भूत बंगला का पहला रिव्यू भी सामने आ गया है। अक्षय कुमार और प्रियदर्शन की इस हॉरर-कॉमेडी को ट्रेड एनालिस्ट रमेश बाला ने 4 स्टार देते हुए शानदार बताया है।

‘भूत बंगला’ का पहला रिव्यू

रमेश बाला के मुताबिक, फिल्म एक मल्टी-लेयर्ड सुपरनैचुरल कहानी है, जो भूत और इंसानों के बीच एक अनोखे रिश्ते को दिखाती है। इसमें हॉरर और कॉमेडी का ऐसा संतुलन है जो दर्शकों को शुरुआत से अंत तक बांधे रखता है।

अक्षय कुमार की दमदार वापसी

रमेश बाला ने रिव्यू में अक्षय कुमार की खास तारीफ करते हुए कहा कि यह उनके करियर की बेहतरीन परफॉर्मेंस में से एक है। वह इंटेंस सीन और कॉमिक टाइमिंग के बीच शानदार संतुलन बनाते नजर आ रहे हैं और उनकी परफॉमेंस ने पूरी फिल्म को मजबूती से संभाला है।

एक्स पर रिव्यू देते हुए रमेश बाला ने लिखा, “यह एक परतदार सुपरनैचुरल कहानी है, जो वधुसुर की रहस्यमयी कथा और एक ऐसे गांव पर आधारित है, जो लंबे समय से उसकी अंधेरी छाया में जकड़ा हुआ है-जिसमें वह भूतिया बंगला भी शामिल है। डर के पीछे एक दिलचस्प बैकस्टोरी छिपी है, जो धीरे-धीरे सामने आती है और कहानी को गहराई और भावनात्मक वजन देती है।”

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उन्होंने आगे लिखा, “फिल्म की सबसे खास बात यह है कि यह भूत और जीवित किरदारों के बीच एक अनोखे रिश्ते को दिखाती है, जहां डर और हास्य का संतुलन आपको पूरी तरह बांधे रखता है। अक्षय कुमार ने अपने करियर के बेहतरीन परफॉर्मेंस में से एक दिया है, जहां वह शानदार कॉमिक टाइमिंग और इंटेंस सीन के बीच आसानी से स्विच करते नजर आते हैं। उनके पंचलाइन सटीक बैठते हैं और पूरी फिल्म में उनकी मौजूदगी कहानी को आगे बढ़ाती है। उनके साथ परेश रावल और राजपाल यादव ने जबरदस्त साथ दिया है, जो अपनी बेहतरीन कॉमिक केमिस्ट्री से फिल्म के पहले हाफ को बेहद मनोरंजक बना देते हैं।”

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“इंटरवल पॉइंट वाकई रोंगटे खड़े कर देता है, और उसके बाद फिल्म अपने रहस्यों को धीरे-धीरे खोलती है, जिससे आखिर तक दर्शक जुड़े रहते हैं। निर्देशन हॉरर, कॉमेडी और सस्पेंस के बीच शानदार संतुलन बनाए रखता है, जबकि पूरी स्टारकास्ट ने सराहनीय प्रदर्शन दिया है। अगर आपको भूल भुलैया (2007) पसंद आई थी, तो यह फिल्म उसी तरह का नॉस्टैल्जिक एहसास देती है, जहां टीम को इस जॉनर की अच्छी समझ है। कुल मिलाकर: यह एक शानदार एंटरटेनर है, जो डर, हंसी और रहस्य को खूबसूरती से मिलाकर एक संतोषजनक सिनेमाई अनुभव देता है।”

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रिव्यू के अनुसार, फिल्म का फर्स्ट हाफ काफी मजबूत है और इंटरवल पॉइंट रोंगटे खड़े कर देता है। इसके बाद कहानी धीरे-धीरे अपने रहस्यों से पर्दा उठाती है और अंत तक सस्पेंस बनाए रखती है।