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बॉलीवुड के लिए आपदा में भी अवसर

जिस ओटीटी प्लेटफॉर्म को बॉलीवुड आज अपने लिए प्रतिद्वंद्वी मान रहा है, कल उसी ओटीटी प्लेटफॉर्म के लिए कार्यक्रमों की जो मांग पैदा होगी, उसे बॉलीवुड ही पूरी करेगा।

शाहिद कपूर।

जिस ओटीटी प्लेटफॉर्म को बॉलीवुड आज अपने लिए प्रतिद्वंद्वी मान रहा है, कल उसी ओटीटी प्लेटफॉर्म के लिए कार्यक्रमों की जो मांग पैदा होगी, उसे बॉलीवुड ही पूरी करेगा। देश में 40 के करीब ओटीटी चैनलों की मांग पूरी करना बॉलीवुड के लिए आसान नहीं होगा, क्योंकि बॉलीवुड आज भी देश में बने मल्टीप्लेक्सों में चलाने के लिए फिल्मों की मांग पूरी नहीं कर पा रहा है। आपदा में बॉलीवुड के सामने जो अवसर आया है, शायद वह उसे समझ नहीं पा रहा हो, मगर समय ही साबित करेगा कि ओटीटी बॉलीवुड के लिए आपदा नहीं अवसर है।

महाराष्ट्र में सिनेमाघर बंद हैं, लेकिन देश में 40 के आसपास ओटीटी और कई राज्यों के सिनेमाघरों में फिल्में दिखाई जा रही हैं। मुंबई में शूटिंग ठप हैं लेकिन कई राज्यों में अभी भी शूटिंग चल रही हैं। स्थितियां कितनी ही विपरीत क्यों न हों, सभी रास्ते बंद नहीं होते। एक खिड़की बंद होती है, तो कहीं एक दरवाजा भी खुल रहा होता है। अमिताभ बच्चन की ‘गुलाबो सिताबो’ या अक्षय कुमार की ‘लक्ष्मी’ मजबूरी के चलते ओटीटी पर रिलीज की गर्इं हो, मगर निर्माता को इससे नुकसान कम करने में मदद मिली।

अब भी 40 के आसपास ओटीटी प्लेटफॉर्म चाहते हैं कि बॉलीवुड के निर्माता उनके लिए कार्यक्रम बनाएं। सभी को कार्यक्रमों की जरूरत है। वेब सीरीज, फिल्में, धारावाहिक सभी कुछ चाहिए उन्हें। इस मांग की पूर्ति होना अभी बाकी है। सिनेमाघर खुल जाएंगे, तब भी यह मांग बनी रहनी है। इसलिए सिनेमाघर और ओटीटी प्लेटफार्म को एक दूसरे का प्रतिस्पर्धी और एक दूसरे के लिए नुकसानदेह समझने का विचार बेमानी है।

अजय देवगन ने नेटफ्लिक्स के लिए ‘त्रिभंग’ बनाई। उनकी फिल्म ‘भुज’ ओटीटी पर रिलीज होगी। ओटीटी चैनलों ने बॉलीवुड के निर्माताओं से कार्यक्रम बनवाना शुरू कर दिया है और कई निर्माताओं से बातचीत के दौर शुरू हो गए हैं। हालिया उदाहरण है शाहिद कपूर, जिन्हें 70-80 करोड़ में एक फिल्मत्रयी (तीन फिल्में) का प्रस्ताव एक ओटीटी चैनल से मिला है। शाहिद पहली बार निर्माता बनकर यह काम करने जा रहे हैं।

20 साल से बॉलीवुड में काम कर रहे शाहिद को यह मौका ओटीटी की बदौलत ही तो मिला है। ओटीटी चैनल अक्षय कुमार की ‘बेलबॉटम’ के लिए 150 करोड़ की मोटी रकम तक देने के लिए तैयार हैं। सलमान खान 40 देशों के सिनेमाघरों में अपनी फिल्म ‘राधे’ रिलीज करने जा रहे हैं, तो साथ ही उसे जी प्लेक्स समेत कई प्लेटफॉर्म पर भी दिखाने जा रहे हैं। यह सब कोरोना महामारी की दूसरी लहर के बीच संभव हो रहा है, जिसके बारे में कल तक सोचा भी नहीं जा सकता था। सलमान पहले ही अपनी छोटे बजट की फिल्म ‘कागज’ ओटीटीट प्लेटफॉर्म जी5 पर रिलीज कर चुके हैं।

रिलायंस, लायका या यशराज फिल्म्स सितारों से सजी अपनी फिल्में ओटीटी पर रिलीज करने के लिए तैयार नहीं हैं। रिलायंस तो अक्षय कुमार की ‘सूर्यवंशी’ को साल भर से अपने गोदाम में रखे हुए है, मगर जिद पकड़े है कि फिल्म सिनेमाघर में ही दिखाएंगे, चाहे कितना भी समय लगे। लायका कंपनी अपनी पांच भाषाओं में बनी फिल्म ‘आरआरआर’ इस साल के बजाय 2022 में रिलीज करने के लिए तैयार है। लायका या रिलायंस ‘डीप पॉकेट’ वाली कंपनियां हैं। वे नुकसान उठा सकती हैं। साल भर फिल्म रोक सकती हैं। मगर कई छोटे निर्माता ऐसा नहीं कर सकते।

सिनेमाघर बंद होने पर इन निर्माताओं ने अपनी फिल्में ओटीटी पर रिलीज कर नुकसान को कम किया। इसलिए बेहतर है कि हालातों को समझ कर बॉलीवुड के निर्माता पुराने और नए दोनों ही तरीकों का इस्तेमाल कर आपदा को अवसर में बदल दें।

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