केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) की छह साल के लंबे अंतराल के बाद बैठक हुई। जिसमें सदस्यों ने हाल के सालों में फिल्मों की समीक्षा के लिए लगातार रिवाइजिंग कमेटियों की अध्यक्षता करने वाले सदस्यों की सूची मांगी है।
द इंडियन एक्सप्रेस को मिली जानकारी के मुताबिक सूत्रों ने कहा है कि ये बैठक वर्चुअली हुई। इस बैठक में हाल में विवादों में रही फिल्मों, आगे की रणनीति और फिल्म इंडस्ट्री से जुड़ाव बढ़ाने के कार्यक्रमों पर भी चर्चा हुई।
CBFC की 149वीं बैठक 29 अगस्त को हुई। प्रमाणन संस्था की छह साल बाद यह पहली बोर्ड बैठक थी। यह बैठक शशि शेखर वेमपति के CBFC चेयरपर्सन का पद संभालने के बाद पहली बार हुई।
सिनेमैटोग्राफ (सर्टिफिकेशन) रूल्स, 2024 के तहत CBFC बोर्ड की बैठक हर तिमाही यानी तीन महीने में कम से कम एक बार होनी चाहिए। 12 सदस्यों वाला बोर्ड इससे पहले 31 अगस्त 2019 को मिला था। बोर्ड के किसी भी सदस्य को 2017 के बाद आधिकारिक तौर पर दोबारा नियुक्त नहीं किया गया, जबकि उनका कार्यकाल तीन साल का होता है। बोर्ड का आखिरी बार पुनर्गठन 1 अगस्त 2017 को हुआ था।
सूत्रों के अनुसार, बैठक में यह भी चर्चा हुई कि नियमों के मुताबिक बोर्ड की बैठक कम से कम हर तिमाही में एक बार होनी चाहिए। सूत्रों ने बताया कि 16 साल और 18 साल की उम्र के आधार पर मिलने वाले सर्टिफिकेशन के बीच अंतर को लेकर और स्पष्टता की मांग भी उठी।
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2024 के नए नियमों में उम्र के आधार पर सर्टिफिकेशन की नई कैटेगरी शामिल की गई हैं। इसके तहत पहले से मौजूद UA कैटेगरी को तीन हिस्सों में बांटा गया है। UA 7+, UA 13+ और UA 16+। इससे पहले UA कैटेगरी में 12 साल की उम्र की सीमा थी।
सूत्रों के मुताबिक, सिनेमैटोग्राफ (सर्टिफिकेशन) रूल्स, 2024 में शामिल कुछ अन्य महत्वपूर्ण प्रावधानों पर भी बैठक में चर्चा हुई। एक अधिकारी ने द इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि इस बैठक का उद्देश्य CBFC में हुए हालिया बदलावों और गतिविधियों से बोर्ड के सदस्यों को अवगत कराना था, क्योंकि पिछले छह सालों में प्रमाणन संस्था और बोर्ड के सदस्यों के बीच कोई संवाद नहीं हुआ था। अधिकारी ने कहा कि कुछ फिल्मों को सर्टिफिकेट देने को लेकर आम सहमति न बन पाने से फिल्म इंडस्ट्री में काफी नाराजगी पैदा हुई है।
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CBFC बोर्ड को संस्था के कामकाज से जुड़े मुश्किल और महत्वपूर्ण फैसलों पर भी विचार-विमर्श करना होता है। पता चला है कि बैठक में देश के अलग-अलग हिस्सों के इंडस्ट्री से जुड़े लोगों के साथ किए गए आउटरीच कार्यक्रमों की जानकारी भी बोर्ड को दी गई।
बोर्ड के सदस्यों ने अलग-अलग इंडस्ट्री से जुड़े लोगों के सामने आने वाली समस्याओं पर अपना फीडबैक भी साझा किया। साथ ही, इनसे जुड़े नीतिगत मुद्दों पर चर्चा की गई और CBFC प्रबंधन को सलाह दी गई कि वह इन मामलों को सरकार के सामने उठाए।
