सत्यजीत रे 2 मई 1921 को कोलकाता में जन्मे थे। सत्यजीत रे ने भारतीय सिनेमा को ग्लोबल मंच तक ना सिर्फ पहुंचाया था बल्कि तारीफ भी हासिल कराई थी। अगर आप सिनेमा को सिर्फ मनोरंजन नहीं बल्कि एक अनुभव की तरह देखते हैं, तो सत्यजीत रे की फिल्में आपके लिए किसी खजाने से कम नहीं हैं। उनकी कहानियां सरल होती हैं मगर वो इंसान और उसकी भावनाओं को गहराई से समझाती हैं।

आज हम आपको सत्यजीत रे की 5 ऐसी मास्टरपीस फिल्मों के बारे में बताने वाले हैं, जो आप सिनेमा लवर हैं तो आपको जरूर देखना चाहिए-

  1. पाथेर पंचाली (Pather Panchali)

सत्यजीत रे ने अपु ट्रिलॉजी बनाई थी जो तीन संवेदनशील फिल्मों की सीरीज था, इस सीरीज की पहली फिल्म थी ‘पाथेर पंचाली’। ये अपु के बचपन की कहानी है जिसमें गरीबी के साथ गांव का जीवन और परिवार के संघर्ष को दिखाया जाता है। इस फिल्म की कहानी दिल को छू जाती है इसलिए इसे भारतीय सिनेमा की नींव की तरह देखी जाती है। इस फिल्म को कई अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार मिले थे।

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  1. अपराजितो (Aparajito)

यह अपु ट्रिलॉजी की दूसरी फिल्म है। इसमें अपु के बड़े होने की कहानी है। गांव से शहर तक का सफर, मां-बेटे का रिश्ता और बदलते जीवन का सच सब कुछ बहुत सादगी से दिखाया जाता है।

  1. अपूर संसार (Apur Sansar)

यह अपु ट्रिलॉजी का तीसरा और अंतिम हिस्सा है। यह फिल्म प्यार, जिम्मेदारी और व्यक्तिगत दर्द की कहानी है। इसमें अपु की शादी होती है और इंसान के अंदर चल रहे भावनात्मक संघर्ष को इस फिल्म में बहुत खूबसूरती से दिखाया गया है।

  1. चारुलता (Charulata)

यह फिल्म एक अकेली महिला की भावनात्मक दुनिया को दिखाती है। अपने वक्त से बहुत आगे की ये कहानी थी- फिल्म में एक महिला की इच्छा, उसका अकेलापन और उसकी संवेदनशीलता- सब कुछ बहुत बारीकी से दिखाया गया है।

  1. शतरंज के खिलाड़ी (Shatranj ke Khilari)

यह फिल्म इतिहास पर आधारित है और भारत के सामाजिक-राजनीतिक हालात को दिखाती है। इसमें दो नवाब शतरंज में इतने डूबे रहते हैं कि असली दुनिया में क्या हो रहा है, उससे अनजान रहते हैं।

Satyajit Ray की फिल्मों की खासियत यह है कि इनमें शोर नहीं होता, फिल्म शांति से चलती है लेकिन वो आपको अंदर तक झकझोर कर रख देती है। अगर आप सिनेमा को महसूस करना चाहते हैं तो आपकी वॉच लिस्ट में सत्यजीत रे की ये 5 फिल्में जरूर होनी चाहिए।

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