26/11 मुंबई हमलों पर अभी तक कई मेकर्स फिल्में बना चुके हैं और दर्शकों को अपनी फिल्मों के जरिए उस दिन की कहानी दिखा चुके हैं। अब लेखक और निर्देशक मनोज तापड़िया भी इसी हमले पर एक फिल्म लेकर आए हैं, लेकिन उन्होंने अपनी इस मूवी में उस अनछुए पहलू को दिखाया है, जो अभी तक लोगों के सामने नहीं आया था। फिल्म में कंगना रनौत, गिरिजा ओक, स्मिता तांबे, ईशा डे, प्रसाद ओक समेत कई सितारे मौजूद हैं। ऐसे में अगर आप यह मूवी देखने का मन बना रहे हैं, तो उससे पहले हम आपको रिव्यू यहां बता देते हैं कि इसे थिएटर में देखें या नहीं।

क्या है फिल्म की कहानी?

‘भारत भाग्य विधाता’ की कहानी 26/11 हमले के बाद से शुरू होती है, जहां गीता (कंगना रनौत) को पुलिस स्टेशन में आतंकवादी को आइडेंटिफाई करने के लिए बुलाया जाता है। वहीं, गीता के परिवार वाले उसे मना करते हैं कि वह नहीं जाएगी। परिवार के दवाब में आकर गीता पुलिस वाले को मना कर देती है कि वह नहीं आ पायेगी, लेकिन पुलिस अफसर उसे याद दिलाता है कि अगर वह नहीं आएगी, तो कसाब को फांसी नहीं हो पायेगी। इसके बाद कहानी फ्लैशबैक में चली जाती है। जहां गीता को वो दिन याद आता है, जब हमला हुआ था। कामा हॉस्पिटल में काफी चहल-पहल होती है।

वहां प्रेग्नेंट महिलाएं, कैंसर के मरीज, नवजात शिशु और वृद्ध लोगों को इलाज होता है। अस्पताल की नर्सें मरीजों के साथ अच्छे से व्यवहार करती हैं। इस दौरान वह अपने घर वालों पर ध्यान नहीं दे पाती। कोई ड्यूटी की वजह से मां के जन्मदिन में नहीं जा पाता, तो कोई अपने ही बेटे को बुखार में छोड़ के आती है। फिर मुंबई में हमला होता है। जहां ताज होटल समेत कई जगहों को आतंकवादी निशाना बनाते हैं। इस दौरान कसाब और उसका एक साथी कामा अस्पताल में भी जाते हैं। इसके बाद क्या होता है ये जानने के लिए आपको फिल्म देखनी होगी।

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कैसा है सितारों का अभिनय

फिल्म में कंगना रनौत ने ‘गीता’ का बेहद ही शानदार किरदार निभाया है। उनके एक्सप्रेशन, इमोशन आपको हर जगह साफ दिखाई देंगे। इनके अलावा गिरिजा ओक, स्मिता तांबे और अन्य कलाकारों ने भी फिल्म में कमाल का काम किया है।

कैसा है फिल्म का डायरेक्शन

मनोज तापड़िया ने फिल्म की कमान संभाली है। उन्होंने हर चीज को बखूबी अपनी इस फिल्म में दिखाया है। फिर चाहें वह नर्सों की कहानी हो या उस दिन आए आतंकवादियों ने कैसे लोगों को नुकसान पहुंचाया हो। गोलियों की गड़गड़हट से लेकर हर चीज को बेहद ही ध्यान में रखकर दिखाया गया है।

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फिल्म देखें या नहीं?

‘भारत भाग्य विधाता’ शुरू के 15-20 शायद आपको न बांध पाए, लेकिन इसके बाद आप मानों अपनी कुर्सी से चिपके रहेंगे। कई जगहों पर तो यह फिल्म आपके रोंगटे खड़े कर देगी और कुछ सीन देख कर आप सन्न रह जाएंगे। फिल्म में कोई रॉक म्यूजिक नहीं है, लेकिन इसके गाने कहानी की सिचुएशन के अनुसार फिट बैठते हैं।

अगर आप कंगना के फैन हैं, 26/11 हमले के बारे में जानना चाहते हैं तो मुझे लगता है कि आपको बार यह मूवी जरूर देखनी चाहिए। कैसे उस अस्पातल की नर्सों ने अपनी जान की परवाह किए बिना 350-400 मरीजों की जान बचाई।