पर स्टार्स की मौजूदगी और फैन एंगेजमेंट भी कमाई का बड़ा पैमाना बन चुके हैं।
फॉलोअर्स बने फायदा
इंस्टाग्राम, एक्स (ट्विटर), यूट्यूब और फेसबुक जैसे प्लेटफॉर्म्स पर करोड़ों फॉलोअर्स रखने वाले सितारे आज प्रोड्यूसर्स और ब्रांड्स की पहली पसंद बनते जा रहे हैं। इसका कारण ये है कि जिस स्टार की डिजिटल पहुंच ज्यादा, उसकी मार्केटिंग पावर उतनी मजबूत मानी जाती है। इसलिए अब फिल्म रिलीज से पहले स्टार अपने सोशल मीडिया अकाउंट के जरिए फैंस के जुड़ने की कोशिश करते हैं। इसका बड़ा उदाहरण शाहरुख खान हैं, जिन्होंने ‘जवान’ और ‘पठान’ जैसी सुपरहिट फिल्मों के वक्त एक्स पर फैंस के साथ Ask me Anything खेला था, जिसमें फैंस उनसे सवाल करते थे और वो ज्यादातर सवालों के जवाब देने की कोशिश करते थे।
फीस तय करने का भी बदला फॉर्मूला
फिल्म इंडस्ट्री के ट्रेड एक्सपर्ट्स मानते हैं कि अब कई प्रोजेक्ट्स में कलाकारों की फीस तय करते समय उनके सोशल मीडिया डेटा का विश्लेषण किया जाता है।
1- कितने फॉलोअर्स हैं
2- पोस्ट पर औसतन कितने लाइक्स और कमेंट्स आते हैं
3- ब्रांड प्रमोशन पर क्या रिस्पॉन्स मिलता है
इन सभी बातों का सीधा असर उनकी डील वैल्यू पर पड़ता है। कई बार तो डिजिटल रीच ज्यादा होने पर एक्टर्स को प्रॉफिट शेयरिंग या प्रमोशनल बोनस तक दिया जाता है।
ब्रांड एंडोर्समेंट का बढ़ता खेल
आज एक इंस्टाग्राम पोस्ट की कीमत लाखों से करोड़ों तक पहुंच चुकी है। बड़े सितारे एक ब्रांडेड पोस्ट के लिए मोटी रकम वसूलते हैं। कंपनियां भी उन्हीं चेहरों को चुनती हैं जिनकी डिजिटल पकड़ मजबूत हो और जिनका कंटेंट वायरल होने की क्षमता रखता हो। डिजिटल इन्फ्लुएंस के चलते अब उभरते कलाकार भी बड़ी ब्रांड डील हासिल कर पा रहे हैं, भले ही उनके पास अभी बड़ी हिट फिल्में न हों। सोशल मीडिया ने नए चेहरों को बराबरी का मंच दे दिया है।
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ओटीटी और डिजिटल एरा का असर
ओटीटी प्लेटफॉर्म्स के विस्तार के बाद कंटेंट की खपत का तरीका बदल चुका है। अब दर्शक मोबाइल स्क्रीन पर ज्यादा समय बिताते हैं। ऐसे में डिजिटल रूप से एक्टिव कलाकार दर्शकों से लगातार जुड़े रहते हैं। ओटीटी प्रोजेक्ट्स में भी कास्टिंग के दौरान कलाकार की ऑनलाइन फैन फॉलोइंग को महत्व दिया जा रहा है, क्योंकि इससे सब्सक्रिप्शन और व्यूअरशिप पर असर पड़ता है।
न्यूकमर्स को भी मिल रहा फायदा
पहले नए कलाकारों को पहचान बनाने में सालों लग जाते थे, लेकिन अब सोशल मीडिया ने उनके करियर में आने वाली इस दिक्कत को कम कर दिा जिन एक्टर्स की डिजिटल फैन फॉलोइंग मजबूत है, उन्हें बड़े प्रोजेक्ट्स में मौका जल्दी मिल जाता है और उनकी फीस भी तेजी से बढ़ती है।
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डिजिटल इन्फ्लुएंस है कमाई का नया फॉर्मूला
फिल्म इंडस्ट्री अब ‘फेम इकॉनॉमी’ के दौर में है, जहां स्क्रीन प्रेजेंस के साथ-साथ ऑनलाइन प्रेजेंस भी मायने रखती है। लाइक्स और फॉलोअर्स अब सिर्फ नंबर नहीं, बल्कि करोड़ों की कमाई तय करने वाले आंकड़े बन चुके हैं।
कुल मिलाकर, आज के समय में एक्टर्स की फीस सिर्फ उनके पिछले हिट रिकॉर्ड पर नहीं, बल्कि उनके डिजिटल प्रभाव पर भी निर्भर करती है। सोशल मीडिया ने स्टारडम की परिभाषा बदल दी है और यही नया ट्रेंड आने वाले समय में और मजबूत होता नजर आ रहा है।
इन लोगों को मिला फायदा
इनका बड़ा उदाहरण जन्नत जुबैर, भुवन बाम (BB Ki Vines), एल्विश यादव और ध्रुव राठी जैसे सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स हैं। जिन्हें अपनी जबरदस्त फैन फॉलोइंग का बड़ा फायदा मिला है। इन हस्तियों में से किसी को ब्रांड एंडोर्समेंट मिला तो किसी को एक्टिंग में काम करने के मौके मिले। एल्विश यादव को उनके सोशल मीडिया फैंस के बदौलत बिग बॉस ओटीटी 2 में जाने का मौका मिला था और ये शो उन्होंने जीत लिया था। इसके बाद उनके लिए एक्टिंग और रिएलिटी शोज के रास्ते खुलते चले गए।
