भारतीय सिनेमा में कई ऐसी फिल्में बनी हैं, जो अपनी कहानी के साथ-साथ बोल्ड कंटेंट की वजह से भी चर्चा में रही हैं। कुछ फिल्मों में सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों को खुलकर दिखाया गया, तो कुछ में सेक्सुअलिटी, रिश्तों और आजादी जैसे संवेदनशील मुद्दों को दिखाया गया। ऐसे कंटेंट की वजह से कई फिल्मों को सेंसर बोर्ड की आपत्तियों का सामना करना पड़ा। ऐसी ही एक फिल्म है ‘अनफ्रीडम’, जो भारत में रिलीज को लेकर विवादों में रही।
‘अनफ्रीडम’ में आतंकवाद, धर्म और रिश्तों की कहानी
‘अनफ्रीडम’ एक ऐसी फिल्म है, जिसमें आतंकवाद, धार्मिक कट्टरता, समलैंगिक रिश्ते और व्यक्तिगत आजादी जैसे मुद्दों को दिखाया गया है। फिल्म की कहानी अलग-अलग किरदारों की जिंदगी और उनके संघर्ष के आसपास घूमती है।
फिल्म में समलैंगिक रिश्तों और सेक्सुअलिटी को भी खुलकर दिखाया गया था। इसके अलावा आतंकवाद और धार्मिक कट्टरता जैसे गंभीर मुद्दों को भी कहानी में शामिल किया गया। इन वजहों से फिल्म रिलीज से पहले ही चर्चा में आ गई थी।
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राज अमित कुमार ने किया था निर्देशन
‘अनफ्रीडम’ का निर्देशन राज अमित कुमार ने किया था। फिल्म में विक्टर बनर्जी, आदिल हुसैन, प्रीति गुप्ता और भावना पाणि जैसे कलाकार नजर आए थे।
फिल्म में एक तरफ आतंकवाद और धार्मिक कट्टरता की कहानी दिखाई गई है, वहीं दूसरी तरफ प्यार, रिश्तों और अपनी पहचान को लेकर संघर्ष कर रहे लोगों की जिंदगी भी दिखाई गई है। फिल्म के जरिए अपनी पसंद के मुताबिक जिंदगी जीने की आजादी का मुद्दा भी उठाया गया।
CBFC ने क्यों नहीं दी रिलीज की मंजूरी?
फिल्म को भारत में रिलीज करने के लिए सेंसर बोर्ड के पास भेजा गया था। लेकिन CBFC ने फिल्म के कई हिस्सों पर आपत्ति जताई थी। बोर्ड ने फिल्म में कई कट लगाने का सुझाव दिया था।
फिल्म के निर्माताओं ने इन बदलावों को मानने से इनकार कर दिया। उनका कहना था कि अगर ये कट लगाए गए तो फिल्म की कहानी और उसका असर बदल जाएगा। इसके बाद फिल्म की टीम ने सेंसर बोर्ड के फैसले के खिलाफ अपील भी की।
इसके बावजूद फिल्म को भारत के सिनेमाघरों में रिलीज करने की मंजूरी नहीं मिल सकी।
बोल्ड सीन भी बने विवाद की वजह
‘अनफ्रीडम’ में समलैंगिक रिश्तों और सेक्सुअलिटी को खुलकर दिखाया गया था। फिल्म में कुछ अंतरंग सीन भी थे। इन सीन के अलावा आतंकवाद और धार्मिक कट्टरता जैसे संवेदनशील मुद्दों को लेकर भी सेंसर बोर्ड ने आपत्ति जताई थी।
इसी वजह से फिल्म की भारत में रिलीज का रास्ता साफ नहीं हो पाया।
फिल्म में उठाया गया आजादी का मुद्दा
‘अनफ्रीडम’ सिर्फ अपने बोल्ड सीन की वजह से चर्चा में नहीं आई थी। फिल्म में अपनी पहचान, पसंद और आजादी से जुड़े मुद्दों को भी दिखाया गया था।
फिल्म यह सवाल उठाती है कि क्या हर व्यक्ति को अपनी पसंद के मुताबिक जिंदगी जीने और अपने रिश्ते चुनने की आजादी मिलनी चाहिए? इसी वजह से फिल्म को लेकर सेंसरशिप और फिल्मकारों की आजादी पर भी चर्चा हुई।
विदेशों में मिली फिल्म को पहचान
भारत में रिलीज नहीं हो पाने के बावजूद ‘अनफ्रीडम’ को विदेशों में दिखाया गया। फिल्म फेस्टिवल्स में इसकी स्क्रीनिंग हुई और संवेदनशील विषयों को लेकर इसे चर्चा मिली।
