दिल्ली में सोमवार को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का विशाल प्रदर्शन हुआ, जो नीट पेपर लीक और सोनम वांगचुक के अनशन से जुड़ा था। संसद भवन की तरफ मार्च करने पर पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया। अब इस प्रोटेस्ट की कई तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं, जिसे देखने के बाद बॉलीवुड और टीवी जगत की कई मशहूर हस्तियों ने इस पर अपना रिएक्शन दिया है। इस लिस्ट में सोनू सूद से लेकर अनुराग कश्यप और मुनव्वर फारुकी तक का नाम शामिल है।
भूमि पेडनेकर ने जाहिर की चिंता
भूमि ने इंस्टा पर पोस्ट करते हुए लिखा, “हिंसा किसी समस्या का समाधान नहीं है। आज हमने हिंसा की तस्वीरें देखीं। यह हमारी ज़िम्मेदारी है कि हम यह सुनिश्चित करें कि हमारे देश के युवा इस आंदोलन में हिंसा का सहारा न लें और यह आंदोलन अपने रास्ते से न भटके। लोकतंत्र बातचीत और संवाद पर आधारित होते हैं। कमजोर और पिछड़े बैकग्राउंड वाले छात्रों के पास मुश्किल हालात से बाहर निकलने का एकमात्र ज़रिया शिक्षा है और हम उनका यह भरोसा टूटने नहीं दे सकते।”
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अभिनेत्री ने आगे लिखा, “मुझे उम्मीद है कि जीत हमारे उन छात्रों की होगी जो हमारे सिस्टम की कमियों से प्रभावित हुए हैं। हमारे शिक्षा सिस्टम में सुधार की ज़रूरत है। पेपर लीक, परीक्षा में असफलता, समान अवसर न मिलना, शिक्षकों की कमी और छात्रों पर भारी दबाव- ये सभी सिस्टम से जुड़ी ऐसी समस्याएँ हैं जिन पर ध्यान देना जरूरी है।
भारत ने पिछले कुछ वर्षों में जबरदस्त तरक्की की है और इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता। हमारी क्षमता काफी बढ़ी है। पहले के मुकाबले अब ज्यादा यूनिवर्सिटीज हैं और छात्रों के लिए ज्यादा सीटें उपलब्ध हैं। भारत का भविष्य एक मजबूत और भरोसेमंद शिक्षा सिस्टम पर ही बनना चाहिए और बनेगा भी। मुझे पूरा भरोसा है कि हम हर कमी को दूर करेंगे, हर संस्थान को मज़बूत करेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि हर छात्र को सीखने, सपने देखने और आगे बढ़ने का मौका मिले।
जिन छात्रों का भविष्य दांव पर लगा था, उन्हें जवाब मिलना चाहिए। भले ही मैं विरोध-प्रदर्शन के दौरान कही गई हर बात से सहमत न होऊं , लेकिन मेरा पक्का मानना है कि सार्थक बातचीत से ही सुधार की शुरुआत होती है। यह पूरा मामला हमारे छात्रों के इर्द-गिर्द ही केंद्रित रहना चाहिए, जय हिंद।”
अनुराग कश्यप ने पुलिस को दी चुनौती
अनुराग कश्यप ने पुलिस प्रशासन पर सवाल दाग दिए और पुलिस पर कई आरोप भी लगा दिए। अनुराग कश्यप ने सोशल मीडिया पर लिखा, “वर्दी पहनने के लिए आत्मा का, आत्मीयता का सौदा करना पड़ता है। क्या एक पुलिस वाला है इस देश में जो खड़ा होकर बोल सके मैं इस आदेश का पालन नहीं करूंगा क्योंकि ये गलत है।”
हुमा कुरैशी ने किया पोस्ट
एक्ट्रेस हुमा कुरैशी ने इंस्टाग्राम पर लिखा, “आज की तस्वीरें मेरे जहन में लंबे समय तक रहेंगी। शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के साथ इतनी बर्बरता और लाठीचार्ज देखकर मुझे बहुत दुख हुआ। इसे निश्चित रूप से और अधिक धैर्य, सुनने और बातचीत के जरिए संभाला जा सकता था। हम भारत के लोगों ने ही इस सरकार को चुना है और आज हम सभी को सवाल पूछने और जवाबदेही की उम्मीद करने की जरूरत है। हम एक बहुत बड़ी और विविधताओं वाली आबादी वाले देश हैं। जरूरी नहीं कि हम हर मुद्दे पर सहमत हों, लेकिन हम इस बात पर जरूर सहमत हो सकते हैं कि बल प्रयोग करने से पहले हर नागरिक की बात सम्मान के साथ सुनी जानी चाहिए।”
सोनू सूद ने लिखी ये बात
अभिनेता सोनू सूद ने सोशल मीडिया पर लिखा, “हमारे छात्रों को लाठियां नहीं, गले लगाने वाले हाथ चाहिए।”
दीया मिर्जा ने उठाई आवाज
अभिनेत्री दीया मिर्जा ने लिखा, “एक ऐसे एजुकेशन सिस्टम की मांग करना जिस पर नागरिक भरोसा कर सकें, उसे कभी भी एक्ट ऑफ डिफेंस नहीं समझा जाना चाहिए। यह उम्मीद की अभिव्यक्ति है। जो तस्वीरें सामने आ रही हैं, उन्हें देखना मुश्किल है। युवा, महिलाएं और बुजुर्ग नागरिक जो जवाबदेही की मांग करने के लिए शांतिपूर्वक इकट्ठा होते हैं, वे सम्मान के साथ सुने जाने और उनके साथ सम्मानपूर्वक व्यवहार किए जाने के हकदार हैं।”
मुनव्वर फारुकी का पोस्ट वायरल
मुनव्वर ने एक वीडियो शेयर करते हुए कहा, “भारत के कुछ बच्चों ने अपना हक मांगा। उन्होंने एग्जाम दी, वो कैंसल हो गई। उनका वक्त, उनका पैसा, उनके सपने, सबकुछ बर्बाद होने के बाद उसमें से 20 बच्चों ने अपनी जान दे दीञ ये हो रहा है, स्टूडेंट्स के साथ और इसकी कोई जिम्मेदारी नहीं ले रहा। मैं तो कह रहा हूं कि मैं स्टूडेंट नहीं हूं, लेकिन मैं वो सारी चीजें देख रहा हूं, जो दिल्ली में हो रही हैं। मेरे देश के बच्चे आतंकवादी नहीं हैं। उनकाे मारने की जरूरत नहीं है।
उनको पीटने की जरूरत नहीं है। क्या है ये? और सरकार को निकालना चाहिए भाई ऐसे आदमियों को, जिसकी गलती की वजह से ऐसा हुआ है। हमारे प्रधानमंत्री को बोलना चाहिए, कह रहे हैं, बच्चों का नुकसान करा दिया तुमने, तू अपना काम सही से नहीं कर रहा, प्लीज हट जा भाई। ऐसे होना चाहिए ना? क्यों नहीं हो रहा है ये? बहुत गलत दिशा में जा रहे हैं भाई… सवाल करने वाली आंखें चुभ रही हैं और आवाज इनको वही पसंद आ रही हैं जो दब रही है। भाई नहीं, जितने भी लोग चुप बैठे हो ना अपने-अपने घरों में, मत करो।”
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