कोयले की कमी है, कागज की नहीं, बिजली का बिल तो आएगा- कांग्रेस नेता का तंज, पूर्व IAS बोले- कोयले से ऑक्सीजन निकालने वाली विधि नहीं आई?

आम आदमी पार्टी, कांग्रेस समेत सभी विपक्षी पार्टियां कोयला संकट पर केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार को घेर रहीं हैं लेकिन सरकार का कहना है कि बिजली उत्पादन के लिए देश में पर्याप्त कोयला है।

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देश भर से कोयला संकट की खबरें आ रहीं हैं (File Photo)

देश के कई राज्यों से कोयले की कमी की ख़बरें आ रहीं हैं। बताया जा रहा है कि कोयले की कमी से देश की बिजली आपूर्ति में कमी आ सकती है। सोमवार को बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी यह कहा कि राज्य को पर्याप्त बिजली की आपूर्ति नहीं हो रही। आम आदमी पार्टी, कांग्रेस समेत सभी विपक्षी पार्टियां कोयला संकट पर केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार को घेर रहीं हैं लेकिन सरकार का कहना है कि बिजली उत्पादन के लिए देश में पर्याप्त कोयला है।

इस मुद्दे को लेकर सोशल मीडिया पर भी बहस छिड़ी हुई है। कांग्रेस विधायक जयवर्धन सिंह ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से मध्य प्रदेश में कोयला संकट से जुड़ी एक खबर को ट्वीट किया है। उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा, ‘चिंता ना करें कोयला की कमी है, कागज़ की नहीं… बिजली आए या ना आए, बिल बराबर आते रहेंगे, और वो लंबे-लंबे और बड़े-बड़े… ।’

रिटायर्ड आईएएस सूर्य प्रताप सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक पुराने बयान पर कटाक्ष करते हुए बिजली संकट पर अपनी टिप्पणी की है। पीएम ने साल 2018 में बायोफ्यूल डे के मौके पर नाली के गैस से चाय बनाने का एक किस्सा सुनाया था जिसे लेकर उनकी आलोचना भी हुई थी। इसी बात को लेकर सूर्य प्रताप सिंह ने अपने ट्वीट में लिखा, ‘कोयले के ढेर से नली लगा कर ऑक्सीजन निकालने की कोई विधि आई क्या? नाली से गैस की तरह।’

कांग्रेस के आधिकरिक ट्विटर हैंडल से कोयला संकट को लेकर ट्वीट किया गया, ‘देश कोयले की कमी की वजह से भारी बिजली संकट के मुहाने पर खड़ा है। देश में कोयले से चलने वाले कुल 135 पावर प्लांट्स में से ज्यादातर के पास औसतन महज 2-4 दिनों तक का ही कोयला स्टॉक बचा है। मगर सरकार अंधेरे में तीर मारने की तैयारी कर रही है।’

कांग्रेस नेता गौरव पांधी ने अपने ट्वीट में लिखा, ‘भाजपा सरकार ने पूरे देश को अंधेरे में धकेलने का प्रोग्राम बना लिया है। कोयले की कमी से देश भर के पावर प्लांट बंद होने के कगार पर हैं। उधर अडानी ऑस्ट्रेलिया की अपनी खदान से कोयला निर्यात करने को तैयार हैं। देश चाहे बर्बाद हो जाए, अडानी का फायदा होना चाहिए।’

कांग्रेस नेता डॉ. उदित राज ने भी कोयला संकट के लिए बीजेपी पर निशाना साधा है। उन्होंने ट्वीट किया, ‘कोयला की कमी का संकट बिजली उत्पादन का छाया हुआ है जो कभी नहीं हुआ। इतना ही नहीं ये महंगा भी बहुत है। बोलने पर हिंदू धर्म ख़तरे में आ जाएगा। मोदी जी की अडानी पर मेहरबानी है तो कोई क्या कर लेगा?’

सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के संस्थापक ओम प्रकाश राजभर ने कोयला संकट पर उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा, ‘उत्तर प्रदेश में “बिजली” आए या न आए… लेकिन “बिजली बिल” जरुर आएगा। “कोयला” खत्म हुआ है “कागज” नहीं। पहले कोयला खानों को बेच दिया। और अब बिजली विभाग में घाटा बताकर भाजपा सरकार कोयला की कमी और बिजली संकट दिखाकर कुछ कोयला खदानों को अड़ानी के हाथों बेचने की तैयारी कर चुकी है।’

वहीं कॉमेडियन राजीव निगम ने अपने ट्वीट में लिखा, ‘जब इस देश में ऑक्सीजन की कमी से कोई नहीं मरा तो ये कोयला क्या उखाड़ लेगा?’

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