बॉलीवुड में अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम की छवि लंबे समय तक एक स्टाइलिश, ताकतवर और खौफनाक माफिया के तौर पर पेश की जाती रही है। महंगे सूट, रौबदार अंदाज और सत्ता पर पकड़, यह सब फिल्मों में दाऊद जैसे किरदारों की पहचान बना रहा। अब आदित्य धर के निर्देशन में बनी फिल्म ‘धुरंधर: द रिवेंज’ में भी दाऊद इब्राहिम के किरदार को दिखाया गया है, लेकिन इस बार उनकी छवि पूरी तरह अलग दिखाई गई है।
जिन लोगों ने फिल्म देख ली है उन्होंने इस बात पर गौर किया होगा। जो गैंगस्टर हमेशा चश्मा लगाकर रौब में नजर आता था वो असहाय पलंग पर पड़ा हुआ है, जो चाहता तो बहुत कुछ है मगर ज्यादा कुछ कर नहीं पा रहा है। उसे एक ऐसे व्यक्ति के रूप में दिखाया गया है जो हालात से घिरा हुआ, कमजोर और बेबस नजर आता है।
बॉलीवुड में हमेशा स्टाइलिश और खतरनाक रही दाऊद की इमेज
हिन्दी सिनेमा में मुंबई के अपराधियों का चित्रण 1990 के दशक से शुरू हो चुका था मगर 21वीं सदी में ऐसी फिल्मों की लाइन लग गयी जिनमें परोक्ष या प्रत्यक्ष रूप से दाऊद इब्राहिम की लार्जर दैन लाइफ इमेज बनती नजर आने लगी। कई फिल्मों में दाऊद से प्रेरित बताया जाने वाला रोल फिल्म जगत के अग्रणी स्टार को दिया गया। आइए एक नजर डालते हैं उन चर्चित फिल्मों पर जो दाऊद इब्राहिम के जीवन से प्रेरित बतायी जाती हैं।
कंपनी (2002)
दाऊद इब्राहिम से प्रेरित बतायी जाने वाली पहली चर्चित फिल्म रामगोपाल वर्मा की कंपनी थी जो साल 2002 में रिलीज हुई। इस फिल्म में अजय देवगन ने ‘मलिक’ का किरदार निभाया, जिसे दाऊद से प्रेरित बताया गया। अंडरवर्ल्ड डॉन के शातिर दिमाग, कूटनीति और मुंबई में डी-कंपनी चलाता है। यह किरदार शांत, रणनीतिक और बेहद ताकतवर डॉन के रूप में निखरकर सामने आया।
ब्लैक फ्राइडे (2004)
अनुराग कश्यप की फिल्म ‘ब्लैक फ्राइडे’ में दाऊद इब्राहिम का किरदार अभिनेता विजय मौर्य ने निभाया था। इस फिल्म में दाऊद के किरदार को बहुत ही रियल और रहस्यमयी तरीके से दिखाया गया है, जो मुख्य रूप से 1993 के मुंबई बम धमाकों के मास्टरमाइंड टाइगर मेमन के साथ उसके संबंधों और साजिश के इर्द-गिर्द घूमता है।C
वन्स अपॉन ए टाइम इन मुंबई (2010)
इस फिल्म में इमरान हाशमी ने ‘शोएब खान’ का किरदार निभाया, जिसे दाऊद से प्रेरित माना गया। यहां वह एक स्टाइलिश डॉन के रूप में नजर आए। फिल्म में इस गैंगस्टर को चालाक और निर्दयी दिखाया गया, जो मुंबई पर राज करता है। इमरान हाशमी ने इस भूमिका में दाऊद की शुरुआती आपराधिक कारनामों को दर्शाया है।
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डी-डे (2013)
ऋषि कपूर ने ‘इकबाल सेठ’ का किरदार निभाया, जो साफ तौर पर दाऊद इब्राहिम से प्रेरित था। फिल्म में उनका किरदार बेहद शातिर, क्रूर और कराची में छिपकर रहने वाले एक कुख्यात अपराधी के रूप में दिखाया गया है, जो भारत के खिलाफ साजिशें रचता है। ऋषि कपूर के अभिनय की इस निगेटिव भूमिका के लिए काफी प्रशंसा की गई थी।
शूटआउट एट वडाला (2013)
इस फिल्म में सोनू सूद ने ‘दिलावर इमरान’ का रोल किया, जिसे दाऊद की शुरुआती जिंदगी से जोड़ा जाता है। यहां भी उनका अंदाज दबदबे वाला दिखाया गया। यह किरदार एक चतुर और उदयमान अंडरवर्ल्ड डॉन के रूप में दिखाया गया है जो मन्या सुर्वे (जॉन अब्राहम) के साथ सीधे टकराव के बजाय पर्दे के पीछे से अपनी ताकत बढ़ाता है।
