पूर्व मिस इंडिया और बॉलीवुड अभिनेत्री सेलिना जेटली इन दिनों भारतीय सेना से रिटायर्ड अपने भाई मेजर विक्रांत कुमार जेटली को यूएई में हिरासत से रिहा करवाने की लड़ाई लड़ रही हैं। सेलिना के भाई सितंबर 2024 से UAE में हिरासत में हैं। सबसे पहले एक्ट्रेस ने सोशल मीडिया पर उन्हें लेकर पोस्ट किया था और फिर उसके बाद दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। इसके अलावा एक्ट्रेस ने नरेंद्र मोदी से भी अपील की कि वो उनके भाई को वापस भारत लाने में मदद करें। अब इस मामले में कोर्ट ने गुरुवार को सुनवाई की।

एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली हाई कोर्ट ने विदेश मंत्रालय (MEA) से रिटायर्ड मेजर विक्रांत जेटली से मीटिंग करने और एक अमीराती लॉ फर्म खालिद अल मारी के पक्ष में पावर ऑफ अटॉर्नी साइन करवाने को कहा है। वहीं, केंद्र सरकार ने भी फर्म को विक्रांत जेटली का केस लड़ने के लिए एक लेटर जारी किया है। हाई कोर्ट ने कहा कि अगर वह फर्म से कानूनी मदद लेने को तैयार नहीं हैं, तो वह किसी दूसरी फर्म का नाम सुझाएंगे।

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इतना ही नहीं, हाई कोर्ट ने मिनिस्ट्री से यह भी कहा कि वह विक्रांत जेटली को उनकी बहन सेलिना जेटली की अर्जी दे और उनसे पूछा कि क्या वह अपनी बहन से मिलने को तैयार हैं। इसके अलावा कोर्ट ने विक्रांत जेटली की पत्नी चारुल जेटली की दलीलें भी सुनीं। चारुल ने अदालत में बताया कि विक्रांत और उनकी बहन सेलिना के बीच रिश्ते खराब थे।

वह विक्रांत जेटली के लिए वकील करने वाली अकेली ऑथराइज़्ड व्यक्ति हैं। यह सुनने के बाद कोर्ट ने चारुल के वकील से सीलबंद लिफाफे में एक नोट फाइल करने को कहा है। अब इस मामले की सुनवाई 17 फरवरी को लिस्ट की गई है।

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