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जन्मदिन पर तोहफे नहीं, प्यार लुभाता है : शाहरुख

हर कोई अपना जन्मदिन अपने अंदाज में मनाता है। अगर जन्मदिन किसी ऐसे सितारे का हो जिसकी चमक सिर्फ देश मेंही नहीं विदेश में भी फैली हो तो फिर ये मौका खास ही होता है। शायद यही वजह है कि शाहरुख खान के जन्मदिन पर उनके घर के बाहर हजारों की भीड़ लगी होती है। उनके कई प्रशंसक पटाखे फोड़ते नजर आते हैं । आज यानी 2 नंवबर को शाहरुख का जन्मदिन है। उनके जन्मदिन के मौके पर पेश है खास बातचीत।

Author November 2, 2018 3:14 AM
2 नंवबर को शाहरुख का जन्मदिन है।

आरती सक्सेना

सवाल : पूरा हिंदुस्तान तो आपका जन्मदिन मनाता ही है लेकिन क्या आपके घर वाले भी इस दिन को विशेष तरीके से मनाते हैं?
’घर वाले तो वैसे ही बधाई देते हैं जैसे हमेशा करते हैं। लेकिन अबराम जरूर मुझे कहता है ‘बर्थडे ब्वाय हैप्पी बर्थडे।’ दरअसल, इस दिन मेरे कुछ और करीबियों का भी जन्मदिन होता है लेकिन अबराम को लगता है कि पूरी दुनिया में आज सिर्फ मेरा ही बर्थडे है।
सवाल : आपके जन्मदिन पर हजारों की भीड़ देखकर अबराम की क्या प्रतिक्रिया होती है?
’अबराम आर्यन से कह रहा था कि मुझे लोग इसलिए मिलने आते हैं। क्योंकि मैं प्रसिद्ध हूं, मेरी प्रसिद्धि इसलिए है क्योंकि मैं हैंडसम हूं। ऐसा बच्चों का मानना है। मेरे बच्चों को मेरे अभिनय से लेना देना नहीं है।

सवाल : क्या आपको अब तक में कोई ऐसा तोहफा मिला है जो आपके लिए यादगार हो?
’इस बारे में मैं यही कहूंगा कि मुझे कोई महंगे तोहफे तो देता ही नहीं है क्योंकि सबका मानना है कि मेरे पास सब कुछ है। एक बार मेरे एक खास ने मुझे ताबीज बना कर दिया था जिसमें उसने काफी मेहनत के साथ अपनी प्यार भरी इमोशनल बातें मुझे लिखी थीं। वो गिफ्ट मुझे बहुत पंसद आया था।
सवाल : आप लड़कियों के दिल के काफी करीब हैं। क्या किसी लड़की की तरफ से आपको कोई खास नायाब तोहफा मिला?
’सोशल साइट पर मुझे कई सारी लड़कियों ने प्यार भरे और शरारती संदेश भेजे हैं। जिसे पढ़कर मुझे बहुत हंसी आई और मजा भी। कई सारी लड़कियां मेरी तस्वीरों का एलबम बनाकर मुझे गिफ्ट देती हैं। कई ग्रीटिंग कार्ड्स भी मेरे बर्थडे पर मुझे लड़कियों की तरफ से मिलते हैं।
सवाल : क्या कोई ऐसा जन्मदिन है जो नायक बनने के बाद आपने मनाया हो और वो आपके लिए यादगार हो?
’हां… फिल्म कुछ कुछ होता है के बाद मैंने एक बार जन्मदिन की पार्टी रखी थी। उसमें अमित जी और उनका परिवार, श्रीदेवी जी और फिल्म इंडस्ट्री के कई नामचीन लोग आए थे। उस वक्त मुझे बहुत खुशी हुई थी। मैं सबको छोड़ने बाहर तक आया था। उन सब ने मुझे बहुत आशीर्वाद दिया था। ऐसा भी लगा था कि मैं अब आम से खास इंसान बन गया हूं।

