नीट पेपर लीक मामले में जंतर-मंतर पर चल रहा आंदोलन अब देशव्यापी प्रदर्शन बन गया है। सोमवार को चलो सांसद मार्च के दौरान छात्रों के साथ कथित पुलिस बर्बरता के विरोध में कॉकरोच जनता पार्टी ने देशव्यापी प्रदर्शन का आह्वान किया है। इस आंदोलन को तमाम सेलेब्स का सपोर्ट मिल रहा है। इसी बीच एक्ट्रेस और पूर्व मिस वर्ल्ड मानुषी छिल्लर का बयान सामने आया है।
मानुषी छिल्लर खुद एक मेडिकल स्टूडेंट रह चुकी हैं और अब उन्होंने बताया कि साल 2015 में उन्हें भी पेपर लीक हो जाने के कारण दो बार परीक्षा देनी पड़ी थी।
उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, “मैं हमेशा मानती रही हूं कि एक अन्यायपूर्ण दुनिया में शिक्षा सबसे बड़ा बराबरी का माध्यम होती है। जो लोग कह रहे हैं कि ‘बस फिर से परीक्षा दे दो’, वे असली मुद्दे को समझ ही नहीं रहे हैं। हमें संवेदनशील होने की जरूरत है। 2015 में पेपर लीक की वजह से मुझे भी परीक्षा दोबारा देनी पड़ी थी। यह सिर्फ एक परीक्षा नहीं होती, बल्कि वर्षों की मेहनत, अनगिनत जागी हुई रातें, त्याग और सपनों का प्रतिनिधित्व करती है। उस समय हमने सिस्टम की नाकामी को स्वीकार कर लिया था और जो समाधान मिला, उससे समझौता कर लिया। लेकिन अब, एक दशक बाद, हमें बदलाव की उम्मीद है।”
तैयारी करने वाले ही जानते हैं डॉक्टर बनने का सपना देखने की कीमत
मानुषी ने मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी करने वाले छात्रों की मुश्किलों का जिक्र करते हुए लिखा,”डॉक्टर बनने के सपने की कीमत तब समझ आती है जब आप किसी कोचिंग सेंटर में जाते हैं। वहां ऐसे माता-पिता मिलते हैं जिन्होंने अपने बच्चों की पढ़ाई के लिए अपनी क्षमता से कहीं ज्यादा कर्ज लिया होता है। कई छात्र सालों तक इस परीक्षा को पास करने की कोशिश करते रहते हैं। महामारी के दौरान शुरुआती बीसवें दशक में घर बैठकर मैंने भी वही हताशा महसूस की थी, जब जिंदगी में कुछ सार्थक करने की इच्छा होती है और सब कुछ रुक जाता है। विश्वास सिर्फ इतना होता है कि शिक्षा आपकी पूरी जिंदगी बदल सकती है।”
उन्होंने आगे लिखा, “यह हमारे देश या हमारी संस्थाओं के खिलाफ होने की बात नहीं है, बल्कि यह विश्वास है कि उन्हें और बेहतर बनाया जा सकता है। हर पीढ़ी की जिम्मेदारी होती है कि वह अपने बाद आने वालों के लिए पहले से मजबूत व्यवस्था छोड़कर जाए। मुझे भारत पर भरोसा है, हमारे लोकतंत्र पर भरोसा है और इस बात पर भी भरोसा है कि सबसे मजबूत समाधान संवाद, संवैधानिक प्रक्रियाओं और आपसी सम्मान से निकलते हैं। हमें कभी नहीं भूलना चाहिए कि हमारा युवा ही हमारा भविष्य है।”
शाहिद कपूर ने भी छात्रों का किया समर्थन
अभिनेता शाहिद कपूर ने भी सोशल मीडिया पर छात्रों के समर्थन में लिखा, “अगर जिस युवा वर्ग के लिए पूरी शिक्षा व्यवस्था बनाई गई है, वही उस पर भरोसा करना छोड़ दे, तो क्या होगा?”
