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‘राम जन्मभूमि’ का ट्रेलर यूट्यूब पर दिखाने को लेकर कोर्ट ने लगाई रोक, डायरेक्टर से कहा- बंद करें प्रचार

कोर्ट ने फिल्म के निर्देशक वसीम रिजवी से उसका प्रचार-प्रसार बंद करने के लिए भी कहा है।

फिल्म का निर्देशन वसीम रिजवी ने किया है। (फोटोः यूट्यूब/fb)

बॉम्बे हाईकोर्ट ने फिल्म राम जन्मभूमि का ऑफीशियल ट्रेलर दिखाने को लेकर यूट्यूब पर रोक लगा दी है। यह जानकारी गुरुवार (छह दिसंबर) को इस मामले में याचिकाकर्ता के वकील रईद काजी ने दी। न्यूज एजेंसी एएनआई को उन्होंने बताया, “कोर्ट ने फिल्म के निर्देशक से कहा है कि वह सोशल मीडिया पर उसके ट्रेलर, पोस्टर और अन्य सामग्री के जरिए देश में प्रचार प्रसार करना बंद करें।” कोर्ट ने इसके साथ फिल्म पर रोक लगाते हुए कहा कि सेंसर बोर्ड से पास कराए बगैर इसे रिलीज नहीं किया जाएगा। यही नहीं कोर्ट ने सख्त लहजे में यूट्यूब पर डाले गए फिल्म के ट्रेलर से आपत्तिजनक सीन हटाने का निर्देश भी दिया है।

बता दें कि विवादों में घिरी यह फिल्म अयोध्या में राम मंदिर और बाबरी मस्जिद को लेकर जारी घटनाक्रम पर बनाई गई है। इसके ट्रेलर में दर्शाए गए कई सीन्स पर कई संगठनों ने नाराजगी जताई थी। वहीं, सामाजिक कार्यकर्ता अजहर तंबोली ने रिजवी के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दी। बुधवार (पांच दिसंबर) को उसी पर बीपी धर्माधिकारी और एसवी कोटवाल की डिविजन बेंच ने सुनवाई की। याचिकाकर्ता का कहना था कि फिल्म के पोस्टर और ट्रेलर से उसकी धार्मिक भावनाएं आहत हुईं।

याचिकाकर्ता ने कहा कि फिल्म का ट्रेलर बेहद भड़काने वाला और सांप्रदायिक असामान्यता फैलाने वाला है। यह इसी के साथ सिनेमेटोग्राफ एक्ट की धारा 5बी का उल्लंघन भी करता है। याचिका में कहा गया, “ट्रेलर समाज में तनाव की स्थिति पैदा करेगा, क्योंकि उसमें बाबरी मस्जिद पर भगवा झंडा लहराते हुए दिखाया गया है।”

सिनेक्राफ्ट प्रोडक्शंस के बैनर तले बनी इस फिल्म के चीफ राइटर, प्रड्यूसर और स्क्रीनराइटर वसीम रिजवी हैं। वह शिया वक्फ बोर्ड अध्यक्ष भी हैं, जबकि फिल्म के डायरेक्टर सनोज मिश्रा हैं। याचिकाकर्ता के मुताबिक, फिल्म के ट्रेलर ने फिल्म सर्टिफिकेशन से जुड़े दिशा-निर्देशों का पालन नहीं किया है।

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