Censor Board का विवादों से पुराना नाता, संजय गांधी समर्थकों ने जला दिए थे 'किस्सा कुर्सी का' के प्रिंट, फंस चुकी हैं कई और मूवीज - Jansatta
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Censor Board का विवादों से पुराना नाता, संजय गांधी समर्थकों ने जला दिए थे ‘किस्सा कुर्सी का’ के प्रिंट, फंस चुकी हैं कई और मूवीज

साल 1977 में आई मूवी 'किस्सा कुर्सी का' को सेंसर बोर्ड ने रिलीज करने की अनुमति नहीं दी थी। इसके बाद संजय गांधी के समर्थकों ने इस मूवी के प्रिंट तक जला डाले थे।

साल 1977 में आई मूवी ‘किस्सा कुर्सी का’ को सेंसर बोर्ड ने रिलीज करने की अनुमति नहीं दी थी।

शाहिद कपूर और आलिया भट्ट की मूवी ‘उड़ता पंजाब’ रिलीज होने के कुछ दिनों पहले विवादों में आई गई। सेंसर बोर्ड इस मूवी को रिलीज की मंजूरी नहीं दे रहा है, वहीं फिल्म इंडस्ट्री के लोग सेंसर बोर्ड के खिलाफ उतर आए हैं। सेंसर बोर्ड का कहना है कि मूवी से ‘पंजाब’ शब्द हटाया जाए, क्योंकि इससे पंजाब विशेष की छवि पर असर पड़ता है। आपको बता दें, ‘उड़ता पंजाब’ पहली मूवी नहीं है, जिसका सेंसर बोर्ड के साथ विवाद हो रहा है। इससे पहले भी कई मूवीज के साथ ऐसा हो चुका है।

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साल 1977 में आई मूवी ‘किस्सा कुर्सी का’ को सेंसर बोर्ड ने रिलीज करने की अनुमति नहीं दी थी। इसके बाद संजय गांधी के समर्थकों ने इस मूवी के प्रिंट तक जला डाले थे। शबाना आजमी और राज बब्बर अभिनीत इस मूवी के प्रिंट सेंसर बोर्ड के ऑफिस में घुसकर निकाल गए थे और फिर आग के हवाले कर दिए गए। मूवी में पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की ओर से लगाई गई इमरजेंसी की झलक दिखाई गई थी।

साल 1975 में आई मूवी ‘आंधी’ पर भी आपातकाल के वक्त बैन लगा दिया गया था। मूवी में इंदिरा गांधी की झलक दिखती थी। मूवी में संजीव कुमार और सुचित्रा सेन ने अभिनय किया था।

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1993 के दंगों पर आधारित ‘ब्लैक फ्राइडे’ भी सेंसर बोर्ड के पचड़े में पड़ी थी। जिसके बाद मूवी के निर्देशक अनुराग कश्यप ने कोर्ट तक पहुंचे थे। यह केस करीब दो साल तक चला और उसके बाद मूवी की रिलीज को मंजूरी मिली थी।

इनके अलावा डेज्ड इन दून, उर्फ प्रोफेसर, इंशाल्लाह फुटबॉल, पांच और परजानिया जैसी मूवी सेंसर बोर्ड के पचड़े में पड़ चुकी हैं।

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