पाकिस्तान बन गया हमीदा चली गई- विभाजन के बाद पहले प्यार से अलग हो गए थे धर्मेंद्र, याद कर हो गए थे भावुक

धर्मेंद्र को विभाजन के बाद उनके पहले प्यार से अलग होना पड़ा था। इस किस्से को खुद धर्मेंद्र ने बॉबी देओल और सलमान खान के सामने ‘दस का दम’ में बताया था।

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बॉलीवुड एक्टर धर्मेंद्र (फोटो सोर्स- इंडियन एक्सप्रेस)

बॉलीवुड के मशहूर एक्टर धर्मेंद्र ने फिल्म ‘दिल भी तेरा हम भी तेरे’ से हिंदी सिनेमा में कदम रखा था। धर्मेंद्र को बॉलीवुड के हैंडसम हीरो में तो गिना ही जाता था, साथ ही कई बॉलीवुड एक्ट्रेस का भी उनपर क्रश था। लेकिन खुद धर्मेंद्र को पहली बार प्यार का एहसास उस वक्त हुआ जब वह छठी क्लास में थे। हालांकि देश के विभाजन के बाद धर्मेंद्र को उनके पहले प्यार से अलग होना पड़ा था। इस किस्से को खुद धर्मेंद्र ने बॉबी देओल और सलमान खान के सामने ‘दस का दम’ में बताया था। इतना ही नहीं, धर्मेंद्र अपने पहले प्यार को याद कर भावुक भी हो गए थे।

धर्मेंद्र के पहले प्यार का नाम हमीदा था। उन्होंने बताया था कि वह छठी कक्षा में थे और हमीदा आठवीं कक्षा में थीं। इसके बाद भी वह धर्मेंद्र की हर बात में मदद किया करती थीं। किस्सा साझा करते हुए धर्मेंद्र ने बताया था कि मैं आज भी कभी-कभी हमीदा को याद कर लेता हूं।

धर्मेंद्र ने हमीदा से जुड़ा किस्सा शायराना अंदाज में साझा किया। उन्होंने कहा, “मैं दिल की बातें लिखता हूं, दिमाग की नहीं। मैं छोठा था और मेरी उम्र भी मासूम थी। वो क्या थी पता नहीं, पास जाने को जिसके, साथ बैठने को जिसके जी चाहता था। वह स्टूडेंट थी आठवीं की और मैं छठी में पढ़ता था।”

धर्मेंद्र ने हमीदा का जिक्र करते हुए आगे कहा, “हमीदा हमारे स्कूल टीचर की बेटी थी, यूं ही मुस्कुरा देती थी मैं भी पास चला जाता था। वह चुप रहती थी, मैं भी सिर झुका लेता था। वो पूछती थी क्यों सवाल नहीं हल हुआ क्या। ला दे कॉपी मैं हर कर देती हूं। उसे लगता था कि छठी का सवाल हल नहीं हुआ होगा। कॉपी देते हुए उसकी उंगलियों से स्पर्श हुआ।”

धर्मेंद्र ने इस बारे में बात करते हुए आगे कहा, “वो पूछती कुछ और थी, मैं कह कुछ और जाता था। फिर वह चुप हो जाती और मैं सिर झुका लेता। वह कहती उदास मत हो, अभी भी समय है तेरे इम्तिहान में, सब ठीक हो जाएगा। वह चली जाती और मैं देखता रहता जाता था। मैं सोचता था कि यह अनोखी कोशिश, अंजाना एहसास क्या है।”

बंटवारे का जिक्र करते हुए धर्मेंद्र ने कहा, “पाकिस्तान बन गया, हमीदा चली गई और मुझे मेरे सवालों का मतलब समझ आ गया। अभी भी उसकी याद आ जाती है, एक मीठी सी चुभन जगा जाती है। मैं खुद पर हंस देता हूं। खुद से कहता हूं कि यह पहला मासूम कदम था जो तू ता जिंदगी नहीं भूलेगा।” बता दें कि विभाजन के बाद धर्मेंद्र अपने जिगरी दोस्तों से भी अलग हो गए थे। इस बात का जिक्र उन्होंने इंटरव्यू में किया था।

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