सवाल : क्या आप जन्मदिन पर भगवान से कोई आशीर्वाद मांगते हैं?
’यही बात मेरी सास ने भी मुझसे भावुक होकर पूछी थी। तब मैंने उनसे भी यही कहा था कि समय के साथ-साथ मांगें बदलती रहती हैं। जैसे आज मैं अपने बच्चों के लिए अच्छे स्वास्थ्य की प्रार्थन करता हूं। पहले सफलता के लिए आशीर्वाद मांगता था। हर जन्मदिन पर भगवान से प्रार्थना करता था कि मैं सर्वश्रेष्ठ अभिनेता बन जाऊं।
सवाल : आप आज भी 25 से 30 साल के हीरो ही लगते हैं। इस सदाबहार जवानी का राज क्या है?
’सच बात तो यह है कि हमें अच्छा दिखना पड़ता है। इसके लिए हम काफी मेहनत करते हैं क्योंकि हमारे प्रशंसक पैसा खर्च करके हमारी फिल्म देखने आते हैं। उन्हें अपने सपनों का राजकुमार और सुंदर हीरो देखना होता है। लिहाजा हमें अपने लिए नहीं तो उनके लिए अच्छा दिखना जरूरी होता है। मेरी उम्र के मेरे कई दोस्त टकले और मोटे हो गए हैं। क्योंकि उनको किसी को दिखाना नहीं है। इसलिए वो अपनी जिंदगी खा पीकर मजे से जी रहे हैं।
सवाल : आपकी फिल्मों का लोगों पर काफी असर होता है। क्या व्यक्तिगत रूप से आप पर कोई फिल्म हावी हुई?
’हम पर उतनी फिल्में हावी नहीं होतीं क्योंकि हम खुद फिल्म बनाते हैं लेकिन मैंने देखा है मेरी फिल्में लोगों पर हावी जरूर होती हैं। जैसे मुझे कई लोगों ने कहा उन्हें फिल्म ओम शांति ओम या दिल वाले दुल्हनियां ले जाएंगे देखकर देखकर बहुत रोना आया।

सवाल : आपको अपने सुपर स्टार होने का अहसास कब हुआ है?
’ मैं महानायक तो नहीं लेकिन एक बार मुझे ऐसा जरूर लगा कि मैं नाकय बन गया हूं। जब एक बार मैं फिल्म सिटी में शूटिंग कर रहा था उस वक्त करीब 40-50 लोग मुझसे मिलने आए। उस वक्त न तो मेरा जन्मदिन था न कुछ और। लिहाजा मुझे आश्चर्य हुआ कि इतने सारे लोग मुझसे मिलने क्यों आए हैं! थोड़ी देर बाद पता चला फिल्म कुछ कुछ होता है कि सफलता के बाद मेरी लोकप्रियता इतनी बढ़ गई थी कि मेरी फिल्मों के टिकटों की हजारों में कालाबाजारी हो रही थी। कालाबाजारी करने वालों को इससे बहुत फायदा हो रहा था। मुझे बाद में मालूम हुआ कि ये वो लोग हैं जिन्हें कालाबाजारी फायदा हुआ था और वो इससे खुश होकर मेरे लिए मिठाई का डिब्बा लेकर आए थे। उस वक्त मुझे लगा था कि मंै नायक बन ही गया हूं।

सवाल : क्या आपको अपने स्कूल कॉलेज के दौरान का जन्मदिन याद है?
’जब स्कूल में था तब सादगी से बर्थडे मनाया जाता था। मैं स्कूल में बांटने के लिए पारलेजी, चॉकलेट बांटने के लिए ले जाया करता था। बाद में थोड़ा बड़ा हुआ तो निरूला की पेस्ट्री केक मंगाकर दोस्तों के साथ जन्मदिन मनाते थे। इससे ज्यादा तो कुछ होता ही नहीं था। उस दौरान तो तार वाले फोन हुआ करते थे। तो इतने फोन या संदेश भी जन्मदिन पर नहीं आते थे।
सवाल : अपने जन्मदिन पर प्रशंसकों को क्या संदेश देना चाहेंगे?
’मैं यही कहूंगा… बस ऐसे ही अपना प्यार बनाए रखें। और जिंदगी में कभी किसी भी मोड पर हार ना मानें। गिरे तो भी उठकर आगे बढेंÞ। क्योंकि हार के जीतने वाला ही असल बाजीगर होता है।

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