मंत्री का बेटा गिरफ्तार हुआ है या ससुराल आया है? वीडियो शेयर कर डायरेक्टर ने कसा तंज, फिल्ममेकर ने भी साधा निशाना

फिल्ममेकर विनोद कापड़ी ने कहा है कि 2014 से पहले ये हुआ होता तो अजय मिश्रा को अगले दिन ही इस्तीफा देना पड़ता और हिंसा के तुंरत बाद उनके बेटे की गिरफ़्तारी हो चुकी होती।

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आशीष मिश्रा को शनिवार देर रात गिरफ्तार किया गया (Photo-Indian Express)

उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी हिंसा के मुख्य आरोपी केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा टेनी के बेटे आशीष मिश्रा को शनिवार देर रात गिरफ्तार कर लिया गया है। लंबी पूछताछ के बाद उन्हें तीन दिनों की रिमांड पर जेल भेज दिया गया। उनकी गिरफ़्तारी में हुई देरी और अजय मिश्रा के पद पर बने रहने को लेकर सोशल मीडिया पर कई लोग सवाल उठा रहे हैं। फिल्ममेकर विनोद कापड़ी ने कहा है कि 2014 से पहले ये हुआ होता तो अजय मिश्रा को अगले दिन ही इस्तीफा देना पड़ता और हिंसा के तुंरत बाद उनके बेटे की गिरफ़्तारी हो चुकी होती।

अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से किए गए एक ट्वीट में विनोद कापड़ी ने लिखा, ‘2014 से पहले का मीडिया होता तो नरसंहार के दिन ही मोनू गिरफ़्तार होता और अगले दिन ही पिता की कैबिनेट से छुट्टी हो चुकी होती।’ विनोद कापड़ी का ये भी कहना है कि अगर सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में उत्तर प्रदेश सरकार और पुलिस को फटकार नहीं लगाई होती तो गिरफ़्तारी संभव नहीं थी। उन्होंने अपने एक ट्वीट में लिखा, ‘सुप्रीम कोर्ट का दखल नहीं होता तो इस मोनू का कुछ नहीं होने वाला था।’

वहीं बॉलीवुड डायरेक्टर अविनाश दास ने अपने ट्विटर हैंडल से एक वीडियो ट्वीट किया है जिसमें एक पुलिस वाला गिरफ्तार आशीष मिश्रा उर्फ़ मोनू के लिए नाश्ता ले जाता हुआ दिख रहा है। वीडियो शेयर करते हुए डायरेक्टर ने तंज़ किया है, ‘मंत्री का बेटा गिरफ़्तार हुआ है या ससुराल आया है? समोसे जलेबी से ख़ातिरदारी क्यों हो रही है? कोई बताएगा?’

पूर्व आईएएस अधिकारी सूर्य प्रताप सिंह भी इस मामले पर लगातार अपनी आवाज़ उठाते आए हैं। आशीष मिश्रा की गिरफ़्तारी के लिए उन्होंने सुप्रीम कोर्ट को शुक्रिया कहा है और अपने एक ट्वीट में लिखा, ‘शुक्रिया सुप्रीम कोर्ट, मोनू मिश्रा को सलाखों के पीछे पहुंचाने के लिए। अब मंत्री टेनी जाना चाहिए।’ सूर्य प्रताप सिंह ने अपने एक और ट्वीट में लिखा, ‘बस चुप न रहो, वो भी जाएगा।’

शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में लखीमपुर खीरी हिंसा मामले की सुनवाई हुई थी जहां कोर्ट ने यूपी की सरकार को जमकर फटकार लगाई थी। कोर्ट ने कहा था कि अब तक मुख्य आरोपी आशीष मिश्रा की गिरफ़्तारी क्यों नहीं हुई।

इसके बाद शनिवार को आशीष मिश्रा पूछताछ के लिए पुलिस के सामने हाज़िर हुए जहां उनसे करीब 12 घंटे पूछताछ की गई। डीआईजी उपेन्द्र अग्रवाल ने गिरफ़्तारी के बाद मीडिया से बातचीत की जिसमें उन्होंने बताया कि आशीष मिश्रा पूछताछ के दौरान सवालों का जवाब देने से बचने की कोशिश करते रहे और उन्होंने सहयोग नहीं किया। लखीमपुर खीरी में किसान हत्याकांड के मुख्य आरोपी आशीष मिश्रा पर हत्या, गैर इरादतन हत्या और हत्या की साजिश की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।

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