5 अप्रैल को चेतक स्क्रीन अवॉर्ड्स 2026 का आयोजन मुंबई में किया गया, जहां बॉलीवुड जगत की मशहूर हस्तियां नजर आईं। इस अवॉर्ड शो में अभिनेता धर्मेंद्र को मरणोपरांत ‘लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड’ से सम्मानित किया गया। दिग्गज अभिनेता का यह अवॉर्ड लेने उनके बेटे और एक्टर बॉबी देओल आए। बॉबी अपने पिता धर्मेंद्र की तरफ से यह अवॉर्ड लेते हुए भावुक हो गए। यह अवार्ड जावेद अख्तर, रमेश सिप्पी और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने दिया।
इमोशनल हो गए बॉबी देओल
अवॉर्ड लेते हुए बॉबी देओल भावुक हो गए और उन्होंने कहा, “मैं आप सबकी आंखों में अपने पिता का प्यार देख रहा हूं। मेरे पिता ने अपने काम से और यहां तक कि अपनी इंस्टाग्राम रील्स से भी, जो उनका नया शौक बन गई थीं सबके दिलों को छुआ। वह हमेशा चाहते थे कि लोग खुश रहें और उनका मानना था कि भगवान ने हम सबको जिंदगी में बहुत कुछ दिया है। वह कहते थे कि हम सबके अंदर एक खास हुनर छिपा होता है और अगर हम उस पर विश्वास करें, तो हम कुछ भी हासिल कर सकते हैं।”
इंडस्ट्री में सालों तक किया काम: बॉबी देओल
बॉबी देओल ने अपने पिता के हौसले और इंडस्ट्री में उनके लंबे सफर के बारे में बात करते हुए कहा, “उन्होंने इस इंडस्ट्री में इतने सालों तक काम किया। उन्होंने अच्छे और बुरे दोनों तरह के दौर देखे, लेकिन कभी हार नहीं मानी। मैं जहां भी जाता हूं और जिससे भी मिलता हूं मुझे बहुत प्यार मिलता है, क्योंकि मेरे पिता ने लोगों के दिलों में हमारे लिए… मेरे लिए, मेरे भाई के लिए और हमारे परिवार के लिए एक जगह बनाई है।”
इसके आगे बॉबी ने कहा, “लोग उन्हें इतना प्यार करते हैं कि उन्होंने हमें बिना किसी झिझक के अपने दिल में जगह दी और आज यहां खड़े होकर मुझे लगता है कि मैं घर जाकर उनसे कहूंगा कि पापा आप नहीं आ पाए इसलिए मैं आपका अवॉर्ड अपने साथ ले आया हूं। मैंने कभी नहीं सोचा था कि मैं यहां इस तरह खड़ा होऊंगा, लेकिन अनंत गोयनका चाहते थे कि मैं यहां आऊं। मैं खुद को बहुत खुशकिस्मत और भगवान का शुक्रगुजार मानता हूं कि मैं उनका (धर्मेंद्र) बेटा हूं। बहुत-बहुत धन्यवाद, स्क्रीन। पापा, आप सबसे बेहतरीन हैं।” अवॉर्ड देने से पहले इवेंट में धर्मेंद्र को श्रद्धांजलि भी दी गई। अमिताभ बच्चन की आवाज में एक वॉयसओवर था, जिसमें उन्होंने धर्मेंद्र की कविताओं की कुछ पंक्तियाँ सुनाईं।
जावेद अख्तर ने धर्मेंद्र को किया याद
धर्मेंद्र के साथ अपनी पहली मुलाकात को याद करते हुए जावेद अख्तर ने एक किस्सा शेयर किया। उन्होंने कहा, “मैं उनसे तब मिला था जब मैं 20 साल का था यानी 1965 में। मैं 175 रुपये कमाता था और असिस्टेंट डायरेक्टर के तौर पर काम करता था। किसी ने मेरा परिचय उनसे करवाया और मुझे आज भी समझ नहीं आता कि उन्होंने इतनी गर्मजोशी से मुझसे हाथ क्यों मिलाया। एक असिस्टेंट डायरेक्टर के तौर पर मैंने धरम जी के कई शॉट्स पर क्लैप किया है। मैंने उनके लिए फिल्में लिखी हैं। एक बार उन्होंने मुझे फोन किया और कहा कि मैं अपने बेटे को लॉन्च कर रहा हूं और मुझे स्क्रिप्ट लिखने के लिए तुम्हारी जरूरत है।” बता दें कि वह फिल्म ‘बेताब’ थी, जो सनी देओल की पहली फिल्म थी।
उन्होंने आगे कहा, “हमारा रिश्ता बहुत लंबा रहा और यह बहुत अजीब बात है कि उन्होंने मुझे इतना प्यार क्यों दिया, लेकिन मुझे इस बात पर ज्यादा घमंड नहीं करना चाहिए, क्योंकि मुझे लगता है कि उन्होंने बहुत से लोगों को इतना प्यार दिया है। जो लोग सफल होते हैं, उनका सम्मान और तारीफ होती है, लेकिन यहां एक ऐसा इंसान था, जिससे पूरी फिल्म इंडस्ट्री प्यार करती थी।
मैं धरम जी की शख्सियत की एक बहुत ही अनोखी बात बताना चाहता हूं। वह बहुत ही गरिमापूर्ण इंसान थे और साथ ही वह बेहद विनम्र भी थे। उनमें जबरदस्त आत्म-संयम, गरिमा और पूरी तरह से विनम्रता का एक अनोखा मेल था। यह एक अजीब मेल है। शायद इसी वजह से जो भी उनसे मिलता था, वह उनका दीवाना हो जाता था। उन्हें यह सम्मान देने के लिए आपका बहुत-बहुत शुक्रिया।”
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