90 के दशक में अपनी चार्म और हिट फिल्मों से पहचान बनाने वाले बॉबी देओल ने हाल ही में अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर खुलकर बात की है। उन्होंने बताया कि वह पिछले डेढ़ साल से पूरी तरह शराब से दूर हैं और इस फैसले ने उनकी जिंदगी में बड़ा सकारात्मक बदलाव लाया है, खासकर उनके परिवार के साथ रिश्तों में।

Esquire India को दिए एक इंटरव्यू में बॉबी ने कहा कि शराब छोड़ने के बाद वह हर स्थिति में शारीरिक और भावनात्मक रूप से ज्यादा मौजूद रह पाते हैं। उनके मुताबिक, ”मैं इसे बिल्कुल मिस नहीं करता। दो बर्थडे और दो न्यू ईयर निकल गए, लेकिन मुझे पीने की इच्छा तक नहीं हुई। यह मेरे लिए खुद हैरान करने वाला था।”

मुश्किल दौर में बनी आदत

अपने करियर के उतार-चढ़ाव के दौरान बॉबी ने शराब का सहारा लिया था। उन्होंने माना कि शुरुआत में यह उन्हें राहत देती थी, लेकिन धीरे-धीरे इसका असर उनके व्यवहार और रिश्तों पर पड़ने लगा। उन्हें एहसास हुआ कि वह अपने करीबियों के प्रति कड़वाहट दिखाने लगे थे, जिसके बाद उन्होंने इसे छोड़ने का फैसला लिया।

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परिवार पर पड़ा असर

बॉबी ने बताया कि शराब की वजह से उनके परिवार के लोग उनसे डरने लगे थे। ”मैं रोज नहीं पीता था, लेकिन जब भी पीता, उन्हें डर लगता था कि मेरा व्यवहार कैसा होगा,” उन्होंने कहा। यही अहसास उनके लिए सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट बना।

पिता के अनुभव से भी सीखा

बॉबी ने यह भी स्वीकार किया कि उन्होंने अपने पिता धर्मेंद्र को भी शराब से जूझते देखा है। इस अनुभव ने उन्हें समझाया कि यह आदत किस तरह परिवार और जीवन को प्रभावित कर सकती है।

अब प्राथमिकता है खुद और परिवार

अब बॉबी अपने स्वास्थ्य और परिवार को प्राथमिकता दे रहे हैं। उनका मानना है कि एक अभिनेता के लिए शरीर और चेहरा ही उसकी सबसे बड़ी पूंजी होते हैं, इसलिए खुद का ख्याल रखना बेहद जरूरी है।

उन्होंने कहा, ”शराब छोड़ने के बाद मेरे और मेरे परिवार के रिश्ते पहले से कहीं ज्यादा मजबूत हुए हैं।”

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डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सूचना के उद्देश्य से है और अभिनेता के व्यक्तिगत अनुभवों पर आधारित है। यह शराब के सेवन को बढ़ावा नहीं देता। यदि किसी को नशे से जुड़ी समस्या है तो विशेषज्ञ से संपर्क करें।