टीवी की दुनिया में अपनी अदाकारी से पहचान बनाने वालीं और देश की पहली महिला मिमिक्री आर्टिस्ट के तौर पर मशहूर आशा सिंह जायसवाल का 22 अगस्त को मुंबई में निधन हो गया। उन्होंने शाम करीब 7:30 बजे अंतिम सांस ली। उनके बेटे आकाश भारद्वाज ने इसकी पुष्टि की। 23 अगस्त को मुंबई के विले पार्ले स्थित पवन हंस श्मशान घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया गया।

आशा सिंह जायसवाल सिर्फ एक अभिनेत्री नहीं थीं, बल्कि बहुमुखी प्रतिभा की धनी कलाकार थीं। उन्हें खास तौर पर उनकी मिमिक्री के लिए जाना जाता था। वह मशहूर अभिनेत्री मीना कुमारी की आवाज की हूबहू नकल करने के लिए प्रसिद्ध थीं। उनकी आवाज की नकल इतनी प्रभावशाली थी कि मिमिक्री की दुनिया में उन्होंने अपनी अलग पहचान बना ली थी।

‘महाभारत’ में निभाया था कृपी का किरदार

आशा सिंह जायसवाल को सबसे ज्यादा पहचान बी.आर. चोपड़ा के लोकप्रिय टीवी सीरियल ‘महाभारत’ से मिली। इस ऐतिहासिक धारावाहिक में उन्होंने कृपी, यानी द्रोणाचार्य की पत्नी का किरदार निभाया था। उनके अभिनय को दर्शकों ने खूब पसंद किया और इस भूमिका ने उन्हें घर-घर में पहचान दिलाई।

अभिनय के साथ-साथ वह एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में दूसरे क्षेत्रों से भी जुड़ी रहीं। उन्होंने एंटरटेनमेंट मैनेजमेंट में भी काम किया और आशा इवेंट्स एंड फिल्म्स से जुड़ी रहीं। इसके अलावा वह सामाजिक कार्यों में भी सक्रिय थीं।

AICWA ने दी श्रद्धांजलि

आशा सिंह जायसवाल के निधन पर ऑल इंडियन सिने वर्कर्स एसोसिएशन (AICWA) ने भी शोक जताया। एसोसिएशन ने उन्हें इंडियन एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में दशकों तक योगदान देने वाली मल्टीटैलेंटेड आर्टिस्ट बताया। श्रद्धांजलि संदेश में उनके अभिनय, मिमिक्री और सामाजिक कार्यों को याद किया गया।

उनके बेटे आकाश भारद्वाज ने अपनी मां को एक कर्मठ ‘आयरन लेडी’ बताते हुए उन्हें याद किया। उन्होंने लोगों से उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करने और उनके काम को देखते-याद करते रहने की अपील की, ताकि उनकी कलात्मक विरासत आने वाली पीढ़ियों तक जिंदा रहे।

आशा सिंह जायसवाल का जाना भारतीय टेलीविजन और मिमिक्री की दुनिया के लिए एक बड़ी क्षति है। अभिनय के साथ मीना कुमारी जैसी दिग्गज अदाकारा की आवाज को अपनी कला के जरिए जीवंत करने वालीं आशा सिंह ने मनोरंजन जगत में ऐसी पहचान छोड़ी है, जिसे लंबे समय तक याद किया जाएगा।