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बजट पर रामदास अठावले ने की तुकबंदी, कुमार विश्वास ने भी लिए मज़े

अठावले ने तुकबंदी करते हुए कहा, 'कुछ लोग बोल रहे हैं कि ये बजट खाली जुमला है, लेकिन मेरा कहना है कि ये बजट विरोधी दलों पर हमला है।'

Kumar Vishwas, Poet, Ghaziabad, UP, BJP, Swantantra Dev Singhजाने-माने कवि कुमार विश्वास AAP में भी रह चुके हैं। (Express Photo by Gajendra Yadav)

Kumar Vishwas: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने एक फरवरी (सोमवार) को देश का आम बजट पेश किया। बजट को लेकर सियासत से सिने जगत से जुड़े लोगों की प्रतिक्रिया सामने आ रही है। अपनी हाजिर जवाबी और तुकबंदी के लिए चर्चित केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने भी बजट पर प्रतिक्रिया दी है। अठावले ने तुकबंदी करते हुए कहा, ‘कुछ लोग बोल रहे हैं कि ये बजट खाली जुमला है, लेकिन मेरा कहना है कि ये बजट विरोधी दलों पर हमला है।’ उन्होंने आगे कहा- मेरा मतलब जो लोग टीका टिप्पणी करते हैं, उनके ऊपर हमला करने वाला है ये बजट। ये बजट है सभी वर्गों को न्याय देने वाला और कांग्रेसी और विरोधी दल से बदला लेने वाला है।’

रामदास अठावले की इस तुकबंदी पर कवि कुमार विश्वास ने भी मजे लिए। उन्होंने रामदास अठावले के इस वीडियो को ट्वीट किया और साथ में कैप्शन में लिखा- ‘आंसू कवि जी…।’ कुमार विश्वास के इस पोस्ट पर लोगों ने भी ढेरों कमेंट्स करने शुरू कर दिए। अठावले की तुकबंदी सुन एक यूजर ने कुमार विश्वास को कहा- जय श्री कृष्ण भूतपूर्व माटसाब,
महोदय, आपका स्थान खतरे में लग रहा है। आपके द्वारा कही गई एक बात याद आती है, टेबल के उस पार बैठे लोग सर्वज्ञ होते हैं और इस पार बैठे अल्पज्ञ ही होते हैं। वर्तमान परिस्थितियों में तो लग रहा है सभी सर्वज्ञ हो गए हैं। जय हो…।’

एक यूजर ने बजट पर कमेंट करते हुए लिखा, ‘बजट में हर क्षेत्र में infrstructure development के लिए धन दिया गया है बिना अतरिक्त टैक्स का बोझ डाले। विकास कार्य होगा तो लोगों को रोजगार मिलेगा। विपक्ष को तो सत्ता चाहिए तो उन्हें बजट में कुछ नहीं दिखाई देगा।’ अमित बिष्ट नाम के शख्स ने लिखा- यही तो खूबी है मेरे लोकतंत्र की कि मानसिक रूप से अस्वस्थ भी नेता/मंत्री चुन लिए जाते हैं और हां देश में कोरोना की रोकथाम में भी शायद इन्हीं महान पुरुष का हाथ है Go Corona Go का नारा खोजकर….।

केशव पांचाल नाम के शख्स ने कहा- @DrKumarVishwas भईया मुझे पता नहीं क्यों पूरी दुनिया में मात्र अठावले साहब ही वो शख्स लगते हैं जो भविष्य में आपको कविताओं में टक्कर देंगे। क्योंकि इनकी कविताएं सुनने के बाद आपकी कविता सुनने लायक़ इंसान बचेगा नहीं। चंद्र गुप्त नाम के शख्स ने लिखा- बजट के लिए ज्यादा दिमाग न लगाओ विपक्ष को अगर पसंद नही आया तो समझो अच्छा है।

एक ने कहा- डॉ. साहब, आपके खुशनुमा जीवन में आपने कवियों के आंसू देखे ही कहां हैं। मैं एक कवि को दिन दिन मरते देख रहा हूं। अठावले की तुकबंदी सुन एक ने कहा- सुना है कविराज कुमार विश्वास घर से लठ लेके निकल चुके हैं। विजय नाम के शख्स ने कहा- चुपचाप मान लो कि बजट अच्छा है वरना सरकार 200 करोड़ रुपये प्रचार करने में खर्च कर देगी कि बजट बहुत अच्छा है।

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