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दलित के घर खाना खाने पहुंचे BJP सांसद रवि किशन, इस फोटो को शेयर कर लोग कर रहे खिंचाई

रवि किशन ने दलित के घर भोजन करते हुए अपनी एक तस्वीर साझा की थी, जिसे लेकर वह लोगों के निशाने पर आ गए हैं। कांग्रेस नेता से लेकर सोशल मीडिया यूजर ने रवि किशन पर जमकर निशाना साधा है।

ravi kishan
भाजपा सांसद रवि किशन हुए ट्रोल (फोटो सोर्स- श्रीनिवास बीवी ट्विटर)

उत्तर प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले सत्ताधारी दल सत्ता में वापसी के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा रहा है। प्रचार के साथ-साथ पार्टी अपने सभी प्रयासों के जरिए जनता का दिल जीतने में कोई कसर नहीं छोड़ रही है। अक्सर चुनाव से पहले नेताओं को दलितों या गरीबों के घर भोजन करते देखा जाता है। कुछ इसी तरह भाजपा सांसद रवि किशन की भी एक तस्वीर सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रही है, जिसमें वह पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ दलित के घर भोजन करते नजर आ रहे हैं। लेकिन अपनी इस फोटो के कारण वह लोगों के निशाने पर आ गए हैं।

कांग्रेस नेता से लेकर पत्रकार व आम सोशल मीडिया यूजर तक, इस फोटो के लिए भाजपा सांसद पर खूब तंज कस रहे हैं। युवा कांग्रेस के अध्यक्ष श्रीनिवास बीवी ने फोटो को लेकर रवि किशन पर निशाना साधा और लिखा, “भाजपाइयों का गिलास अलग, दलित बुजुर्ग का गिलास अलग। 21वीं सदी की ये सबसे शर्मनाक तस्वीर है।”

पत्रकार अनुराग ढांडा ने फोटो को लेकर रवि किशन पर निशाना साधा और लिखा, “ये दलित के साथ भोजन करना नहीं रवि किशन जी, अव्वल दर्जे का छिछोरापन है। ध्यान दीजिए तो दलित के बर्तन अलग हैं और नेताओं के अलग। दलित तो बेचारा झोला टांग के बैठा है कि फोटो के बाद बाहर निकाल दिया जाएगा। अपने घर में भला कौन झोला टांगकर खाना खाने बैठता है?”

पत्रकार संजय शर्मा ने रवि किशन की तस्वीर पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की भी तस्वीर साझा की। उन्होंने लिखा, “और यही दलित भाई तो अपने घर के बर्तन में खाना खा रहा है पर पंडित सांसद जी और ठाकुर मुख्यमंत्री जी पत्तल में खाना खा रहे हैं और कुल्हड़ में पानी पी रहे हैं। दलित के घर के बर्तन में खाना थोड़ा मुश्किल काम तो होता ही है, पंडित जी और ठाकुर जी के लिए।”

दर्शन कुमार नाम के यूजर ने रवि किशन के साथ-साथ भाजपा को भी आड़े हाथों लिया और लिखा, “चुनाव में ही दलित और पिछड़ा वर्ग ध्यान आता है। इतना प्यार दिखाना है तो पांच साल से क्या कर रहे थे। सब चुनावी चाल है, उसके बाद न कोई दलित के घर खाने का जुर्म करेगा, न उसे पास बैठाने का। दलित और पिछड़े वर्ग के लिए सुनहरा मौका है, इन्हें सत्ता से बाहर का रास्ता दिखाने का।”

जगदेव राठी नाम के यूजर ने हाथरस की घटना का जिक्र करते हुए तस्वीर पर निशाना साधा और लिखा, “चुनाव नजदीक आते ही उमड़ने लगा बाबा का फर्जी दलित प्रेम, चुनाव सिर पर हैं तो वोटों के लिए दलितों के साथ खाना खाएंगे। वरना उनकी बेटियों की लाशें आधीरात में जलाएंगे।” अशोक शर्मा नाम के यूजर ने लिखा, “बाहर से पूरी-भाजी सलाद मंगाकर दलित को बगल में बैठाकर भोजन करने का अभिनय करने की जगह दलित के चूल्हे पर दलित के हाथ से बना भोजन करें।”

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