पाटलिपुत्र की लड़ाई एकतरफा समझ रहे चुनाव-विश्लेषक चौंक सकते हैं- बिहार चुनाव पर बोले कुमार विश्वास

बिहार चुनाव में इस बार कई बड़े दिग्गज नेता नजर नहीं आ रहे हैं। चुनाव से ठीक पहले पूर्व केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान और आरजेडी के वरिष्ठ नेता रघुवंश प्रसाद सिंह का निधन..

कुमार विश्वास सोशल मीडिया पर खुलकर अपने विचार व्यक्त करते हैं।

सोशल मीडिया पर सक्रिय रहने वाले मशहूर कवि कुमार विश्वास ने बिहार चुनाव में चौंकाने वाले नतीजों की बात कही है। कुमार विश्वास ने ट्वीट करते हुए लिखा है, ‘रामविलास जी,लालू जी,शरद यादव व रघुवंश बाबू जैसे पारम्परिक महारथियों की अनुपस्थिति में लड़ी जा रही पाटलिपुत्र की लड़ाई को एकतरफा समझ रहे चुनाव-विश्लेषक चौंक सकते है !’मुखर युवा व ख़ामोश महिलाएँ निर्णायक हो सकती हैं ! सीधा-सधा संवाद मतपेटी की कुंजी है,शेष तो जनता-जनार्दन ही जाने।’

बिहार चुनाव में इस बार कई बड़े दिग्गज नेता नजर नहीं आ रहे हैं। चुनाव से ठीक पहले पूर्व केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान और आरजेडी के वरिष्ठ नेता रघुवंश प्रसाद सिंह का निधन हो गया। वहीं चारा घोटाले में जेल की सजा काट रहे लालू प्रसाद यादव भी इसबार चुनाव से नदारद हैं।

कुमार विश्वास ने ट्वीट करके चौकाने वाले नतीजों की बात कही है।अब तक चुनावी विश्लेषक बिहार में एनडीए का पलड़ा भारी बता रहे थे परंतु पिछले कुछ दिनों से बिहार का चुनावी मुकाबला कड़ा होता नजर आ रहा है।

बिहार के बदलते चुनावी रूख का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कुछ दिन पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की रैली में लालू यादव जिंदाबाद के नारे लगे थे जिसके बाद उन्हें असहज स्थिति का सामना करना पड़ा था।

बिहार के विधानसभा चुनाव में मुख्य मुकाबला एनडीए और महागठबंधन में है। एनडीए में नीतीश कुमार की जेडीयू, भाजपा, मुकेश साहनी की वीआईपी, जीतन राम मांझी की हम पार्टी शामिल है। वहीं महागठबंधन में लालू प्रसाद यादव की राष्ट्रीय जनता दल, कांग्रेस और सीपीआई, सीपीएम, सीपीआई-माले जैसी लेफ्ट पार्टियां शामिल हैं।

विधानसभा चुनाव से ठीक पहले चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी ने एनडीए छोड़ दी। एलजेपी ने जेडीयू के सामने हर सीट पर उम्मीदवार उतारे हैं परंतु भाजपा के खिलाफ उम्मीदवार नहीं उतारे। इतना ही नहीं एलजेपी अध्यक्ष चिराग पासवान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लगातार तारीफ भी कर रहे हैं पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के खिलाफ मुखर नजर आ रहे हैं।

एनडीए की सारी उम्मीदें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के करिश्मे पर टिकी हैं। दो दिन पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बिहार में चुनावी रैलियों को संबोधित करने पहुंचे थे। पीएम मोदी ने अपनी रैली में नीतीश कुमार के विकास कार्यों की तारीफ करते हुए लोगों से फिर नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री बनाने की अपील की थी। इसके अलावा राहुल गांधी ने भी तेजस्वी यादव के साथ कुछ सभाओं को संबोधित किया है। राहुल गांधी ने अपनी रैली में चीन को लेकर मोदी सरकार पर निशाना साधा था।