सेलिना जेटली के भाई यूएई में हिरासत में हैं, जिसे लेकर अभिनेत्री ने दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी। अब इस याचिका पर हाई कोर्ट ने सुनवाई बंद कर दी है। हालांकि अदालत ने केंद्र सरकार को निर्देश दिया है कि कानून के अनुसार उनकी जो भी मदद हो सकती है, वह जारी रखें।

सेलिना जेटली के भाई विक्रांत जेटली को 6 सितंबर 2024 से संयुक्त अरब अमीरात में हिरासत में रखा गया है। अभिनेत्री ने अदालत से गुहार लगाई थी कि उनके भाई की कानूनी मदद की जाए और उनकी स्थिति के बारे में साफ जानकारी दी जाए।

जस्टिस पुरुषेंद्र कुमार कौरव की पीठ ने सुनवाई के दौरान कहा कि भारत सरकार और अबू धाबी स्थित भारतीय दूतावास लगातार विक्रांत जेटली के संपर्क में हैं। अदालत के अनुसार, भारतीय दूतावास के अधिकारी अब तक उनसे नौ बार मिल चुके हैं और उन्हें कांसुलर एक्सेस भी मिला हुआ है।

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कांसुलर एक्सेस क्या है?

जब किसी देश का नागरिक किसी दूसरे देश में हिरासत में लिया जाता है या गिरफ्तार किया जाता है, तो उसे अपने देश के दूतावास (Embassy) या वाणिज्य दूतावास (Consulate) के अधिकारियों से मिलने और बात करने का अधिकार होता है। इसी अधिकार को कांसुलर एक्सेस कहते हैं।

अदालत ने क्या कहा?

अदालत ने कहा कि जब विक्रांत जेटली खुद यह तय करने की स्थिति में हैं कि उन्हें अपना केस कैसे लड़ना है, तो इस याचिका को और खींचने की जरूरत नहीं है। इसलिए अदालत ने मामले को खत्म कर दिया।

सुनवाई में क्या हुआ?

केंद्र सरकार के वकील एएसजी चेतन शर्मा ने अदालत से कहा कि 18 फरवरी को जब अधिकारी विक्रांत से मिले, तो विक्रांत ने साफ कह दिया कि उन्हें किसी लॉ फर्म (प्राइवेट वकीलों) की मदद नहीं चाहिए।

विक्रांत ने स्पष्ट किया कि उनके कानूनी मामलों से जुड़े सभी फैसले उनकी पत्नी लेंगी, उनकी बहन नहीं।

इसके अलावा, विक्रांत जेटली ने अपनी बहन से बात नहीं करने की इच्छा भी जताई। अदालत को यह भी बताया गया कि उन्होंने यूएई की एक लॉ फर्म द्वारा दी जा रही मुफ्त कानूनी सेवा (प्रो बोनो) का प्रस्ताव भी ठुकरा दिया था।

सेलिना जेटली के वकील ने आशंका जताई कि उनके भाई पर किसी तरह का दबाव हो सकता है और सुरक्षा को लेकर चिंता व्यक्त करते हुए कम से कम एक बार वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए उनसे मिलने की अनुमति मांगी। हालांकि अदालत ने यह अनुरोध खारिज कर दिया और कहा कि वह भारत सरकार और दूतावास के अधिकारियों द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर ही फैसला कर रही है।

सेलिना ने सरकार के अधिकारियों को किया धन्यवाद

अदालत के फैसले के बाद, सेलिना ने इंस्टाग्राम पर सरकार के अधिकारियों का धन्यवाद किया। उन्होंने लिखा कि उनकी सबसे बड़ी चिंता भाई मेजर विक्रांत जेटली की सुरक्षा और भलाई है। सेलिना ने लिखा कि माता-पिता नहीं हैं इसलिए भाई की सुरक्षा की जिम्मेदारी उनकी है।

याचिका में सेलिना जेटली ने आरोप लगाया था कि उनके भाई को यूएई में गैरकानूनी तरीके से हिरासत में लिया गया। उन्होंने यह भी कहा कि उनके भाई 2016 से यूएई में रह रहे थे और MATITI ग्रुप नामक कंपनी में काम कर रहे थे, जो ट्रेडिंग, कंसल्टेंसी और रिस्क मैनेजमेंट सेवाओं से जुड़ी है।

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