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जब मिथुन चक्रवर्ती को ममता बनर्जी ने श्मशान घाट में दिया था राज्यसभा भेजने का ऑफर, दिलचस्प है किस्सा

साल 2014 में जब दूसरी बार ममता बनर्जी ने उन्हें राज्यसभा भेजने का ऑफर दिया तब भी वह कुछ खास इच्छुक नहीं थे। मिथुन ने ममता बनर्जी को इस फैसले पर दोबारा विचार करने को कहा...

mamata banerjee, mithun chakraborty, bengal chunav 2021ममता बनर्जी और मिथुन चक्रवर्ती (Photo- PTI)

अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल हो गए हैं। उन्होंने कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में बीजेपी का झंडा थामा। कहा जा रहा है कि मिथुन चुनाव नहीं लड़ेंगे लेकिन पार्टी की तरफ से स्टार प्रचारक की भूमिका निभाएंगे। आपको बता दें कि पिछले दिनों उनकी मुलाकात आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत से हुई थी, इसके बाद से ही अटकलें लगाई जा रही थीं कि वह पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी का दामन थाम सकते हैं।

नक्सल आंदोलन में भी थे सक्रिय: आपको बता दें कि मिथुन चक्रवर्ती नक्सल आंदोलन में भी सक्रिय रहे थे। इसके चलते कई महीनों अंडरग्राउंड भी रहे। हालांकि बाद में उनका मोहभंग हो गया। फिर सीपीएम से काफी समय तक उनका जुड़ाव रहा। 80 के दशक में उन्होंने सीपीएम के लिए तमाम स्टेज शो किए और इसके लिए कोई पैसे नहीं लिए।

CPM से भी रहा जुड़ाव: 1986 में साल्ट लेक स्टेडियम में होप-86 के नाम से एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसका उद्देश्य बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए फंड जुटाना था। मिथुन इस कार्यक्रम में अमिताभ बच्चन और रेखा जैसे सेलेब्स को लेकर आए। सीएम ज्योति बसु भी इस कार्यक्रम में मंच पर मौजूद थे। ऐसे तमाम कार्यक्रमों में मिथुन ने निशुल्क परफॉर्मेंस दी। ज्योति बसु के जाने के बाद मिथुन का सीपीएम से नाता भी टूट गया।

इसके बाद ममता बनर्जी से करीबी बढ़ी और दीदी ने उन्हें राज्यसभा भेजा। हालांकि इंडियन एक्सप्रेस को दिए एक इंटरव्यू में मिथुन ने दावा किया था कि ममता बनर्जी ने इससे पहले (2014 में राज्यसभा भेजे जाने से पहले) 10 साल पहले भी उन्हें अप्रोच किया था और राज्यसभा भेजने का ऑफर दिया था, तब उन्होंने इस ऑफर को ठुकरा दिया था।

 

‘दोबारा सोच लीजिये’: साल 2014 में जब दूसरी बार ममता बनर्जी ने उन्हें राज्यसभा भेजने का ऑफर दिया तब भी वह कुछ खास इच्छुक नहीं थे। वरिष्ठ पत्रकार राशिद किदवई ने अपनी किताब ‘नेता-अभिनेता: बॉलीवुड स्टार पावर इन इंडियन पॉलिटिक्स’ में भी इस किस्से का जिक्र करते हुए लिखा है कि मिथुन ने ममता बनर्जी को इस फैसले पर दोबारा विचार करने को कहा। इसपर दीदी ने उन्हें जवाब दिया कि आप नॉमिनेशन पेपर फाइल करिए तब तक मैं विचार करती हूं।

 

श्मशान घाट में मिली खबर: मिथुन के नाम पर माथापच्ची चल ही रही थी कि इसी दौरान अभिनेत्री सुचित्रा सेन का निधन हो गया। मिथुन उनके अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए कोलकाता पहुंचे थे। कोलकाता केवड़ातला श्मशान घाट में सुचित्रा सेन का अंतिम संस्कार किया जा रहा था। इसी दौरान दीदी ने मिथुन से कहा कि वह अपना मन बना चुकी हैं और वही पार्टी की तरफ से उम्मीदवार होंगे।

 

इस वजह से ‘दीदी’ से बना ली दूरी: राज्यसभा सदस्यता के कुछ महीनों बाद ही मिथुन चक्रवर्ती का नाम करोड़ों के शारदा चिटफंड घोटाले में आ गया और ईडी ने उनसे पूछताछ भी की। कथित तौर पर इस घटना के बाद मिथुन पैनिक हो गए और उन्हें लगा कि वे ममता बनर्जी और नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली एनडीए सरकार की सियासी खींचतान के शिकार हो सकते हैं। अप्रैल 2015 में सीबीआई ने उन्हें क्लीन चिट भी दे दी। लेकिन दीदी से रिश्तों में दरार की शुरुआत हो चुकी थी।

मई 2016 में हुए विधानसभा चुनाव में मिथुन TMC के लिए प्रचार में भी नहीं उतरे और इसके कुछ महीनों बाद ही स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए उन्होंने राज्यसभा की सदस्यता इस्तीफा दे दिया था।

 

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