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Bhabiji Ghar Par Hain: मिथुन का डायलॉग बोलने पर ‘मलखान’ की होती थी पिटाई, मुंबई में संघर्ष देख टूट गई थी हिम्मत

एक्टिंग को करियर बनाने के लिए दीपेश जब मुंबई आए तो यहां का संघर्ष देख उनकी हिम्मत टूट गई थी। मुंबई में वे किसी को जानते नहीं थे सिवाय एक दोस्त के जो 6 लोगों के साथ एक छोटे से कमरे में रहता था।

अग्निपथ में मिथुन चक्रवर्ती के मद्रासी डायलॉग को दीपेश ठीक उसी टोन में घर में भी बोलने लगे थे।

भाबीजी घर पर हैं शो (Bhabiji Ghar Par Hain) में विभूति नारायण और तिवारी से चांटा खाने वाले मलखान यानी दीपेश भान ना सिर्फ रील लाइफ में पीटते हैं बल्कि असल जिंदगी में भी खूब चाटे खाए हैं। बात उन दिनों की है जब मलखान में एक्टिंग के कीड़े पनप रहे थे और टीवी पर फिल्में देख उनके डायलॉग बोला करते थे। उन दिनों को याद कर दीपेश भान ने एक इंटरव्यू में बताया था कि वह अमिताभ बच्चन की फिल्म अग्निपथ देख काफी प्रभावित हुए थे। खासकर मिथुन से।

अग्निपथ में मिथुन चक्रवर्ती के मद्रासी डायलॉग को दीपेश ठीक उसी टोन में घर में भी बोलने लगे थे। जब-जब वे मद्रासी में घर पर बात करते उनकी मां उनको खूब पीटतीं। दीपेश बताते हैं कि इस बात के लिए भी उनको खूब मार पड़ी है कि किसी की बारात घर के सामने से गुजरती थी, उसमें जाकर नाचने लगते थे। दिल्ली में रहते हुए दीपेश भान को एक्टिंग में दिलचस्पी तो जगी ही साथ ही क्रिकेट और डासिंग में भी उनके रूझान बढ़ने लगे थे। बता दें कि दीपेश बॉलीवुड के कोरियोग्राफर श्यामक डाबर के साथ भी काम कर चुके हैं।

एक्टिंग को करियर बनाने के लिए दीपेश जब मुंबई आए तो यहां का संघर्ष देख उनकी हिम्मत टूट गई थी। मुंबई में वे किसी को जानते नहीं थे सिवाय एक दोस्त के जो 6 लोगों के साथ एक छोटे से कमरे में रहता था। दीपेश को भी इन्हीं हालात में वक्त गुजारना पड़ा। लेकिन इसके बाजवूद वे अपनी हिम्मत को बनाए रखे और एक दिन इसी ने उन्हें मुकाम तक पहुंचाया।

दीपेश भान बताते हैं कि वे दिल्ली में ही पले बढ़े हैं। एक्टिंग का बचपन से ही शौक होने के कारण स्कूल में अभिनय में भाग लिया करते थे। इसके बाद जैसे वे बड़े होते गये, उनका एक्टिंग का जोश और बढ़ता गया। दीपेश ने दिल्ली से स्नातक करने के बाद नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा में एडमिशन ले लिया। दीपेश बताया कि आज भाबीजी में जिस भाषा का इस्तेमाल करते हैं,  NSD के दौरान ही लोगों से सीखी। उनके मुताबिक उनके कुछ दोस्त इस भाषा में बोला करते थे, जिनसे इंस्पायर होकर उन्होंने यह भाषा सीखी। कभी बचपन में मां से चांटें खाने वाले मलखान शो में चांटें खाने के25 हजार रुपये लेते हैं।

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