लाइव डिबेट में भिड़े संबित पात्रा और किसान नेता राकेश टिकैत, अंजना ओम कश्यप से कंट्रोल करने की मांग करने लगे

अंजना ओम कश्यप के शो में संबित पात्रा और राकेश टिकैत एक दूसरे से भिड़ गए। पात्रा अपनी बात रखने की कोशिश कर रहे थे और उनकी बातों के बीच राकेश टिकैत लगातार बोले जा रहे थे जिस पर वो भड़क गए और एंकर से उन्हें कंट्रोल करने की बात कहने लगे।

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अंजना ओम कश्यप के डिबेट शो में राकेश टिकैत और संबित पात्रा भिड़ गए (Photo-Aaj Tak/Twitter)

संसद के मानसून सत्र में विपक्षी पार्टियां कृषि कानूनों को लेकर सरकार को घेर रही है तो वहीं दूसरी ओर किसान दिल्ली के जंतर मंतर पर अपनी एक संसद चला रहे हैं। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों के मद्देनजर किसान नेताओं ने भी अपनी रणनीति बनानी शुरू कर दी है ताकि भाजपा पर कृषि कानूनों को वापस लेने के लिए दबाव बनाया जा सके। किसान नेता राकेश टिकैत आज यूपी में थे जहां उन्होंने कहा कि दिल्ली की तरह ही लखनऊ के आसपास के रास्ते ब्लॉक किए जाएंगे। इन्हीं घटनाक्रमों पर डिबेट के दौरान अंजना ओम कश्यप के शो में संबित पात्रा और राकेश टिकैत एक दूसरे से भिड़ गए।

आज तक के डिबेट शो ‘हल्ला बोल’ में संबित पात्रा अपनी बात रखने की कोशिश कर रहे थे और उनकी बातों के बीच राकेश टिकैत लगातार बोले जा रहे थे जिस आप संबित भड़क गए और बोले, ‘ये कौन सी बीमारी है, आप दूसरों को नहीं बोलने देंगे, अकेले अकेले बोलोगे। ये कौन सी बात है? अंजना जी आप कंट्रोल करिए पहले। आप कंट्रोल करिए, मैं आप पर छोड़ता हूं।’

इसके बाद अंजना ओम कश्यप ने राकेश टिकैत से गुजारिश की कि वो संबित पात्रा को बोलने दें। संबित पात्रा फिर बोले, ‘अंजना जी आप सोचो जरा! डिबेट में.. जिसको करोड़ों लोग देख रहे हैं, उसमें ये हमको बोलने नहीं देते हैं तो ये बंद कमरे में सरकार के एजेंटों से, मंत्रियों से क्या बात करते होंगे? ये सड़क पर क्या बात करते होंगे आम आदमी से?’

 

 

संबित पात्रा ने अपनी बात जारी रखते हुए कहा कि राकेश टिकैत किसी की बात सुनने को राजी नहीं हैं। उन्होंने राकेश टिकैत से सवाल पूछा, ‘टिकैत साहब, आप ही का बयान था कि प्राइवेट कंपनियां आएंगी, किसान की जमीन हड़पकर चली जाएंगी। कहां भूल गए? वो वाक्य तो आजकल आप कहते ही नहीं हो क्योंकि पकड़ में आ गए हो।’

 

साबित पात्रा ने राकेश टिकैत से सवाल पूछा कि क्या किसानों की जमीन कंपनियां हड़प लेंगी और मंडियां खत्म हो जाएंगी। राकेश टिकैत ने जवाब दिया, ‘आप कर्जा देते हो फसलों का, भाव नहीं देते। जमीन हड़पने का षड्यंत्र है आपका। आप भाव देने की बात करो ना, कर्जा देने की बात क्यों करते हो। स्वामीनाथन कमिटी की रिपोर्ट को लागू क्यों नहीं करते।’

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