फर्स्ट क्लास की जगह थर्ड क्लास में सफर कर मुंबई पहुंचे थे धर्मेंद्र; एक्टर को सता रहा था इस बात का डर; लेजेंड ने सुनाया किस्सा

धर्मेंद्र तब का किस्सा शेयर करते हैं जब वह अपने गांव साहनेवाल से मुंबई की तरफ आ रहे थे उस वक्त उनको कहा गया था कि वह फर्स्ट क्लास में..

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बॉलीवुड स्टार धर्मेंद्र (फोटो सोर्स- इंडियन एक्सप्रेस)

बॉलीवुड के ही-मैन धर्मेंद्र (Dharmendra ) ने जब माया नगरी में कदम रखा था उस वक्त उनके पास कुछ भी नहीं था। एक्टर धर्मेंद्र पंजाब के एक छोटे से गांव से जब मुंबई आए तो उनके पास रहने तक के लिए जगह नहीं थी। लेकिन धर्मेंद्र ने अपने करियर को बनाने में इतना संघर्ष किया कि मुंबई शहर ने उन्हें झट से अपना लिया। धर्मेंद्र तब का किस्सा शेयर करते हैं जब वह अपने गांव साहनेवाल से मुंबई की तरफ आ रहे थे उस वक्त उनको कहा गया था कि वह फर्स्ट क्लास में आएं लेकिन एक डर की वजह से धर्मेंद्र फर्स्ट क्लास में न जाकर थर्ड क्लास के डिब्बे में सफर कर मुंबई पहुंचे थे।

दरअसल, फिल्मफेयर की तरफ से जो टैलेंट हंट कॉन्टेस्ट होता था उसमें धर्मेंद्र ने भी अप्लाई किया था। धर्मेंद्र जब एक बार घर में बैठे हुए थे तब अख्बार में इस ऐड को देख कर उन्होंने इस टैलेंट हंट शो में अप्लाई किया था। जिसके बाद उन्हें मुंबई से बुलावा आ गया था।

इस दौरान का एक किस्सा शेयर करते हुए धर्मेद्र ने बताया कि- ‘1958 में मैंने फिल्मफेयर टैलेंट कॉन्टेस्ट जीता। मुझे फिल्मफेयर वालों ने कहा था कि आपको फर्स्ट क्लास फेयर दिया जाएगा। तो मैं पहले तो उस खत को बार बार देखे जा रहा था कि उन्हीं का है कि नहीं, कोई गलत कंपनी न हो, किसी और ने तो नहीं बुला लिया है? तो मैंने कहा कि अगर मैं फर्स्टक्लास में गया और मुझे पेमेंट नहीं की तो मैं तो मारा जाऊंगा। तो मैं थर्ड क्लास में चला गया साहब।’

आजतक को दिए इंटरव्यू में धर्मेंद्र ने बताया था- ‘जब जा रहे थे तो दिल्ली स्टेशन पर मैं देख रहा था लोगों को, मेरे मामा मुझसे मिलने आए थे। तो मैंने सोचा कोई और भी जा रहा होगा इस कॉन्टेस्ट के लिए, तो सुरेश पुरी भी थे उस ट्रेन में। वह मेरे साथ उस कॉन्टेस्ट में कंटेस्टेंट थे। तो मेरा अंदाजा सही निकला। वो फर्स्ट क्लास से बाहर आए, टक टक करते हुए। उन्होंने सिगरेट खरीदी, बगल में दो चार मैगजीन खरीद के रखीं। मैंने कहा-एक तो ये जा रहा है। उन्हें देखते ही लग रहा था कि वह हीरो जा रहा है कोई।’ अधूरी रह गई धर्मेंद्र और हेमा मालिनी की देवदास-पारो बनने की ख्वाहिश, अचानक बंद हो गई थी फिल्म

धर्मेंद्र आगे कहते हैं- ‘उस वक्त सेंस ऑफ सिस्पॉन्सिबिलिटी मेरे अंदर कितनी थी इस बात का अंदाजा लगाया जा सकता है कि कल अगर नहीं मिला तो मैं क्या करूंगा। आज भी मैं ऐसे ही सोचता हूं। आज भी ऐसे ही मोहब्बत करता हूं, इससे मैं कभी न निकल पाया न निकल पाऊंगा।’ जितेंद्र-हेमा मालिनी की शादी रोकने के लिए शोभा कपूर को मद्रास लेकर पहुंच गए थे धर्मेंद्र, फिर हुआ था कुछ ऐसा

 

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