डी कंपनी (2021)
रामगोपाल वर्मा ने साल 2021 में डी कंपनी बनायी जिसे दाऊद इब्राहिम से प्रेरित बताया गया। इस फिल्म में कंपनी की तरह बड़े स्टार नहीं थे मगर दाऊद से प्रेरित किरदार को खूंखार और चालाक डॉन की तरह ही पेश किया गया।
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‘धुरंधर 2’ में बदली तस्वीर
इन सभी फिल्मों में जहां दाऊद और दूसरे अपराधियों को पावरफुल शख्सियत के रूप में पेश किया गया, वहीं ‘धुरंधर 2’ ने इस फिल्मी छवि को उलट दिया। फिल्म में माफिया डॉन ‘बड़े साहब’ का किरदार कमजोर और कई बार लाचार नजर आता है। यह बदलाव सिर्फ सिनेमाई प्रयोग नहीं है, बल्कि उस नैरेटिव को चुनौती देने की कोशिश भी है, जिसमें अपराधियों को ग्लैमराइज किया जाता रहा है। हालांकि, इसी बदलाव को लेकर फिल्म पर प्रोपेगेंडा होने के आरोप भी लग रहे हैं।
दाऊद इब्राहिम का आपराधिक इतिहास
दाऊद इब्राहिम अंडरवर्ल्ड सरगना है, जिसका नाम भारत के सबसे बड़े आपराधिक मामलों और आतंकी घटनाओं से जोड़ा जाता रहा है। खासकर 1993 मुंबई बम धमाके में, जिसने देश को झकझोर कर रख दिया था।
1993 मुंबई बम धमाके
12 मार्च 1993 को मुंबई में हुए 12 सीरियल बम धमाकों का मुख्य साजिशकर्ता अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम और उसका साथी टाइगर मेमन था। इन धमाकों को बाबरी मस्जिद विध्वंस के बदले के रूप में अंजाम दिया गया था, जिसमें 257 लोग मारे गए और 700 से ज्यादा घायल हुए थे। ये धमाका भारत के इतिहास के सबसे भयावह आतंकी हमलों में गिने जाता है। जांच में सामने आया कि इस साजिश में दाऊद इब्राहिम और उसके नेटवर्क की बड़ी भूमिका थी, जबकि टाइगर मेमन को इसका मुख्य साजिशकर्ता माना गया।
बॉलीवुड पर अंडरवर्ल्ड का दबदबा
1990 के दशक में दाऊद इब्राहिम का बॉलीवुड पर भी काफी प्रभाव माना जाता था। फिल्म प्रोड्यूसर्स और एक्टर्स को उसकी तरफ से धमकी भरे फोन कॉल आते थे। वो कई लोगों से जबरन पैसों की वसूली किया करता था। बताया जाता है कि फिल्मों में फाइनेंसिंग के जरिए अंडरवर्ल्ड का पैसा भी लगाया जाता था, इतना ही नहीं कथित तौर पर कुछ मामलों में कलाकारों को कास्टिंग के लिए दबाव भी डाला जाता था।
तस्करी और डी-कंपनी का नेटवर्क
दाऊद इब्राहिम का आपराधिक नेटवर्क, जिसे डी-कंपनी कहा जाता है। वो कई गैरकानूनी गतिविधियों में शामिल रहा है। जैसे-
1- सोने और इलेक्ट्रॉनिक्स की तस्करी।
दाऊद 1980–90 के दशक में भारत में सोने की तस्करी का बड़ा नेटवर्क चलाया करता था। जिसमें दुबई और अन्य देशों से सामान भारत लाया जाता था।
2- ड्रग्स और हथियारों की सप्लाई
दाऊद किसी भी तरह के अपराध में पीछे नहीं रहा। उस पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ड्रग्स तस्करी के आरोप भी हैं। इसके साथ ही उसका नाम अवैध हथियारों की आपूर्ति में भी जुड़ा है।
3- हवाला और मनी लॉन्ड्रिंग
वो अवैध पैसों को सफेद करने के लिए हवाला नेटवर्क का इस्तेमाल किया करता था। उसका ये नेटवर्क कथित तौर पर कई देशों में फैला था।
4- सुपारी किलिंग और गैंगवार
उसने कई लोगों की हत्या भी करवाई है। उस पर कई कारोबारियों की हत्या के लिए सुपारी देने के आरोप भी हैं। उस पर ये भी आरोप है कि उसने मुंबई में गैंगवार के दौर को बढ़ावा दिया।
