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शोले के बारे में ये ऑफ द्र स्‍क्रीन मजेदार बातें जानते हैं आप?

शोले में जय की भूमिका के लिए पहले शुत्रुघ्न सिन्हा को कास्ट किया गया था, फिर अमिताभ बच्चन फिल्म के प्रोड्यूसर्स को यह भरोसा दिलाने में कामयाब रहे कि वह इस भूमिका के लिए सबसे उपयुक्त हैं।

Author नई​ दिल्ली | May 29, 2017 11:54 AM
अमज़द खान को शोले फिल्म से एक समय बाहर करने का फैसला ​कर लिया गया था, क्योंकि फिल्म के स्क्रिप्ट राइटर जावेद अख्तर को उनकी आवाज गब्बर सिंह के रोल के लिए काफी कमजोर लग रही थी। (Photo: YouTube ScreenShot)

1. शोले भारत की पहली 70एमएम, स्टीरियोफोनिक साउंड फिल्म थी। इसका प्रीमियर मुंबई के मिनर्वा थियेटर ने हुआ था।

2. भारतीय सिनेमा में ऐतिहासिक फिल्मों की श्रेणी में स्थान बना चुकी शोले को एक समय कम दर्शक संख्या के कारण सिनेमा हॉलों से निकालने की नौबत आ गयी थी। लेकिन, जब लोग सिनेमा हालॅ से इस फिल्म को देखने के बाद बाहर निकले और उनके माध्यम से अन्य लोगों को फिल्म के बारे में पता चला तो दर्शकों की भीड़ जुटने लगी। देखते ही देखते यह फिल्म भारतीय ​सिनेमा की सबसे बड़ी हिट फिल्मों में शुमार हो गयी। कई फिल्म थियेटरों में शोले सालों तक चलती रही।

3. शोले में जय की भूमिका के लिए पहले शुत्रुघ्न सिन्हा को कास्ट किया गया था, फिर अमिताभ बच्चन फिल्म के प्रोड्यूसर्स को यह भरोसा दिलाने में कामयाब रहे कि वह इस भूमिका के लिए सबसे उपयुक्त हैं।

4. शोले फिल्म में गब्बर सिंह का रोल पहले डैनी डैनजोंगपा को आॅफर हुआ था। लेकिन, डैनी धर्मात्मा​ फिल्म की शूटिंग के सिलसिले में अफगानिस्तान में थे और उन्होंने यह रोल करने से मना कर दिया। इसके बाद अमज़द खान को यह रोल मिला।

5. शोले में वीरू का किरदार निभाने वाले धर्मेंद्र पहले ठाकुर बलदेव सिंह का रोल निभाना चाहते थे। जब फिल्म के निर्देशक रमेश सिप्पी ने धर्मेंद्र को बताया कि उनके मना करने पर संजीव कुमार वीरू का रोल निभाएंगे और हेमा मालिनी उनकी हिरोइन होंगी, तो धर्मेंद्र नरम पड़ गए। संजीव कुमार ने उस समय हेमा मालिनी को शादी के लिए प्रपोज किया था। धर्मेंद्र उस समय हेमामालिनी के साथ प्यार में थे, वो तुरंत ही वीरू का रोल करने के लिए राजी हो गए।

6. शोले फिल्म में वीरू (धर्मेंद्र) से धन्नों (हेमा मालिनी) की शादी के लिए उसकी मौसी के राजी ना होने पर वीरू (धर्मेंद्र) का पानी की टंकी पर चढ़कर आत्महत्या आत्महत्या करने का नाटक और जय (अमिताभ बच्चन) का मौसी को धन्नों की शादी वीरू से करने के लिए मनाने वाला सीन सत्य घटना से प्रेरित था।

7. रमेश सिप्पी ने शोले फिल्म की कहानी लिखने के लिए सबसे पहले मनमोहन देसाई से संपर्क किया था, लेकिन वो ‘चाचा-भतीजा’ फिल्म में व्यस्त थे, जिसके बाद जावेद अख्तर और सलीम खान ने शोले की कहानी लिखी।

8. अमज़द खान को इस फिल्म से एक समय बाहर करने का फैसला ​कर लिया गया था, क्योंकि फिल्म के स्क्रिप्ट राइटर जावेद अख्तर को उनकी आवाज गब्बर सिंह के रोल के लिए काफी कमजोर लग रही थी।

9. फिल्म के क्लाइमेक्स सीन में अमिताभ बच्चन गोली लगने से बाल बाल बचे थे। धर्मेंद्र से गलती से चली गोली अमिताभ से मात्र इंच भर दूरी से निकल गई।

10.​ फिल्म में ट्रेन लूट का दूश्य मुंबई-पुणे लाइन पर पनवेल के पास शूट किया गया था, इस सिक्वेंस की शूटिंग में 20 दिन लगा था।

11. शोले भारतीय इतिहास की पहली फिल्म थी जिसने सिल्वर जुबली (25 weeks) मनाया, यह फिल्म पूरे भारत के कई सिनेमाघरों में लगातार 25 हफ्तों तक चलती रही।

12. शोले का अधिकतर हिस्सा बेंगलुरु के पास स्थित रामनगर कस्बे में शूट हुआ था। फिल्म की सफलता के बाद वहां के रहने वालों ने रमेश सिप्पी के सम्मान में इस कस्बे का नाम सिप्पीनगर रख दिया।

फिल्म की सबसे मजेदार बात, शोले के ओरिजनल क्लाइमेक्स सीन में ठाकुर ने गब्बर को जान से मार दिया था। भारतीय सेंसर बोर्ड इस क्लाइमेक्स सीन से सहमत नहीं था, सेंसर बोर्ड का कहना था कि इस तरह के क्लाइमेक्स में ‘कानून का राज’ धारणा को ठेस पहुंचती है, नौजवान फिल्म देखकर ऐसा करने के लिए प्रेरित होंगे। इसलिए फिल्म के क्लाइमेक्स में नया सीन डाला गया, जिसमें ठाकुर गब्बर को मारते इससे पहले ही पुलिस आ धमकती है और गब्बर को यह कहते हुए गिरफ्तार कर लेती है कि अपराधी को सजा देने का हक सिर्फ कानून को है।

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