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तुम हमें राजनीति बताओगे? अमिश देवगन के शो में भड़क गए राकेश टिकैत, बोले- मोदी सरकार चलवा रही है आंदोलन

डिबेट के दौरान सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि अब किसानों को वापस ले जाने की किसी की हैसियत ही नहीं रह गई है। आग फैलाना आसान होता है, समेटना मुश्किल।

kisan andolan, farmer protest, kisan andolan delhi, rakesh tikait26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के मौके पर कृषि कानूनों के विरोध में देश के अलग-अलग हिस्सों के किसान अपनी ट्रैक्टर परेड निकालेंगे

Kisan Andolan: 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के मौके पर कृषि कानूनों के विरोध में देश के अलग-अलग हिस्सों के किसान अपनी ट्रैक्टर परेड निकालेंगे। किसानों ने एक फरवरी को संसद तक पैदल मार्च निकालने का ऐलान भी किया है। आपको बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने किसानों के विरोध के बीच तीनों कृषि कानूनों के अमल पर अस्थाई तौर पर रोक लगा दी थी और इसकी समीक्षा के लिए एक कमेटी भी गठित की थी, इसके बावजूद किसान इन कानूनों की वापसी की मांग पर अड़े हैं।

ट्रैक्टर परेड से पहले न्यूज़-18 पर अमीश देवगन के शो ‘आर-पार’ में बहस के दौरान किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा कि, और कहो हमें अफगानिस्तानी-पाकिस्तानी…इसी के रिएक्शन में तो किसान आ रहे हैं। उन्होंने बीजेपी प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी से कहा कि किसानों पर तो पुष्प वर्षा करनी चाहिए।

डिबेट के दौरान सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि अब किसानों को वापस ले जाने की किसी की हैसियत ही नहीं रह गई है। आग फैलाना आसान होता है, समेटना मुश्किल। कहा जा रहा था कि यह गैर राजनीतिक आंदोलन है लेकिन मुंबई में कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया के झंडे, कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ़ इंडिया के लोग और सत्ताधारी दल के लोग आंदोलन को संबोधित कर रहे थे।

सुधांशु त्रिवेदी की बातों का जवाब देते हुए राकेश टिकैत ने कहा कि इस आंदोलन को बीजेपी और भारत सरकार ही तो चलवा रही है। जब यह चाहेगी तो खत्म हो जाएगा। सब इनके हाथ में है। इस पर सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि कम से कम आप यहां से कह दीजिए कि जिन राज्यों में कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग है, वह अपने यहां से कांट्रेक्ट फार्मिंग खत्म करके हमें समर्थन करें, वरना मत करें। सुधांशु त्रिवेदी ने राकेश टिकैत से पूछा कि अब इस आंदोलन को खत्म करवाने की किसी में हैसियत है या नहीं?

इस पर राकेश टिकैत ने कहा कि हैसियत सरकार में है। जब एमएसपी पर कानून बना देंगे, यह कानून खत्म कर देंगे तो आंदोलन खत्म हो जाएगा। इस पर तंज कसते हुए सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि गांव में एक कहावत है कि सांझे की हांडी चौराहे पर फूटती है। अब जो होना होगा चौराहे पर ही होगा। इस पर राकेश टिकैत बिफर पड़े और कहा कि यह आप लोगों को ही करना होगा…आपको कानून वापस लेना होगा, एमएसपी पर कानून बनाना होगा और जो दूसरे मुद्दे हैं उन पर कमेटियां बनानी होंगी।

इसी दौरान अमीश देवगन ने राकेश टिकैत को टोंकते हुए कहा कि कमेटी तो सुप्रीम कोर्ट ने भी बनाई। इसके जवाब में राकेश टिकैत ने कहा कि एक चीज ध्यान से सुन लेना, लिख लेना कागज पर। मान और लालच दोनों साथ नहीं चलता। डिबेट के दौरान अमीश देवगन ने कहा कि इस आंदोलन को लेकर राजनीति तो हो रही है। हो सकता है जिस पार्टी से आप चुनाव लड़े थे, आरएलडी वह भी रैली निकाले। इस पर राकेश टिकैत ने ताना मारते हुए कहा कि आप हमें राजनीति बताओगे? जब ये वोट लेते हैं तो वोट तो जनता की लेते हैं। कौन पॉलिटिक्स नहीं करता है?

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