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गरीब थे शाहरुख़ खान के पिता, गिफ़्ट दिया था फटा शतरंज, पर उसके साथ दी थी अनमोल सीख

बॉलीवुड एक्टर शाहरुख खान ने अपने पुराने दिनों को याद करते हुए अपने वालिद से जुड़ा एक किस्सा शेयर किया है। शाहरुख खान ने कहा...

Shahrukh khan, Shah rukh khan, Shahrukh khan familyबॉलीवुड एक्टर शाहरुख खान की तस्वीर

बॉलीवुड एक्टर शाहरुख खान आज किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं। शाहरुख के पास आज दौलत-शोहरत सब है लेकिन बॉलीवुड का किंग बनना शाहरुख के लिए आसान नहीं रहा। शाहरुख ने अपने पुराने दिनों को याद करते हुए बताया था कि, ‘मेरे जो वालिद थे वह काफी पढ़े लिखे थे लेकिन वह काफी गरीब भी थे। उन्हें कभी कोई नौकरी नहीं मिली और उनके पास पैसे भी नहीं होते थे। काफी तालीम हासिल करने के बावजूद उन्होंने जो भी व्यापार शुरू किया उसमें उनके हाथ निराशा ही लगी। लेकिन फिर भी उन्होंने मुझे बहुत प्यार दिया।’

शाहरुख ने बताया, ‘मेरे वालिद के पास पैसे नहीं होते थे तो वह मेरे हर जन्मदिन पर कोई पुरानी चीज मुझको गिफ्ट में दे दिया करते थे। पहली चीज जो उन्होंने मुझे गिफ्ट में दी थी वह शतरंज का सेट था जिसकी हालत काफी खराब थी और वह फटा था। मेरे पिता को शतरंज का काफी शौक था और वह हनुमान मंदिर के पंडित के साथ मिलकर काफी शतरंज खेलते थे। शररंज के साथ ही उन्होंने मुझे सीख देते हुए कहा कि आप शतरंज से लाइफ की बहुत सी चीजें सीख सकते हैं।

शाहरुख के पिता ने दी उन्हें अनमोल सीख: शाहरुख ने बताया कि उनके पिता ने उन्हें शतरंज के साथ ही कई अनमोल सीख भी दी। शाहरुख ने कहा कि मेरे वालिद ने मुझसे कहा कि शतरंज के जरिए आप सीख सकते हैं कि साथ मिल जुलकर काम कैसे करना है। आप सीख सकते हैं कि जिंदगी में आगे बढ़ने के लिए कभी-कभी पीछे भी हटना पड़ता है और सबसे महत्वपूर्ण सीख देते हुए उन्होंने मुझसे कहा कि जो छोटे लोग होते हैं मतलब जो प्यादे होते हैं उनकी सबसे ज्यादा इज्जत करना जिंदगी के अंदर क्योंकि कोई भी इंसान छोटा नहीं होता वह हमेशा काम आता है।

शाहरुख के पिता ने उन्हें गिफ्ट में दिया था टाइप राइटर: शाहरुख ने बताया कि उनके पिता ने उनको गिफ्ट में टाइप राइटर भी दिया था। शाहरुख ने कहा, ‘मेरे पिता ने मुझे टाइप राइटर गिफ्ट किया था। टाइप राइटर पर जब कोई आदमी लिखता है और गलत लिखता है तो फिर उसको मिटाने में काफी तकलीफ होती है। इसलिए उसपर आपको बहुत ही ध्यान से लिखना होता है आप गलती नहीं कर सकते हैं। जब मैं उसपर टाइपिंग सीख रहा था तो जो चीज मुझे महसूस हुई वह यह थी कि प्रैक्टिस आपको बेहतर बनाती है तो जो भी काम आप अपनी लाइफ में करें उसको ऐसा करें कि कोई भी गलती आपसे न हो। आप यह सोचकर काम करें कि अब शायद दोबारा आपको यह काम करने का मौका न मिले और यह आपकी लाइफ का आखिरी काम होगा।

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