Criticism, expression of dissatisfaction permissible: Delhi High Court on plea against Netflix series ‘Sacred Games’ - Jansatta
ताज़ा खबर
 

Netflix के ‘सैक्रेड गेम्स’ केस में हाईकोर्ट की टिप्पणी- असंतोष की अभिव्यक्ति पर पाबंदी नहीं

दिल्ली उच्च न्यायालय ने नेटफ्लिक्स की सीरीज ‘‘ सैक्रेड गेम्स ’’ के खिलाफ एक याचिका पर सुनवाई करते हुए आज कहा कि आलोचना और असंतोष की अभिव्यक्ति की अनुमति है और वह किसी के अधिकार को कम नहीं करना चाहता।

Author नई दिल्ली | July 20, 2018 12:32 PM
दिल्ली उच्च न्यायालय ने नेटफ्लिक्स की सीरीज ‘‘ सैक्रेड गेम्स ’’ के खिलाफ एक याचिका पर की सुनवाई- कहा पहले ही हटा दिए थे अपमानजनक दृश्य

दिल्ली उच्च न्यायालय ने नेटफ्लिक्स की सीरीज ‘‘ सैक्रेड गेम्स ’’ के खिलाफ एक याचिका पर सुनवाई करते हुए आज कहा कि आलोचना और असंतोष की अभिव्यक्ति की अनुमति है और वह किसी के अधिकार को कम नहीं करना चाहता। याचिका में दावा किया गया है कि कार्यक्रम में कुछ दृश्य पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी का अपमान करते हैं और इन्हें हटाया जाना चाहिए। न्यायमूर्ति संजीव खन्ना और न्यायमूर्ति चंदर शेखर की पीठ को नेटफ्लिक्स की ओर से पेश हुए वकील ने बताया कि उन्होंने सीरीज के चौथे एपिसोड में अंग्रेजी में दिए उपनामों में एक शब्द को खुद से बदल दिया है जो कथित तौर पर अपमानजनक था। पीठ ने कहा कि बदले हुए शब्द की क्लिपिंग अदालत में जमा कराई जाए और उसने मामले पर अगली सुनवाई के लिए छह अगस्त की तारीख तय कर दी।

पीठ ने कहा  आलोचना या असंतोष की अभिव्यक्ति की अनुमति है। हमें नहीं लगता कि किसी को इस पर आपत्ति होगी। ’’ अदालत वकील निखिल भल्ला की याचिका पर सुनवाई कर रही है। वकील शशांक गर्ग द्वारा दायर याचिका में दलील दी गई है कि सैफ अली खान और नवाजुद्दीन सिद्दीकी अभिनीत कार्यक्रम में ‘‘बोफोर्स मामला, शाह बानो मामला, बाबरी मस्जिद मामला और सांप्रदायिक दंगे जैसी देश की ऐतिहासिक घटनाओं को गलत तरीके से दिखाया गया है। अदालत ने यह भी कहा कि प्रथम दृष्टया यह निजी क्षति हो सकती है ना कि सार्वजनिक क्षति और उसने याचिकाकर्ता से इस बिन्दु पर अपनी दलील पेश करने के लिए कहा कि इस याचिका पर जनहित याचिका के तौर पर सुनवाई की जानी चाहिए।
याचिकाकर्ता के वकील ने कहा कि राजीव गांधी देश के पूर्व प्रधानमंत्री थे और भारत रत्न से सम्मानित हैं तथा पूरा देश सीरीज में दिखाए दृश्यों से नाराज है जो कथित तौर पर अपमानजनक हैं।

अदालत ने कहा , ‘‘ यह निजी क्षति हो सकती है। यह जन क्षति नहीं हो सकती। हमें नहीं लगता कि हम कह सकते हैं कि इससे जन क्षति हुई है। हम किसी के अधिकार को रोकना या कम करना नहीं चाहते। हम तभी आदेश देते हैं जब हमें लगता है कि कोई उल्लंघन हुआ है। ’’ नेटफ्लिक्स की ओर से पेश हुए वरिष्ठ वकील चंदर लाल ने कहा कि वह किसी को भी ठेस पहुंचाना नहीं चाहते और यहां तक कि राजीव गांधी के बेटे राहुल गांधी ने भी ट्वीट कर कहा कि उन्हें इस कार्यक्रम की सामग्री से कोई दिक्कत नहीं है।

इससे पहले अदालत ने कहा था कि कलाकारों को उनकी भूमिकाएं निभाने के लिए जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता है। अदालत ने कहा कि एक व्यक्ति को अपने विचारों को व्यक्त करने का अधिकार है, चाहे वह सही हो या गलत। याचिका में आरोप लगाया गया है कि कार्यक्रम में कुछ दृश्य और संवाद दिवंगत कांग्रेस नेता का अपमान करते हैं। याचिका में नेटफ्लिक्स एंटरटेनमेंट, कार्यक्रम की निर्माता फैंटम फिल्म्स प्रोडक्शन लिमिटेड और केंद्र को यह निर्देश देने की मांग की गई है कि पूर्व प्रधानमंत्री या उनके परिवार के खिलाफ प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष तौर पर की गई कथित अपनमानजनक टिप्पणियों और दृश्यों को ‘‘पूर्णत:’’ हटाया जाए। याचिका में कहा गया है कि कार्यक्रम के पहले सीजन में आठ एपिसोड हैं जो छह जुलाई को प्रसारित हुए और ये चार भाषाओं में 190 देशों में उपलब्ध हैं।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App