पीएम मोदी को 15 अगस्त को झंडा फहराने से रोकना चाहता है ख़ालिस्तानी गैंग- किसान आंदोलन पर दीपक चौरसिया का ट्वीट

किसान नेता राकेश टिकैत ने दिल्ली में तिरंगा झंडा फहराने की बात कही है। वरिष्ठ पत्रकार दीपक चौरसिया ने इस पर ट्वीट किया है। उन्होंने लिखा, ‘किसान आंदोलन की आड़ में देश के खिलाफ ज़हर उगल रहा खालिस्तानी गैंग।’

Farmers Protest
किसान आंदोलन पर दीपक चौरसिया ने किया ट्वीट (प्रतीकात्मक तस्वीर)

दिल्ली के गाजीपुर बॉर्डर पर किसान आंदोलन जारी है और जंतर-मंतर पर भी किसान संसद चल रही है। 15 अगस्त के मद्देनज़र दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा के विशेष इंतेज़ाम भी कर लिए हैं। किसान नेता राकेश टिकैत ने बुधवार को कहा कि 15 अगस्त को हम झंडा फहराएंगे। टिकैत ने कहा कि झंडा फहराना कोई अपराध तो है नहीं, हमें दिल्ली में बस 5 गज जगह चाहिए। ऐसे में वरिष्ठ पत्रकार दीपक चौरसिया ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है।

दीपक चौरसिया ने दावा किया है कि किसान आंदोलन की आड़ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को झंडा फहराने से रोकने का प्लान बनाया गया है। दीपक चौरसिया ने बुधवार को ट्वीट करते हुए लिखा, ‘किसान आंदोलन की आड़ में देश के खिलाफ जहर उगल रहा खालिस्तानी गैंग, उसका प्लान 15 अगस्त के कार्यक्रम में बाधा पहुंचाना और पीएम मोदी को झंडा फहराने से रोकने का है।’

दीपक चौरसिया के ट्वीट पर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रिया आ रही है। दुष्यंत शर्मा नाम से यूजर लिखते हैं, ‘मै देश का किसान हूं, सरकार से अनुरोध है कि हमारा नाम न खराब होने दिया जाए, इन पर कड़ी कार्रवाई की जाए, किसान अपने खेतों में है। मुझे इस आंदोलन को किसान आंदोलन बोलने पर आपत्ति है।’ यूजर अरविंद विश्वकर्मा लिखते हैं, ‘खालिस्तानी और देश विरोधी ताकतें खुलकर अपना खेल खेल रही है, कांग्रेस, वामपंथी इनके साथ हैं। सरकार को मालूम होने के बावजूद इनके खिलाफ क्यों कार्रवाई नहीं की जाती है?’

यूजर गुरफान खान लिखते हैं, ‘अब ये लोग खालिस्तानी हो गए। पहले ये विपक्ष की चाल लग रही थी। हिंदू-मुस्लिम का ज़हर नहीं मिला तो ये ढूंढ लाए। कैसे दीपक हो? घर में उजाला करने की जगह जलाने की तैयारी कर रहे हो। भारत तुम्हें कभी माफ नहीं करेगा।’ हेमंत पाठक नाम के ट्विटर यूजर लिखते हैं, ‘दीपक जी, ये आंदोलन पहले से ही सवालों के घेरे में था, लेकिन रही सही कसर 26 जनवरी के उत्पाद ने मचा दी। अब अगर 15 अगस्त को भी कुछ होता है तो साफ हो जाएगा कि ये आंदोलन की आड़ में कुछ और ही था।’

राकेश टिकैत ने की झंडा फहराने की अपील: राकेश टिकैत ने कहा, ‘ जब स्कूल में झंडा फहराया जाता है, दफ्तरों में झंडा फहराया जाता है तो फिर किसानों के पास भी ये हक रहना चाहिए. उन्होंने साफ कर दिया है कि वे लोग झंडा सिर्फ और सिर्फ दिल्ली में ही फहराना चाहते हैं।’ हालांकि अभी तक दिल्ली में प्रशासन की तरफ से ऐसी किसी अनुमति देने की बात नहीं कही गई है।

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