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उन्होंने आगे लिखा, “जिनके लिए यह व्यवस्था बनाई गई है, सबसे पहला अधिकार उन्हीं का है। वे हर साल परीक्षाओं में सवालों के जवाब देते हैं, लेकिन आज वे खुद सवाल पूछ रहे हैं। और क्यों नहीं पूछें? जैसे वे अपने भविष्य के लिए हर साल उत्तर लिखते हैं, वैसे ही आज वे उसी भविष्य को लेकर सवाल उठा रहे हैं। उन्हें यह अधिकार है। देश का युवा ही देश है और उन्हें विश्वास करने का अधिकार मिलना चाहिए।”
पूजा भट्ट ने भी किया रिएक्ट
दिल्ली विश्वविद्यालय की ओर से एक्स पर पोस्ट शेयर कर छात्रों और शिक्षकों को सलाह दी है कि वो जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शन से दूर रहें। इसकी कड़ी निंदा करते हुए अभिनेत्री-निर्देशक पूजा भट्ट ने विश्वविद्यालय प्रशासन की कड़ी आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन छात्रों की आवाज दबाने की कोशिश कर रहा है।
डीयू की पोस्ट को रीट्वीट करते हुए पूजा भट्ट ने लिखा, “अगर छात्रों की आवाज दबाई जाती है, तो उनकी सुरक्षा और भी ज्यादा खतरे में पड़ जाती है। यदि हम वास्तव में उनके भविष्य को लेकर गंभीर हैं, तो हमें उनकी आवाज उठाने के अधिकार का समर्थन करना चाहिए, न कि चुप्पी की साजिश का हिस्सा बनना चाहिए।”
अनुभव सिंह बस्सी ने भी किया पोस्ट
वहीं अभिनेता और कॉमेडियन अनुभव सिंह बस्सी ने भी छात्रों का समर्थन करते हुए कहा कि Gen Z वह कर रही है जो मिलेनियल्स नहीं कर पाए।
उन्होंने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर लिखा, “ये हमारी पीढ़ी की तरह नहीं हैं, जो बचपन के दर्द को जवानी तक और जवानी के दर्द को बुढ़ापे तक ढोती रहती है। इन्हें आसानी से बहकाया या नियंत्रित नहीं किया जा सकता। ये ‘हमारे अधिकार हैं’ सुनते हुए बड़े हुए हैं और बेहद समझदार हैं। इन्होंने ABC सीखने से पहले ही ADHD के बारे में जान लिया था। ये आसानी से हार नहीं मानते और इतने रचनात्मक हैं कि दो घंटे में रैप लिख सकते हैं और दस मिनट में मीम बना सकते हैं। हमें इनके प्रति सिर्फ सहानुभूति नहीं, बल्कि सक्रिय समर्थन दिखाने की जरूरत है, क्योंकि इन्हें सबसे ज्यादा उदासीनता (Apathy) से नफरत है। उम्मीद है कि उनकी चिंताओं का जल्द समाधान होगा।”
लारा दत्त ने भी किया रिएक्ट
लारा दत्ता ने सोशल मीडिया पर एक तीखा बयान जारी करते हुए प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज की कड़ी आलोचना की। उन्होंने लिखा, “आप लाठियों से भविष्य की आवाज़ को नहीं दबा सकते। पानी की बौछारों से उठ रहे सवालों को नहीं डुबो सकते। आंसू गैस और छर्रों से हिम्मत को अंधा या घायल नहीं कर सकते। यह ऐसी पीढ़ी है जो नफरत से जवाब नहीं देती और न ही बदले की भावना से प्रतिक्रिया करती है। हमने इन्हें इसलिए शिक्षित किया ताकि आज ये हमें बता सकें कि हमसे कहां गलती हुई। कम से कम इतना तो हम इन पर बकाया रखते हैं।”
