पिछले साल 24 नवंबर को धर्मेंद्र का निधन हो गया था। उनके जाने से परिवार, दोस्तों और दुनिया भर में मौजूद उनके करोड़ों प्रशंसकों को गहरा सदमा लगा। अब उनकी पत्नी और अभिनेत्री-राजनेता हेमा मालिनी ने एक इंटरव्यू में धर्मेंद्र की आखिरी सीख का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि धर्मेंद्र हमेशा चाहते थे कि पूरा परिवार एकजुट रहे।
इस दौरान उन्होंने धर्मेंद्र की पहली पत्नी प्रकाश कौर से हुए बेटे सनी देओल और बॉबी देओल की भी तारीफ की और कहा कि परिवार के सभी सदस्य आज भी साथ हैं, भले ही लोग कुछ भी सोचते हों।
हिंदी रश को दिए इंटरव्यू में हेमा मालिनी ने धर्मेंद्र और देओल परिवार के बारे में खुलकर बात की। उन्होंने कहा, “धरम जी हमेशा कहते थे कि जितना हो सके बच्चों के साथ रहो। परिवार के साथ समय बिताओ। उनका मानना था कि आज के समय में परिवार का एकजुट रहना सबसे जरूरी है, जबकि अब ऐसा कम देखने को मिलता है। आजकल बच्चे बड़े होकर अपनी-अपनी जिंदगी में व्यस्त हो जाते हैं।”
हेमा मालिनी और धर्मेंद्र ने 1980 में शादी की थी। उनकी दो बेटियां हैं, ईशा देओल और अहाना देओल। वहीं, धर्मेंद्र की पहली पत्नी प्रकाश कौर से चार बच्चे हैं सनी देओल, बॉबी देओल, अजीता और विजेता। धर्मेंद्र अपने अंतिम समय तक प्रकाश कौर के साथ रहते थे, जबकि हेमा मालिनी उनके घर के पास ही स्थित अपने घर में रहती थीं।
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धर्मेंद्र का परिवार के नाम आखिरी संदेश
जब हेमा मालिनी से धर्मेंद्र के आखिरी संदेश के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, “उन्होंने यही कहा था कि परिवार के साथ रहना। सभी को साथ लेकर चलना। काम तो चलता रहेगा, लेकिन परिवार को हमेशा सबसे ज्यादा महत्व देना।”
सनी और बॉबी देओल को हेमा ने बताया अच्छा
सनी देओल और बॉबी देओल के बारे में बात करते हुए हेमा मालिनी ने कहा, “दोनों बहुत अच्छे हैं। सनी बहुत अच्छे इंसान हैं और बॉबी भी बेहद प्यारे हैं। हम सभी हमेशा साथ रहते हैं। हम इसका दिखावा या प्रचार नहीं करते, लेकिन परिवार के अंदर सब कुछ बहुत अच्छा है। हम सब एकजुट हैं और बहुत खुशहाल परिवार हैं।”
अच्छे पिता और नाना थे धर्मेंद्र
धर्मेंद्र के व्यक्तित्व के बारे में बात करते हुए हेमा मालिनी ने कहा, “इतने महान इंसान के बारे में क्या कहूं, शब्द कम पड़ जाते हैं। वह हमेशा जमीन से जुड़े रहे।”
उन्होंने आगे कहा, “अगर घर के बाहर कोई हलचल होती थी तो वह तुरंत पूछते थे कि क्या हुआ। अगर कोई उनसे मिलने या तस्वीर खिंचवाने आता था तो वह उसे घर के अंदर बुला लेते थे। वह हर किसी से मिलते थे, सबका आदर करते थे और लोगों को खाना खिलाना उन्हें बहुत पसंद था। उन्हें लोगों से बहुत लगाव था। उन्हें कविता का भी शौक था और वह अपनी रचनाएं प्रशंसकों के साथ साझा करना पसंद करते थे।”
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हेमा ने कहा, “मैंने उनके साथ कई साल काम किया। वह हमेशा उदार और प्यार करने वाले इंसान रहे। उन्होंने सभी को सिखाया कि जिंदगी में चाहे कितनी भी मुश्किल आए, उसका डटकर सामना करना चाहिए और उसका हल निकालना चाहिए।”
उन्होंने धर्मेंद्र को बहुत स्नेही पिता और बहुत प्यार करने वाले नाना बताया। उन्होंने भावुक होकर कहा, “बच्चे उन्हें कितना याद करते हैं, यह मैं शब्दों में बयां नहीं कर सकती।”
धर्मेंद्र के निधन के बाद मुंबई में देओल परिवार ने उनकी याद में एक श्रद्धांजलि सभा आयोजित की थी, जिसमें हेमा मालिनी और उनकी बेटियां शामिल नहीं हुई थीं। उसी दिन हेमा मालिनी ने अपने घर पर अलग से प्रार्थना सभा रखी थी। कुछ दिनों बाद दिल्ली में भी धर्मेंद्र की स्मृति में एक प्रार्थना सभा आयोजित की गई, जिसमें कई राजनीतिक हस्तियां शामिल हुईं।
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अप्रैल 2026 में स्क्रीन अवॉर्ड्स के दौरान बॉबी देओल ने अपने दिवंगत पिता की ओर से लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड स्वीकार किया। यह सम्मान लेते समय बॉबी भावुक हो गए और उनकी आंखों में आंसू आ गए।
बॉबी ने कहा, “आप सभी की आंखों में मुझे अपने पिता के लिए प्यार दिखाई देता है। उन्होंने अपने काम से ही नहीं, बल्कि अपने इंस्टाग्राम रील्स के जरिए भी लोगों के दिलों को छुआ था।”
उन्होंने आगे कहा, “वह हमेशा चाहते थे कि लोग खुश रहें। उनका मानना था कि भगवान ने हर इंसान को कोई न कोई खास प्रतिभा दी है। अगर हम खुद पर विश्वास रखें तो जिंदगी में कुछ भी हासिल कर सकते हैं।”
